लखनऊ के आशियाना के औरंगाबाद इलाके में दहशत फैलाने वाले तेंदुए को पुलिस ने फायरिंग में मार गिराया। शनिवार सुबह करीब पांच बजे तेंदुआ वन विभाग का जाल फाड़कर एक घर में घुस गया।
पुलिस की गोली से तेंदुए की मौत, सोशल मीडिया पर हड़कंप, मजिस्ट्रेटी जांच की सिफारिश
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- जब तेंदुआ जाल काटकर निकला तो उसकी टीम कहां थी।
- पुलिस फायरिंग की बात स्वीकार कर रही है, लेकिन केस अज्ञात के खिलाफ क्यों।
पुलिस भी जांच के घेरे में-
- कमरे में कैद करने के दो घंटे बाद वन विभाग को क्यों बुलाया।
- सोशल मीडिया पर वायरल: इंस्पेक्टर त्रिलोकी ने कहा- आमने-सामने हुई तेंदुए से फायरिंग।
तेंदुए के मारे जाने के बाद शनिवार सुबह सबसे पहले पुलिस ने अपनी खूब पीठ थपथपाई। एक दरोगा खुलेआम बयान देते रहे कि उन्होंने तेंदुए पर गोली चलाई लेकिन कुछ देर बाद ही पुलिस का बयान बदल गया। पुलिस बैकफुट पर आ गई और फिर आत्मरक्षा में गोली चलाने की बात कहती रही। हालांकि दूसरी ओर वन विभाग ने यह बात स्वीकार ही नहीं की कि तेंदुए पर गोली पुलिस ने चलाई या पुलिस की गोली से तेंदुए की मौत हुई। वन विभाग ने अज्ञात पर फायरिंग का मुकदमा लिखा दिया।
इंस्पेक्टर त्रिलोकी सिंह ने बताया कि सुबह करीब पांच बजे वन विभाग का लगाया जाल फाड़कर तेंदुआ भाग निकला था। सुबह सवा छह बजे इलाकाई लोगों से सूचना पाकर पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। लोगों में भगदड़ मची थी। महिलाएं-बच्चे इधर-उधर भाग रहे थे। इस भगदड़ में कई लोगों को गिरकर चोटें भी आ गईं। उपनिरीक्षक अबु तालिब जैदी ने इंस्पेक्टर को बताया कि तेंदुआ गांव के सहीम खां के प्लॉट के भीतर देखा गया है। इंस्पेक्टर फोर्स लेकर वहां पहुंचे तो पता चला कि तेंदुआ नियाज के घर में घुसा है। इंस्पेक्टर ने ग्रामीणों की मदद से जाल डालकर तेंदुआ पकड़ने का प्रयास किया तो वह हिंसक हो उठा। उसने मुन्ना पर झपट्टा मारकर उसके दायें पैर का मांस नोच लिया।
ग्रामीणों ने शोर मचाया तो तेंदुआ वहां से भागा और मुहर्रम अली की पत्नी खैरुन्निसा पर हमला कर दिया। यहां से तेंदुआ भागकर हसीब खान के मकान में घुसा और वहां मौजूद रजी को घायल कर दिया। पुलिस टीम हसीब के घर पहुंची जहां तेंदुआ ने इंस्पेक्टर पर हमला कर दिया। उनके दायें हाथ और सिर पर काफी चोटें आईं। इंस्पेक्टर ने तेंदुआ पर फायर किया तो वह भाग निकला। लोगों के घरों की छतों और गलियों से होते हुए तेंदुआ सिद्दीक के मकान की छत पर चढ़ गया। इस दौरान दरोगा अबु तालिब ने उस पर फायर किया तो वह भागकर शरीफ के मकान में घुस गया। भीतर से औरतों के चीखने की आवाजें सुनकर इंस्पेक्टर वहां पहुंचे और जाल डालकर तेंदुआ को पकड़ने की कोशिश शुरू कर दी। यहां तेंदुआ ने फिर इंस्पेक्टर पर हमला कर दिया। जवाब में उन्होंने फिर अपनी सरकारी पिस्टल से फायर किए और तेंदुआ को दबोचकर उसे किचन में धकेलकर बाहर से दरवाजा बंद कर दिया।
वन विभाग बोला, गोली किसने चलाई नहीं मालूम
मामले पर अवध वन प्रभाग के मुख्य वन संरक्षक के. प्रवीण राव का कहना है, ‘ सुबह 5:15 पर तेंदुआ जाल फाड़ कर निकला। गांव की भीड़ ने पुलिस के साथ उसकी घेराबंदी की। कुछ देर बाद तेंदुए का शव शरीफ खां के घर के किचन में हमारी टीम को मिला। चिकित्सकों ने बताया कि उसके शरीर पर गोलियों के निशान थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का सही कारण पता चल सकेगा। हमें ये भी नहीं पता कि गोलियां किसने चलाई। वन विभाग की धारा 2-9-51 के मुताबिक अज्ञात के खिलाफ वन्यजीव की हत्या का केस दर्ज किया गया है। वन्यजीव की मौत की जांच रिपोर्ट लखनऊ वन विभाग के उप प्रभागीय वन अधिकारी अयोध्या प्रसाद 15 दिन में देंगे। ’