तेजस एक्सप्रेस से आधे स्टाफ को निकाले जाने के बाद बचे हुए स्टाफ पर वर्क लोड बढ़ गया है। एक केबिन क्रू को पूरी बोगी अकेले ही संभालनी पड़ रही है। हालांकि क्रू की सैलरी बढ़ाने और कन्वेंस देने का आश्वासन निजी फर्म की ओर से दिया गया है। तेजस एक्सप्रेस से हाल ही में 18 लोगों की छंटनी कर दी गई थी। जिसमें अधिकतर लड़कियां ही थीं। लड़कियों की शिकायत थी कि उन्होंने छेड़छाड़, सैलरी लेट मिलने जैसे मुद्दों के लिए आवाज उठाई, जिसकी वजह से उन्हें नौकरी से निकाला गया। बाकी बचे स्टाफ पर काम बढ़ गया है। शुक्रवार रात नई दिल्ली से लखनऊ जंक्शन पहुंची तेजस के स्टाफ ने बताया कि जब ट्रेन शुरू हुई थी तो स्टाफ को दो समूहों में बांटा गया था। जिसमें 20-20 लड़कियां थीं। एक दिन पहले समूह की ड्यूटी लगाई जाती थी, दूसरे दिन सेकंड की। चार नवंबर को यह सिस्टम खत्म किया गया।
तेजस: बचे स्टाफ पर बढ़ा वर्क लोड, सैलरी बढ़ाने का मिला आश्वासन, अब ये रहेगी व्यवस्था
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अब यह व्यवस्था
13 नवंबर से प्रति कोच तीन लड़कियों की ड्यूटी लगाई जाती थी। अब चूंकि आधे स्टाफ को निकाल दिया गया है, इसलिए प्रति कोच दो लड़कियों को दिया गया है। जिसमें आपसी सामंजस्य से एक दिन एक केबिन क्रू ड्यूटी करती है तो दूसरे दिन दूसरी क्रू मोर्चा संभालती है।
15 हजार रुपये सैलरी का आश्वासन
निजी फर्म के अधिकारी राजीव मित्तल ने तेजस स्टाफ से मुलाकात कर समस्याएं सुनीं। केबिन क्रू ने बताया कि उन्होंने 15 हजार रुपये सैलरी करने की बात कही है, जबकि अभी तक 10500 रुपये ही मिल रहे हैं।
व्यवहार अच्छा है
पहले तेजस में स्टाफ अधिक था। लिहाजा सेवाएं ज्यादा अच्छी थीं। अभी कोई समस्या नहीं है, लेकिन स्टाफ बढ़ेगा तो सेवाएं और बेहतर हो जाएंगी। वैसे ओवरऑल संचालन अच्छा है। क्रू का बिहेवियर ठीक है। - अचल
तेजस में जो खाना परोसा जा रहा है, उसकी क्वांटिटी पर्याप्त है, लेकिन क्वालिटी बहुत अच्छी नहीं है। इस पर फोकस किया जाना चाहिए। - रमन
बोगियों के पायदान काफी अंदर हैं। आज एक महिला का पैर इसमें फंस गया और वह गिर गई थीं। ऑटोमेटिक डोर भी कभी कभार फंस जाता है, इसे ठीक करवाया जाना चाहिए। - सर्वेश कुमार पांडेय