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बाढ़ पीड़ितों का दर्द: चंद घंटों में उजड़ गया आशियाना, फफक कर रो पड़े लोग, बोले- सबकुछ बर्बाद हो गया
Fri, 03 Sep 2021 01:02 PM IST
vivek shukla
अभिमन्यु राय/आलोक दुबे, गोरखपुर।
अभिमन्यु राय/आलोक दुबे, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 03 Sep 2021 01:02 PM IST
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के भरवलिया और बसावनपुर गांव के सैकड़ों ग्रामीण रात में जब सोने पहुंचे तो उनमें नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंता तो थी मगर भोर में ही आफत टूट पड़ेगी यह किसी ने नहीं सोचा था। चार बजे ही गांव में चीख-पुकार मच गई। उधर सूरज ने रोशनी फैलाई और इधर गांव के तमाम घरों में अंधेरा पसरने लगा। कई सालों से पाई-पाई जोड़कर तैयार हुआ आशियाना चंद घंटों में आंखों के सामने उजड़ गया। करीब 10 घंटे बाद बचाव कार्य के लिए पहुंचे एनडीआरएफ के जवानों और एडीएम फाइनेंस राजेश सिंह को देखकर कई बुजुर्ग और महिलाएं दुख से फफक पड़े। बांध टूटने के बाद गांवों में जैसे ही नदी का पानी पहुंचा ग्रामीणों की आंखों के सामने 1998 की बाढ़ का भयावह मंजर नाच उठा। गांव में निचले तरफ बने घरों में तो जैसे आफत टूट पड़ी हो।
गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
बच्चों और मवेशियों को संभालकर गांव में ही ऊंचे स्थानों पर बने घरों में शरण लेने भर में कई के घरों में चार से पांच फीट का पानी लग गया तो कई की झोपड़ी टूट गई। कुछ अपनी ही छत पर जाकर शरण लिए जिन्हें दोपहर बाद बचावकर्मियों ने सुरक्षित बाहर निकाला।
गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
दरअसल 1998 की बाढ़ के बाद गांव के संपन्न लोगों ने गांव में ही ऊंची तरफ जाकर घर बना लिया। ऐसे में उन्हें तो राहत मिल गई। लेकिन नीचे की तरफ रह रहे कई मजबूर ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही है।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
करीब 10 घंटे बाद एनडीआरएफ और एडीएम फाइनेंस राजेश सिंह भरवलिया पहुंचे तो गांव की ही मुन्नी मिश्रा उन्हें देख फफक पड़ी। मां को रोता देख बच्चे भी रो पड़े। बिलखते हुए मुन्नी ने एडीएम से अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि उनका सबकुछ बर्बाद हो गया। कच्चे घर में जो भी सामान था सब नष्ट हो गया। बच्चों और अपनी जान बचाने के चक्कर में जो दो-चार सौ रुपये थे वे भी वहीं छूट गए। चार दिन पहले पति बृजराज भी पैसे कमाने परदेस चले गए हैं। अब कैसे गुजर-बसर होगी?
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
एडीएम ने कहा, चिंता न करें। प्रशासन सभी बाढ़ पीड़ितों की पूरी मदद करेगा। किसी को भी खाने-पीने और इलाज की दिक्कत नहीं होने देंगे। जो लोग घर नहीं छोड़ना चाहते हैं, उन सभी तक खाने-पीने के जरूरी सामान पहुंचाए जाएंगे।