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अनोखा पुलिस स्टेशन: यूपी के इस थाने में छह साल से नहीं आया कोई फरियादी, पुलिसकर्मियों के लिए सजा है यह स्थान
अमर उजाला नेटवर्क, महराजगंज।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 30 May 2021 04:32 PM IST
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सोहगीबरवा थाना।
- फोटो : अमर उजाला।
आज हम आपको यूपी के एक ऐसे थाने के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसकी हकीकत जानकर आप हैरान रह जाएंगे। उत्तर प्रदेश के हर थाने में दूसरे दिन एक एफआईआर जरूर दर्ज होती होगी। लेकिन प्रदेश के महराजगंज में एक ऐसा थाना है, जहां आज तक लूट, हत्या, डकैती, चोरी जैसे गंभीर अपराध का एक भी केस दर्ज नहीं किया गया है। जी, हां यह बिल्कुल सच है, इस थाने का नाम सोहगीबरवा है।
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सोहगीबरवा थाना।
- फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश-बिहार की सीमा पर जंगल के डकैतों के आतंक को खत्म करने के लिए शासन के आदेश पर 2003 में थाने की स्थापना की गई थी। थाने में एक सब इंस्पेक्टर, एक एसआई, आठ सिपाही ही तैनात थे। हालांकि यह संख्या अक्सर अचानक बढ़ जाती है, क्योंकि जब अफसर नाराज होते हैं तो इसी थाने पर पोस्टिंग करते हैं। पुलिस वालों के लिए यहां पर तैनाती काला पानी की सजा से कम नहीं है।
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सोहगीबरवा थाना।
- फोटो : ट्विटर।
थाने की भौगोलिक स्थिति कुछ ऐसी है कि थाने पर यदि कोई अफसर जाना चाहे तो उसके लिए स्कोर्ट को असलहा जमा करना पड़ता है। थाने पर पहुंचने के लिए कुशीनगर के खड्डा से होते हुए बिहार के पश्चिमी चंपारण के नौरंगिया से होकर जाना पड़ता है। नेपाल के रास्ते जाने के लिए एसपी के स्कोर्ट को निचलौल के झुलनीपुर पुलिस चौकी पर असलहा जमा करना पड़ता है। बाढ़ आने पर चारों ओर से थाना पानी से घिर जाता है। सीधे महराजगंज आने का कोई रास्ता नहीं है। नदी में नाव के सहारे ही सीधे आया जा सकता है या फिर बिहार, नेपाल से होकर आना पड़ता है। बाढ़ के समय में थाने की गाड़ी खड़ी हो जाती है। एक बार तो पुलिस वालों को फाइल बचाने के लाले पड़ गए थे।
सोहगीबरवा थाना।
- फोटो : अमर उजाला।
इस थाने के निरीक्षण पर कोई अफसर नहीं जाता है। यहां तक की फरियादी ना आने की वजह से कई अफसर इस थाने के बारे में जान ही नहीं पाते हैं। करीब साढ़े तीन साल पहले थाने की भौगोलिक स्थिति को जानने के बाद आईजी रहे नीलाब्जा चौधरी ने इस थाने का निरीक्षण किया था। इसके लिए उनको नेपाल बॉर्डर पर असलहा को जमा करना पड़ा था। थाने की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए ही एडीजी जोन दावा शेरपा ने यहां पर विशेष दस्तां का गठन कर दिया है। जिन पुलिस वालों की शिकायत बढ़ जाती है, उसे इस दस्तां में भेज देते हैं। हालांकि एडीजी अपने आदेश में यही लिखते है कि विशेष कार्य दक्षता को देखते हुए पोस्टिंग की जा रही है। अब तक दस से ज्यादा लोगों को इसी तरह उस दस्ते में भेजा चुका है।
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सोहगीबरवा थाना।
- फोटो : अमर उजाला।
सोहगीबरवा थानाध्यक्ष सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि सोहगीबरवा थाना में जनवरी से लेकर मई तीन आबकारी एक, 392 ए, 201 धारा के तहत एक अभियोग पंजीकृत हैं। यहां कोई गंभीर धारा में अभियोग पंजीकृत नहीं है। हालांकि जंगल इलाका होने की वजह से यहां पर पर्याप्त फोर्स की पोस्टिंग है।
