गोरखपुर में कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की 27 सितंबर को हुई मौत की जांच कर रही सीबीआई की टीम मंगलवार को रामगढ़ताल क्षेत्र के होटल कृष्णा पैलेस पहुंची और कमरा नंबर 512 को खुलवाकर साक्ष्य एकत्र किए। घटना के दिन मनीष और उनके दोस्त इस कमरे में ही ठहरे थे। घटना के बाद गठित कानपुर एसआईटी ने इस कमरे को सील कराया था।
मनीष हत्याकांड: सीबीआई ने खुलवाया होटल का कमरा नंबर 512, चार घंटे में जुटाए गए अहम साक्ष्य
जानकारी के मुताबिक, सीबीआई ने मंगलवार सुबह से फॉरेंसिक जांच की प्रक्रिया शुरू की। टीम फॉरेंसिक एक्सपर्ट के साथ करीब 10:45 बजे होटल कृष्णा पैलेस पहुंची। फॉरेंसिक टीम के छह सदस्य और दो अधिकारी मौजूद रहे। टीम ने मनीष के गुरुग्राम के दोस्त हरबीर और प्रदीप से पूछताछ भी की। घटना वाली रात हरदीप और प्रदीप मनीष के साथ होटल के कमरे में थे।
इसी तरह मनीष के होटल में ठहरने की व्यवस्था करने वाले गोरखपुर के चंदन सैनी, राणा प्रताप, धनंजय को भी होटल बुलाया गया था। मनीष के कमरे में घटना के दिन गए पुसिकर्मियों के साथ होटल के मैनेजर आदर्श पांडेय को भी बुलाकर जानकारी ली गई। पुलिस के पहरे में मौजूद कमरा नंबर 512 को सीबीआई ने खुलवाया और फॉरेंसिक टीम के साथ जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। कानपुर एसआईटी के साक्ष्यों का अध्ययन किया, फिर खून के धब्बे वाली जगहों की जांच की।
एसआईटी को सीढ़ियों और लिफ्ट के पास खून के धब्बे मिले थे। पुलिस की गाड़ी में खून के धब्बे पाए गए थे। टीम के सदस्य जांच के दौरान दोपहर में उस लिफ्ट से साक्ष्य संकलन कर उसी रास्ते ऊपर गए। जांच की प्रक्रिया दोपहर 2:40 बजे तक चली। पूरे दिन की प्रक्रिया के बाद फॉरेंसिक टीम देर शाम सर्किट हाउस चली गई। सीबीआई टीम शहर में अभी मामले में और जांच करेगी।
न्यायिक हिरासत का समय पूरा, अब सीबीआई लेगी फैसला
जानकारी के मुताबिक जेल में बंद आरोपी तत्कालीन इंस्पेक्टर जेएन सिंह, दरोगा अक्षय मिश्रा, राहुल दुबे, विजय यादव, हेड कांस्टेबल कमलेश यादव व कांस्टेबल प्रशांत कुमार की न्यायिक हिरासत की समयसीमा बुधवार को पूरी हो रही है। अब सीबीआई न्यायिक हिरासत की समयसीमा बढ़ाने की अपील करेगी या सभी आरोपियों को दिल्ली शिफ्ट करेगी। यह देखने वाली बात है। मामले की सुनवाई सीबीआई की दिल्ली अदालत में ही होनी है।
चार घंटे तक हुई कमरे की जांच
होटल में करीब चार घंटे तक सीबीआई ने जांच-पड़ताल की। कमरा नंबर 512 के साथ ही होटल की सीढ़ी और लिफ्ट से भी टीम ने फोरेंसिक नमूने लिए। लिफ्ट को चलाकर देखा, जो कि घटना के बाद से बंद है। एसआईटी ने जांच के दौरान सीढ़ी को प्लास्टिक लगाकर सील किया था। लिफ्ट भी सील थी। इस कारण सीबीआई को जांच में कोई दिक्कत नहीं हुई। सीबीआई ने कमरे में घटना कैसे घटी, क्या-क्या हुआ होगा, इन सभी बिंदुओं को बारीकी से जांचा-परखा है।
रामगढ़ताल थाने की गाड़ी से नमूने लिए
सीबीआई की टीम होटल से निकलकर करीब पौने तीन बजे रामगढ़ताल थाने गई। पुलिस की उस गाड़ी (यूपी 53 एजी 1354) से नमूने लिए, जिससे मनीष को होटल से हॉस्पिटल तक ले जाया गया था। यहां करीब 45 मिनट तक फॉरेंसिक टीम रही। गाड़ी को सीज करके खड़ा कराया गया है। लंबे समय से खड़ी होने की वजह से गाड़ी का गेट खोलने में काफी समय लग गया। जांच के बाद गाड़ी फिर सीज कर दी गई।
दोस्तों से भी पूछताछ
मनीष के दोस्तों को भी एनेक्सी भवन बुलाया गया था। घंटे भर सीबीआई ने उनसे पूछताछ की। इसके बाद सभी दोस्त निकल गए। उधर, फॉरेंसिक टीम भी निकल गई। जबकि सीबीआई टीम अभी ठहरी हुई है।
