गोरखपुर जिले के खजनी के रामपुर मलौली गांव में सगे भाई-बहन की मौत से घर में मातम छा गया। राजघाट तट पर शुक्रवार शाम एक साथ भाई-बहन की चिताएं जलीं तो सबकी आंखें नम हो गईं। सभी उनके इस आत्मघाती कदम पर अफसोस जताते रहे। उनका कहना था कि भाई-बहन के एक साथ खुदकुशी करने की घटना संभवत: पहली बार हुई है। इस घटना से झकझोर दिया है।
भाजपा के जिला उपाध्यक्ष के बेटे-बेटी की मौत: एक साथ जलीं भाई-बहन की चिताएं, सबकी आंखें हुई नम
घरवालों के मुताबिक, घटना के कुछ देर पहले परिवार के सभी सदस्य साथ में ही मौजूद थे। किसी को भी नहीं लग रहा था कि कोई ऐसा कदम उठा लेगा। दोनों ने आत्मघाती कदम क्यों उठाया है, घरवाले भी नहीं बता पा रहे हैं। दो संतानें खोने के बाद छोटेलाल शव लेकर घर नहीं जाना चाह रहे थे।
इस वजह से पोस्टमार्टम के बाद राजघाट तट पर ही दोनों की अंत्येष्टि कर दी गई। भाजपा सांसद रवि किशन शुक्ला ने भी शोक जताया। अंत्येष्टि में शामिल डॉ. सतेंद्र सिन्हा, विश्वजितांशु सिंह आशु, भाजयुमो के महानगर अध्यक्ष सत्यार्थ मिश्रा, उमेश अग्रहरि, डॉ. बच्चा पांडेय नवीन, केएम मझवार, चंदन आर्य व राहुल सैनी ने भी दुख जताया।
बता दें कि खजनी थाना क्षेत्र के रामपुर मलौली गांव निवासी भाजपा के जिला उपाध्यक्ष छोटेलाल मौर्या की बड़ी बेटी पूनम (26) और बेटे सोनू (19) ने शुक्रवार को फंदे से लटक कर खुदकुशी कर ली। बच्चों ने आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इस बारे में परिवार वाले कुछ नहीं बता पा रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, पोस्टमार्टम में दोनों की मौत की वजह हैगिंग (लटकने से) आई है।
भाजपा के जिला उपाध्यक्ष छोटेलाल मौर्या पहले जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं। उनके पांच बच्चों में बड़ी बेटी पूनम और चौथे नंबर के बेटे सोनू ने शुक्रवार को दोपहर घरवालों के साथ नए आवास पर चाय पी थी। इसके बाद दोनों पुराने आवास की ओर चले गए। कुछ देर तक भाई-बहन नहीं आए, तो उन्हें ढूंढते हुए भाजपा नेता की दूसरी बेटी प्रीति पुराने मकान की तरफ गई। कमरे के भीतर दाखिल हुई, तो देखा बड़ी बहन फर्श पर पड़ी है।
भाई सोनू बड़ी बहन के दुपट्टे के सहारे कुंडे से लटक रहा है। प्रीति ने इसकी जानकारी घरवालों को दी। परिजन दोनों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चर्चा है कि भाई-बहन के बीच मामूली विवाद हुआ था। परिजनों ने डांटा-फटकारा तो जान ने दी। बताया जा रहा है कि पूनम भी फंदे से झूली थी, लेकिन रस्सी टूट गई। उसके गले पर रस्सी के निशान मिले हैं।
पांच भाई-बहन में बड़ी थी पूनम
छोटेलाल मौर्या के पांच बच्चों में पूनम सबसे बड़ी थी। सोनू चौथे नंबर का था। पूजा (22), प्रीति (20) और रवि (16) हैं।
समाजशास्त्री व मनोविज्ञानी की बात
मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र मनोवैज्ञानिक सीमा श्रीवास्तव ने कहा कि जिस घर में दो या उससे अधिक बच्चे होते हैं, वहां गलती पर डांट पड़ती है। इससे मन में ईर्ष्या आती है। फिर वे एक दूसरे सेे दूरी बनाने लगते हैं। हो सकता है कि इस केस में भी कुछ ऐसा ही हुआ हो। आपस में विवाद करने पर अभिभावक ने डांट दिया होगा। इसके बाद माता-पिता को सजा देने की सोच कर दोनों ने आत्मघाती कदम उठा लिया। अगर दो बच्चे हैं और उनसे गलती होती है तो उन्हें समझाना चाहिए। किसकी कितनी गलती है, उसे समझाते हुए बताया जाए तो बेहतर रहता है। एक दिन की डांट पर आत्मघाती कदम कोई नहीं उठा सकता।
गोरखपुर यूनिवर्सिटी के समाजशास्त्र सहायक आचार्य डॉ. दीपेंद्र मोहन सिंह ने कहा कि आत्महत्या एक सामाजिक घटना है। वर्तमान समय में सामाजिक मूल्यों में वृहद परिवर्तन हुआ है। इससे सामाजिक संबंध कमजोर पड़ने लगे हैं। बदलते परिवेश में परिवार भी अछूता नहीं है। प्राथमिक संबंध कमजोर हो चुके हैं। इसी वजह से ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
