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नेपाली कामगारों को सताने लगी रोजगार की चिंता, बोले- 'बीमारी से पहले भूख से ही हो जाएगी मौत'

Sun, 13 Sep 2020 10:29 AM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज। Published by: vivek shukla Updated Sun, 13 Sep 2020 10:29 AM IST
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Nepali workers want to enter India for employment
indo-nepal border - फोटो : अमर उजाला।
नेपाली कामगारों को अब रोजगार की चिंता सताने लगी है। मार्च में लॉकडाउन के दौरान भारत के विभिन्न शहरों से नेपाल लौटे नेपाली नागरिक अब भारत आना चाहते हैं। लेकिन सील सीमा उनके मंसूबों पर पानी फेर दे रही है। वर्षों से भारत में रोजगार कर अपनी आजिविका चलाने वाले नेपाली नागरिक इन दिनों बेहद परेशान हैं। हर दिन करीब दो से पांच सौ नेपाली कामगार सोनौली सीमा से लौटा दिए जाते हैं। उनमें से कुछ लोग जोखिम उठाते हुए पगडंडी से प्रवेश भी कर जाते हैं।
Nepali workers want to enter India for employment
indo-nepal border - फोटो : अमर उजाला।

नेपाली नागरिकों का कहना है कि अब तो गांव में कर्ज भी नहीं मिल रहा है। न व्यापार रहा, न ही कोई रोजगार देता है। ऐसे में भारत आना ही बेहतर है क्योंकि वहां तो रोजी रोटी का जुगाड़ हो ही जाएगा। भारत जाने के लिए सरहद पर पहुंचे हरिश्चंद्र, प्रमोद चौधरी, कृष्ण प्रसाद, गोपाल, सच्चिदानंद, प्रदीप आदि ने बताया कि कोरोनो महामारी की शुरुआत के बाद भारत में लॉकडाउन के कारण उद्योग धंधे बंद हो गए थे। ऐसे में नेपाल अपने घर आना पड़ा। वहीं अब भारत में सब कुछ समान्य हो गया है। फैक्ट्रियों में काम काज शुरू हो गया है। इस वजह से वहां जाकर फिर काम शुरू करने की इच्छा है। लेकिन सीमा सील होने के कारण जाने को नहीं मिल रहा है। नियम कानून के पेच में हम सभी को काम धंधा नहीं मिल पा रहा है। अब तो परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। घर आए करीब पांच माह हो गया, लेकिन हमें कोई पूछने वाला नहीं है। गांव में कोई ऋण नहीं दे रहा है और न कोई रोजगार के साधन दिख रहे हैं।

Nepali workers want to enter India for employment
indo-nepal border - फोटो : अमर उजाला।

इंस्पेक्टर बेलहिया ईश्वरी अधिकारी ने बताया कि सोनौली सीमा से करीब पचास हजार लोगों को लॉकडाउन की अवधि में नेपाल में प्रवेश मिला है। ऐसे बहुत लोग हैं जिन्हें सीमा सील होने की जानकारी नहीं है। अज्ञानतावश सरहद पर पहुंच रहे हैं और भारत में जाने की जिद कर रहे हैं। वहीं चौकी प्रभारी सोनौली अशोक कुमार ने बताया कि सीमा सील होने के कारण किसी को आने की अनुमति नहीं है। अधिकृत प्रवेश की अनुमति लेकर आने वालों को ही छूट है।

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Nepali workers want to enter India for employment
Indo nepal border - फोटो : अमर उजाला।

विभिन्न शहरो में था काम धंधा
भारत में विभिन्न कंपनियों में काम करने वाले नेपाली नागरिकों का कहना है कि उन्हें नेपाल में कोई रोजगार नहीं मिल रहा है। सुर्खेत नेपाल के रहने वाले विनोद कुमार बिष्ट ने कहा कि कोरोनो महामारी के कारण अपना होटल व्यवसाय छोड़ दिया और पांच महीने पहले भारत से नेपाल लौट आए। भारत के गुजरात में अपना होटल खोले थे। मुगा की रहने वाली विजया कार्की ने बताया कि बंबई में घरो में काम करती थी। लेकिन अब जाने को नहीं मिल रहा है। विजया ने बताया कि अब भारत जाने को नहीं मिल रहा है और न ही नेपाल में काम मिल रहा है, तो बीमारी से पहले भूख से ही मौत हो जाएगी।

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Nepali workers want to enter India for employment
indo-nepal border - फोटो : अमर उजाला।
पगडंडी बना सहारा
जिन नेपाली नागरिकों के पास भारत का आधार कार्ड है। उन्हें तो भारत के कुछ नाको से प्रवेश मिल जाने की सूचना मिल रही है। लेकिन जिनके पास नहीं है। उन्हें सरहद से लौटाया जा रहा है। ऐसे में वे पगडंडियों का सहारा लेने लगे हैं।

नेपाल के इन स्थानों से सरहद तक पहुंच रहे लोग
नेपाल के दांग, चितवन, बीरगंज, परसा, रूपनदेही, नवलपरासी, कपिलवस्तु, सिरहा, सुनसरी, कैलाली आदि जिलों से अब लोग भारत जाने की तैयारी में लगे हैं। यहां के लोग भारत के बनारस, लखनऊ, गोरखपुर, बिहार, दिल्ली, मुंबई, गुजरात, कोलकाता, हैदराबाद, गाजियाबाद, नोयडा, हरियाणा, सहित अन्य शहरों में काम करते थे।
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