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पुलिस की गोली से तेंदुए की मौत, सोशल मीडिया पर हड़कंप, मजिस्ट्रेटी जांच की सिफारिश

Sun, 18 Feb 2018 01:08 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 18 Feb 2018 01:08 PM IST
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SHO shot leopard in lucknow
तेंदुए को काबू में करने की कोशिश

लखनऊ के आशियाना के औरंगाबाद इलाके में दहशत फैलाने वाले तेंदुए को पुलिस ने फायरिंग में मार गिराया। शनिवार सुबह करीब पांच बजे तेंदुआ वन विभाग का जाल फाड़कर एक घर में घुस गया।


मौके पर पहुंची आशियाना पुलिस के इंस्पेक्टर त्रिलोकी सिंह व दरोगा अबु तालिब जैदी ने तेंदुए से आमना-सामना होने पर पिस्टल से कई फायर कर दिए।

इस बीच, त्रिलोकी ने तेंदुए को घर के किचन में बंद कर दिया। बाद में वन विभाग की टीम पहुंची तो उसे तेंदुए का शव मिला। पोस्टमार्टम में तेंदुए के कंधे और पीठ पर गोलियों के दो निशान मिले हैं। गोलियां शरीर के आर-पार हो गई थीं। चूंकि तेंदुआ शेड्यूल वन के तहत संरक्षित वन्य जीव है, इसलिए उसे गोली मारने से हड़कंप मच गया।

सोशल मीडिया पर मुद्दा गरमाया तो तेंदुए को मारकर अपनी पीठ ठोंक रही पुलिस शाम को बैकफुट पर आ गई। एसएसपी दीपक कुमार ने कहा कि इंस्पेक्टर को आत्मरक्षा में गोलियां चलानी पड़ी। उन्होंने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए डीएम को पत्र लिखकर तेंदुआ की मौत की मजिस्ट्रेटी जांच की संस्तुति की है। उधर, पुलिस द्वारा फायरिंग की बात स्वीकार करने के बावजूद वन विभाग ने मामले में खानापूरी करते हुए अज्ञात के खिलाफ तेंदुआ को मारने का केस दर्ज करा दिया। (
वन विभाग की टीम पर उठ रहे सवाल, पुलिस भी जांच के घेरे में... आगे देखें-)

SHO shot leopard in lucknow
leopard in lucknow - फोटो : amar ujala
वन विभाग की टीम पर उठ रहे हैं ये सवाल-
- जब तेंदुआ जाल काटकर निकला तो उसकी टीम कहां थी।
- पुलिस फायरिंग की बात स्वीकार कर रही है, लेकिन केस अज्ञात के खिलाफ क्यों।

पुलिस भी जांच के घेरे में-
- कमरे में कैद करने के दो घंटे बाद वन विभाग को क्यों बुलाया।
- सोशल मीडिया पर वायरल: इंस्पेक्टर त्रिलोकी ने कहा- आमने-सामने हुई तेंदुए से फायरिंग।
SHO shot leopard in lucknow
leopard in lucknow - फोटो : amar ujala

तेंदुए के मारे जाने के बाद शनिवार सुबह सबसे पहले पुलिस ने अपनी खूब पीठ थपथपाई। एक दरोगा खुलेआम बयान देते रहे कि उन्होंने तेंदुए पर गोली चलाई लेकिन कुछ देर बाद ही पुलिस का बयान बदल गया। पुलिस बैकफुट पर आ गई और फिर आत्मरक्षा में गोली चलाने की बात कहती रही। हालांकि दूसरी ओर वन विभाग ने यह बात स्वीकार ही नहीं की कि तेंदुए पर गोली पुलिस ने चलाई या पुलिस की गोली से तेंदुए की मौत हुई। वन विभाग ने अज्ञात पर फायरिंग का मुकदमा लिखा दिया।

इंस्पेक्टर त्रिलोकी सिंह ने बताया कि सुबह करीब पांच बजे वन विभाग का लगाया जाल फाड़कर तेंदुआ भाग निकला था। सुबह सवा छह बजे इलाकाई लोगों से सूचना पाकर पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। लोगों में भगदड़ मची थी। महिलाएं-बच्चे इधर-उधर भाग रहे थे। इस भगदड़ में कई लोगों को गिरकर चोटें भी आ गईं। उपनिरीक्षक अबु तालिब जैदी ने इंस्पेक्टर को बताया कि तेंदुआ गांव के सहीम खां के प्लॉट के भीतर देखा गया है। इंस्पेक्टर फोर्स लेकर वहां पहुंचे तो पता चला कि तेंदुआ नियाज के घर में घुसा है। इंस्पेक्टर ने ग्रामीणों की मदद से जाल डालकर तेंदुआ पकड़ने का प्रयास किया तो वह हिंसक हो उठा। उसने मुन्ना पर झपट्टा मारकर उसके दायें पैर का मांस नोच लिया।

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SHO shot leopard in lucknow
leopard in lucknow - फोटो : amar ujala

ग्रामीणों ने शोर मचाया तो तेंदुआ वहां से भागा और मुहर्रम अली की पत्नी खैरुन्निसा पर हमला कर दिया। यहां से तेंदुआ भागकर हसीब खान के मकान में घुसा और वहां मौजूद रजी को घायल कर दिया। पुलिस टीम हसीब के घर पहुंची जहां तेंदुआ ने इंस्पेक्टर पर हमला कर दिया। उनके दायें हाथ और सिर पर काफी चोटें आईं। इंस्पेक्टर ने तेंदुआ पर फायर किया तो वह भाग निकला। लोगों के घरों की छतों और गलियों से होते हुए तेंदुआ सिद्दीक के मकान की छत पर चढ़ गया। इस दौरान दरोगा अबु तालिब ने उस पर फायर किया तो वह भागकर शरीफ के मकान में घुस गया। भीतर से औरतों के चीखने की आवाजें सुनकर इंस्पेक्टर वहां पहुंचे और जाल डालकर तेंदुआ को पकड़ने की कोशिश शुरू कर दी। यहां तेंदुआ ने फिर इंस्पेक्टर पर हमला कर दिया। जवाब में उन्होंने फिर अपनी सरकारी पिस्टल से फायर किए और तेंदुआ को दबोचकर उसे किचन में धकेलकर बाहर से दरवाजा बंद कर दिया।

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SHO shot leopard in lucknow
leopard in lucknow - फोटो : amar ujala

वन विभाग बोला, गोली किसने चलाई नहीं मालूम
मामले पर अवध वन प्रभाग के मुख्य वन संरक्षक के. प्रवीण राव का कहना है, ‘ सुबह 5:15 पर तेंदुआ जाल फाड़ कर निकला। गांव की भीड़ ने पुलिस के साथ उसकी घेराबंदी की। कुछ देर बाद तेंदुए का शव शरीफ खां के घर के किचन में हमारी टीम को मिला। चिकित्सकों ने बताया कि उसके शरीर पर गोलियों के निशान थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का सही कारण पता चल सकेगा। हमें ये भी नहीं पता कि गोलियां किसने चलाई। वन विभाग की धारा 2-9-51 के मुताबिक अज्ञात के खिलाफ वन्यजीव की हत्या का केस दर्ज किया गया है। वन्यजीव की मौत की जांच रिपोर्ट लखनऊ वन विभाग के उप प्रभागीय वन अधिकारी अयोध्या प्रसाद 15 दिन में देंगे। ’

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