{"_id":"57ae04fe4f1c1b0e56ee441a","slug":"freedom-fighter-s-daughter-in-law-begs-for-her-livelihood-in-bahraich","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"ये हैं आजादी के लड़ाके की बहू, भीख मांग कर करती हैं गुजारा, तस्वीरें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ये हैं आजादी के लड़ाके की बहू, भीख मांग कर करती हैं गुजारा, तस्वीरें
Sun, 14 Aug 2016 12:52 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 14 Aug 2016 12:52 AM IST
विज्ञापन
1 of 5
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
(बहराइच)। देश की आजादी के लिए एक सिपाही का परिवार मुफलिसी में जिंदगी गुजार रहा है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और उसके बेटे का वर्षों पूर्व निधन हो गया। घर में निशक्त पुत्र वधू भीख मांगकर जीवन यापन करने को मजबूर है। 17 वर्षीय बेटा भी मजदूरी करके परिवार के खर्च में मदद करता है।
2 of 5
देश की आजादी में बहराइच के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। लेकिन सेनानियों के परिवार गुमनामी की जिंदगी जी रहे हैं। उनमें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. बरातीलाल पटवा का भी परिवार है। महात्मा गांधी के नमक आंदोलन से आजादी की लड़ाई में कूदने वाले बरातीलाल पटवा ने गुलामी की जंजीरों को तोड़ने के लिए तीन बार जेल की यात्रा की। वर्ष 1995 में उनका निधन हो गया। घर में बेटा राम कुमार, पुत्र वधू राजकुमारी व पौत्र राधे था। उनमें रामकुमार का वर्ष 2001 में बीमारी से निधन हो गया।
3 of 5
अब घर में राजकुमारी व 17 वर्षीय राधे ही है। राजकुमारी दोनों पैर से निशक्त है। घर का खर्च चलाने के लिए उसे नवाबगंज बाजार की सड़कों पर भीख मांगनी पड़ रही है। पुत्र राधे क्षेत्र में मेहनत मजदूरी कर घर का खर्च चलाने में मां की मदद करता है। राजकुमारी से परिवार के अतीत के बारे में पूछा गया तो वह फफक पड़ीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
बोलीं कि ससुर को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का प्रमाण पत्र मिला है। वह कहीं रखा है। मिल नहीं रहा है। अक्षम होने के कारण वह चल भी नहीं सकतीं। उन्होंने कहा कि बेटा राधे मजदूरी करने पास के गांव में गया है। देर रात तक लौटेगा। राजकुमारी ने कहा कि कई बार उन्होंने अधिकारियों को पत्र लिखा लेकिन कोई मदद नहीं मिली। ऐसे में भीख मांग कर किसी तरह गुजर बसर कर रही हूं।
विज्ञापन
5 of 5
हर संभव मदद होगी
नानापारा एसडीएम ने मामले के संज्ञान में आने पर कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के पुत्र, पौत्र और पुत्र वधू की मदद हो सकती है लेकिन इसके लिए आरक्षण निर्धारित है। दावा करने पर आरक्षण के तहत लाभ मिलेगा। अलग से कोई बजट नहीं होता। सेनानी की बहू के भीख मांगने की जानकारी नहीं थी। जांच कराऊंगा। हर संभव मदद की जाएगी।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।