जल्द ही बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमित होटल में रुक सकेंगे। अगर कोई मरीज स्वेच्छा से होटल में रहने की मांग करेगा तो प्रशासन की ओर से अनुमति प्रदान की जाएगी। होटल में दो तरह के कमरों का विकल्प मिलेगा। एक ही रूम में दो मरीजों वाले बेड के लिए एक हजार रुपये और अलग से सिर्फ एक रूम के लिए 1600 रुपये खर्च करने होंगे।
अब होटल में रह सकेंगे बिना लक्षण वाले कोरोना मरीज, देना होगा ये मामूली शुल्क
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इसमें नाश्ता और खाने का शुल्क शामिल है। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने होटलों की सूची तैयार करनी शुरू कर दी है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि ज्यादातर होटल प्रबंधन से बातचीत हो गई है। रविवार तक सूची तैयार हो जाएगी। अगले सप्ताह से बिना लक्षण वाले मरीजों को यह सुविधा भी मिलने लगेगी।
दरअसल, मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। आलम यह है कि रेलवे अस्पताल में बना 200 बेड का आइसोलेशन वार्ड भर गया है। मेडिकल कॉलेज में गंभीर मरीज ही भर्ती किए जाते हैं। प्रशासन ने स्पोर्टस कॉलेज में भी 200 बेड का अस्पताल तैयार कराया है। वहां भी मरीज भर्ती किए जाने लगे हैं। उधर, बिना लक्षण वाले कई मरीज भी स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से अनुरोध कर रहे थे कि वे पूरी तरह से ठीक हैं ।
ऐसे में उन्हें कहीं होटल या घर पर एकांत में रहने दिया जाए। इस पर जिला प्रशासन ने होटल में रुकवाने की मांग पर सहमति जताते हुए पूरा वर्क प्लान तैयार कर शासन को भेजा था। बकौल ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शासन ने मंजूरी दे दी है। अब होटलों की सूची फाइनल की जा रही है।
स्वास्थ विभाग की टीम लगातार करती रहेगी मॉनीटरिंग
होटलों में रहने वाले गैर लक्षण वाले मरीजों की स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार मॉनीटरिंग करती रहेगी। मरीजों को खाना और नाश्ता भी होटल की ही तरफ से दिया जाएगा। इसके लिए जो जरूरी सावधानियां होंगी, वह भी स्वास्थ्य विभाग की तरफ से वहां के कर्मचारियों को बताया जाएगा।