गोरखपुर बाढ़: नदियों का घट रहा जलस्तर, फिर भी बढ़ रही प्रभावित गांवों की संख्या
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोगों को आने-जाने में असुविधा न हो, इसके लिए बाढ़ प्रभावित गांवों में 334 नावों को लगाया गया है। बाढ़ की वजह से 1,86,724 लोग प्रभावित हुए हैं। जबकि, 15224 हेक्टेयर फसल बर्बाद हुई है।
विगत दिनों हुई भारी बारिश के कारण जनपद की सभी नदियां उफान पर थीं। सर्वाधिक असर सरयू नदी पर था। उसकी वजह से गोला, खजनी तहसील के सैकड़ों गांव बाढ़ के पानी में घिर गए थे। देवरिया होते बिहार जाने वाला रामजानकी मार्ग पर कई किलोमीटर तक पानी चढ़ने के कारण उसे बंद करना पड़ा। बड़हलगंज ब्लॉक के कई प्रमुख मार्गों को बंद करना पड़ा।
अब पानी तेजी से नीचे की तरफ आने लगा है। सोमवार को सरयू नदी अयोध्या में खतरे के निशान से मात्र 9 सेमी ऊपर दर्ज की गई। जबकि, यही नदी बरहज में अब भी खतरे के निशान से 1.61 सेमी ऊपर है। राप्ती नदी बहुत धीरे बढ़ रही है। ऐसा माना जा रहा है कि सरयू का पानी घटने से वह भी मंगलवार से नीचे आना शुरू कर देगी। गोर्रा, नदी नीचे आ रही है फिर भी खतरे के निशान से 85 सेमी ऊपर बह रही है। रोहिन खतरे के निशान से दो मीटर नीचे आ गई है।
बाढ़ खंड-2 अधिशासी अभियंता रूपेश खरे ने बताया कि सरयू नदी की वजह से सबसे अधिक बाढ़ की समस्या थी। उसकी वजह से राम जानकी मार्ग को बंद कर दिया गया था। उसपर कई किलोमीटर तक पानी आ गया था। अब उस पर से पानी उतर गया है। गोला में सरयू नदी का जलस्तर पहले की अपेक्षा 90 सेमी कम हुआ है। राप्ती नदी का पानी बहुत कम बढ़ रहा है। मंगलवार की शाम तक उसके भी नीचे आने की संभावना है। कहीं किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है। विभाग अब भी सतर्क है।