गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा में तैनात सिपाहियों (पीएसी जवान) पर हमला करने के आरोपी मुर्तजा के चाचा डॉ. खालिद अब्बासी रविवार शाम छह बजे के करीब गोरखपुर स्थित एटीएस कार्यालय पहुंचे थे। करीब आधे घंटे तक दफ्तर के पास मौजूद रहे, लेकिन गोरखपुर एटीएस ने बयान दर्ज नहीं किया। वहीं सोमवार सुबह एटीएस ने मुर्तजा को गोरखपुर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 16 अप्रैल तक पुलिस रिमांड में रखने का आदेश हो गया है।
मुर्तजा गोरखपुर कोर्ट में हुआ पेश: चाचा डॉ. अब्बासी पहुंचे एटीएस दफ्तर, नहीं दर्ज हुआ बयान
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जानकारी के मुताबिक, एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने गोरखनाथ प्रकरण में आरोपी मुर्तजा के चाचा और अब्बासी नर्सिंग होम के मालिक डॉ. खालिद अब्बासी को पूछताछ के लिए बुलाया था। शुक्रवार देर शाम उन्हें नोटिस दिया गया और शनिवार को लखनऊ बुलाया था। उम्र का हवाला देकर डॉ. अब्बासी ने लखनऊ हेड ऑफिस जाने से मना करते हुए गोरखपुर ऑफिस में पूछताछ व बयान दर्ज करने का आग्रह किया था। इसके लिए उन्होंने कानून का हवाला दिया। लखनऊ एटीएस के अफसरों से बातचीत के बाद रविवार को डॉ. अब्बासी फिर एटीएस गोरखपुर के दफ्तर पहुंचे, लेकिन बयान दर्ज नहीं हो सका।
दरअसल, गोरखपुर एटीएस की टीम ने डॉ. अब्बासी के दफ्तर आने की बात अपने मुख्यालय को बताई तो वहां से बयान दर्ज करने से मना कर दिया गया। एटीएस ने नोटिस में डॉक्टर को आधार कार्ड, निवास प्रमाणपत्र सहित अन्य जरूरी दस्तावेज के साथ बुलाया है।
उधर, गिरफ्तारी के बाद गोरखपुर कोर्ट ने मुर्तजा का रिमांड 11 अप्रैल दोपहर दो बजे तक दिया था। बाद में रिमांड बी पर एटीएस की टीम मुर्तजा को लेकर लखनऊ चली गई थी। यही वजह है कि अब मुर्तजा का रिमांड बढ़ाने के लिए कोर्ट में पेश किया जाएगा।
डॉ. अब्बासी ने मेल से दिया था जवाब
एटीएस ने डॉ. अब्बासी को ई-मेल से नौ अप्रैल को नोटिस भेजा था। सहयोग नहीं करने पर धारा 174 के तहत विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। नोटिस मिलने के बाद डॉ. अब्बासी शनिवार को गोरखपुर स्थित एटीएस दफ्तर में बयान देने गए। हालांकि, बयान नहीं दर्ज हुआ। इसके बाद एटीएस मुख्यालय को ई-मेल भेजकर नोटिस का जवाब दिया है। उन्होंने गोरखपुर में ही बयान दर्ज कराने का अनुरोध एटीएस से किया था।