मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जाति, संप्रदाय, क्षेत्र और भाषा के नाम पर राजनीति सामाजिक विषमता पैदा करती है, जोकि हमारे समाज के लिए किसी अभिशाप से कम नहीं है। इस तरह की ओछी राजनीति सामाजिक एकता में बाधक होती है। उन्होंने दिव्यांगजनों को हर चुनौती का सामना करते हुए आगे बढ़ने की सलाह देते हुए कहा कि उस स्थिति में कोई भी बाधा उन्हें सफलता पाने से नहीं रोक सकता।
मुख्यमंत्री योगी ने दिव्यांगों पर बरसाया प्यार, कहा- चुनौती लेकर आगे बढ़ें, सफलता मिलेगी
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योगी बोले, सरकार की योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने के लिए जागरूक लोगों और स्वयंसेवी संस्थाओं को भी आगे आना चाहिए। शारीरिक रूप से दिव्यांग थोड़ा सा प्रयास कर लें तो जीवन में बड़ी सी बड़ी सफलता पा सकते हैं। दिव्यांग अरुणिमा सिन्हा ने एवरेस्ट फतेह करके और आईएएस सुहास एलवाई ने बीजिंग में पैरा बैडमिंटन प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर यह साबित कर दिया है।
उन्होंने कहा, नियति मानकर चुप बैठे तो दिव्यांगता अभिशाप बन जाती है और चुनौती मानकर आगे बढ़े तो उल्लेखनीय परिणाम सामने आते हैं। सीएम ने शास्त्रों के हवाले से कहा कि धरती पर कोई भी मनुष्य अयोग्य नहीं हो सकता। उन्होंने महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए और भी काम किए जाने पर जोर दिया।
दिव्यांगों के लिए बढ़ाई आर्थिक सहायता
सीएम ने कहा कि सत्ता संभालते ही प्रदेश सरकार ने विकलांग कल्याण विभाग का नाम बदलकर दिव्यांग जन सशक्तीकरण विभाग किया। पेंशन 300 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये प्रति माह की। सर्जरी के लिए आर्थिक सहायता 8000 रुपये से बढ़ाकर 10000 रुपये, शादी अनुदान 20000 रुपये से बढ़ाकर 35000, प्रति छात्र भोजन भत्ता 12000 से बढ़ाकर 2000 रुपये और व्यावसायिक प्रतिष्ठान के लिए आर्थिक मदद 10000 रुपये से बढ़ाकर 50000 रुपये की। अब यूपी रोडवेज की बसों में दिव्यांग जन प्रदेश के बाहर भी निशुल्क यात्रा कर सकेंगे।
स्वयंसेवी संस्थाओं को आगे आने का किया आह्वान
सीएम ने कहा कि दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं और लोगों के सहयोग की भी आवश्यकता है। शनिवार को दिल्ली में राजस्थान के एक समाजसेवी ने उनसे मुलाकात करके यूपी में 10 हजार दिव्यांग जनों के कल्याण के लिए काम करने की इच्छा जताई। ऐसे अधिकाधिक लोगों के आगे आने की जरूरत है, ताकि दिव्यांगजनों की जिंदगी में बदलाव लाया जा सके।