Color In Ear Safety Tips: होली की मस्ती में अक्सर लोग अपने चेहरे और आंखों को बचाने की कोशिश तो करते हैं, लेकिन कानों की सुरक्षा को नजरअंदाज कर देते हैं। कुछ लोग तो इतने बेपरवाह होते हैं कि वे चेहरे और आंखों तक का ख्याल नहीं रखते, जिसका नुकसान उन्हें बाद में भुगतना पड़ता है। कान शरीर का एक बेहद संवेदनशील हिस्सा हैं। इसलिए आइए इस लेख में हम जानते हैं कि अगर होली के पक्के रंग या केमिकल वाला पानी कान के अंदर चला जाए, तो इसके क्या गंभीर परिणाम हो सकते हैं और होली खेलते समय आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
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Holi 2026: कान में चला जाए होली का रंग तो भूलकर भी न करें ये गलती, ऐसे पा सकते हैं राहत
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shikhar Baranawal
Updated Mon, 02 Mar 2026 03:37 PM IST
सार
Ear Infection From Holi Colors: होली खेलते समय अक्सर लोगों के कान में रंग चला जाता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि कान में पक्का रंग या अबीर जाने के बाद लोग जाने-अनजानें में कुछ गलती कर देते हैं, जो उनकी समस्या को और बढ़ा सकता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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होली में हुड़दंग करते हुए बच्चे
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कान बंद होना
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कान में रंग जाने से किन चीजों का जोखिम बढ़ जाता है?
- कान के भीतर अगर पक्के रंग चले जाते हैं तो फंगल और बैक्टीरियल इन्फेक्शन का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
- अगर रंग कान के पर्दे तक पहुंच जाए, तो इससे सुनने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है और तेज दर्द महसूस हो सकता है।
- रसायनों के कारण कान की बाहरी नली में सूजन, लालिमा और लगातार खुजली की समस्या हफ्तों तक बनी रह सकती है।
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कान बंद होना
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क्या गलती नहीं करनी चाहिए?
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- कान में रंग जाने पर उसे निकालने के लिए माचिस की तीली, चाबी या ईयर बड्स का इस्तेमाल बिल्कुल न करें, यह रंग को और अंदर धकेल सकता है।
- कान में अपनी मर्जी से तेल, हाइड्रोजन पेरोक्साइड या कोई भी आई-ईयर ड्रॉप्स न डालें, क्योंकि यह पर्दे को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है।
- कान को जोर से रगड़ने या झटकने की कोशिश न करें, इससे नाजुक ऊतकों में चोट लग सकती है।
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कान
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अगर कान में रंग चला जाए तो कैसे राहत पाएं?
- सबसे पहले सिर को उस दिशा में झुकाएं जिस कान में रंग गया है और उसे धीरे-धीरे हिलाएं ताकि सूखा रंग बाहर गिर जाए।
- बाहरी हिस्से पर लगे रंग को गीले सूती कपड़े से धीरे से पोंछ लें, लेकिन पानी को कान के छेद के भीतर न जाने दें।
- अपनी उंगली से हल्के हाथों से कान को हिलाएं, इससे कान में फंसा रंग बाहर आ सकता है।
- अगर खुजली या भारीपन महसूस हो, तो तुरंत ईएनटी विशेषज्ञ से मिलें ताकि वे सुरक्षित तरीके से 'सक्शन' द्वारा रंग निकाल सकें।
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युवाओं में बढ़ती बहरेपन की समस्या
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होली खेलते समय ये सावधानियां बरतनी जरूरी
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
- रंग खेलने से पहले कानों में रुई लगाएं और बाहरी हिस्से पर थोड़ा सा गरी का तेल लगा लें।
- पक्के और रासायनिक रंगों के बजाय केवल ऑर्गेनिक गुलाल का उपयोग करें।
- आप किसी भी दूसरे को कान के आस-पास रंग न लगाएं, और उन्हें भी ऐसा करने से मना करें।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।