उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा गोरखपुर क्षेत्र के दो सांसदों सहित 125 नेताओं पर भितरघात के आरोप लगे हैं। इनमें क्षेत्रीय पदाधिकारी भी शामिल हैं। इसकी शिकायत पार्टी की प्रदेश व क्षेत्रीय इकाई से की गई है।
UP Election 2022: भाजपा सांसदों ने किया भितरघात, अपनी ही पार्टी को हराने में 125 नेताओं के नाम आए सामने
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विधानसभा चुनाव में जिन सीटों पर हार हुई है, भाजपा उसकी समीक्षा कर रही है। हारे प्रत्याशी भी रिपोर्ट दे रहे हैं। अब तक जो रिपोर्ट आई है, उसके मुताबिक, भितरघात ने बड़ा नुकसान पहुंचाया है। 125 ऐसे नेताओं के नाम सामने आए हैं, जो पार्टी प्रत्याशियों को हराने में आगे रहे हैं। बस्ती और सिद्धार्थनगर के हारे प्रत्याशियों ने कुछ बड़े नेताओं पर चुनाव हरवाने के आरोप लगाए हैं।
बस्ती में विधानसभा की पांच सीटें हैं। इनमें से चार सीटें भाजपा हार गई थी। इसी तरह सिद्धार्थनगर की पांच में से दो विधानसभा सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था। आजमगढ़ की गोपालपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले सत्येंद्र राय ने भाजपा के क्षेत्रीय पदाधिकारी पर चुनाव हरवाने के आरोप मढ़े हैं। इसकी लिखित शिकायत भी की है। आरोप हैं कि क्षेत्रीय पदाधिकारी सहित कुछ नेताओं ने पार्टी प्रत्याशी का खुलकर विरोध किया। मऊ की मधुवन सीट से चुनाव लड़े प्रत्याशी ने किसान मोर्चा के पूर्व पदाधिकारी पर भितरघात के आरोप लगाए हैं।
पांच सीटें कम अंतर से हारी है भाजपा
गोरखपुर क्षेत्र में विधानसभा की पांच सीटें ऐसी हैं, जहां भाजपा कम अंतर से चुनाव हारी है। सिद्धार्थनगर की इटवा और डुमरियागंज विधानसभा सीट के जीत-हार का अंतर ज्यादा नहीं रहा है। इसी तरह बस्ती सदर, महराजगंज की फरेंदा और बलिया की बेल्थरा विधानसभा सीट पर भी हार का अंतर कम है। पार्टी नेतृत्व के मुताबिक, इन सीटों पर 700-1700 मतों के अंतर से हार हुई है।
भाजपा व उसके सहयोगी दलों ने 2017 के विधानसभा चुनाव में 62 में से 46 सीटें जीती थीं। अकेले भाजपा 44 सीटें जीतने में सफल रही थी, लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में ऐसा नहीं हुआ। भाजपा व उसके सहयोगी दलों को 62 में से 37 सीटों पर जीत मिली है।
भाजपा क्षेत्रीय प्रभारी अनूप गुप्ता ने कहा कि जिन सीटों पर हार हुई है, उसकी समीक्षा कराई जा रही है। हारे प्रत्याशी भी रिपोर्ट बनाकर दे रहे हैं। पूरा मामला पार्टी की क्षेत्रीय, प्रदेश व राष्ट्रीय इकाई के संज्ञान में है। जो रिपोर्ट आई है, उसकी अलग से छानबीन कराई जा रही है। जल्द ही उचित फैसला लिया जाएगा।