{"_id":"6a43ac6820e5ad42d80fa24b","slug":"mp-news-3-62-lakh-water-bodies-rejuvenated-at-a-cost-of-10-000-crore-cm-yadav-says-madhya-pradesh-ranks-num-2026-06-30","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"MP News: 10 हजार करोड़ से संवरे 3.62 लाख जल स्रोत, सीएम यादव बोले- जल संरक्षण में देश में मध्य प्रदेश नंबर-1","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: 10 हजार करोड़ से संवरे 3.62 लाख जल स्रोत, सीएम यादव बोले- जल संरक्षण में देश में मध्य प्रदेश नंबर-1
Tue, 30 Jun 2026 05:15 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Tue, 30 Jun 2026 05:15 PM IST
सार
मध्य प्रदेश में 100 दिन चले 'जल गंगा संवर्धन अभियान-2026' के तहत 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से 3.62 लाख से अधिक जल संरचनाओं का पुनर्जीवन किया गया। समापन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जल संरक्षण के क्षेत्र में प्रदेश देश के बड़े राज्यों में अग्रणी बनकर उभरा है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश ने जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के बड़े राज्यों के बीच नई पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि 'जल गंगा संवर्धन अभियान-2026' के तहत प्रदेश में करीब 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से 3 लाख 62 हजार से अधिक जल संरचनाओं का पुनर्जीवन और जीर्णोद्धार किया गया है। इन प्रयासों के कारण मध्य प्रदेश जल संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। मुख्यमंत्री मंगलवार को राजगढ़ में आयोजित 'जल गंगा संवर्धन अभियान-2026' के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने 352.65 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 247.40 करोड़ रुपये के 14 कार्यों का भूमिपूजन और लगभग 105.25 करोड़ रुपये के 17 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है।
राजगढ़ को करोड़ों के भूमिपूजन और लोकार्पण की सौगात
- फोटो : अमर उजाला
राजगढ़ ने अभियान में बनाया विशेष स्थान
मुख्यमंत्री ने कहा कि कपिल मुनि की तपोस्थली राजगढ़ जल संरक्षण के कार्यों में पूरे प्रदेश के लिए उदाहरण बनकर उभरा है। यह जिला अभियान के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छह जिलों में शामिल रहा। उन्होंने कहा कि 19 मार्च से 30 जून तक चले 100 दिवसीय अभियान में कुएं, बावड़ियां, तालाब, नदियां, अमृत सरोवर और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों का व्यापक स्तर पर संरक्षण और पुनर्जीवन किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कपिल मुनि की तपोस्थली राजगढ़ जल संरक्षण के कार्यों में पूरे प्रदेश के लिए उदाहरण बनकर उभरा है। यह जिला अभियान के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छह जिलों में शामिल रहा। उन्होंने कहा कि 19 मार्च से 30 जून तक चले 100 दिवसीय अभियान में कुएं, बावड़ियां, तालाब, नदियां, अमृत सरोवर और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों का व्यापक स्तर पर संरक्षण और पुनर्जीवन किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
जल ही जीवन का आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल के बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। भारतीय संस्कृति में जल को पंचमहाभूतों में विशेष स्थान दिया गया है और मानव शरीर का अधिकांश भाग भी जल से बना है। उन्होंने कहा कि वर्षा जल का संग्रह, नालों की सफाई और नदियों के पुनर्जीवन का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की पार्वती, चंबल, कालीसिंध और क्षिप्रा जैसी नदियां आगे चलकर गंगा से जुड़ती हैं। इसी सोच के साथ इस अभियान का नाम 'जल गंगा संवर्धन अभियान' रखा गया।
कम बारिश की आशंका, जल बचाने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष अल-नीनो के प्रभाव के कारण सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में जल संरक्षण पहले से अधिक जरूरी हो गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अभियान का समापन केवल औपचारिकता है, लेकिन जल बचाने का संकल्प निरंतर जारी रहना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध रह सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल के बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। भारतीय संस्कृति में जल को पंचमहाभूतों में विशेष स्थान दिया गया है और मानव शरीर का अधिकांश भाग भी जल से बना है। उन्होंने कहा कि वर्षा जल का संग्रह, नालों की सफाई और नदियों के पुनर्जीवन का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की पार्वती, चंबल, कालीसिंध और क्षिप्रा जैसी नदियां आगे चलकर गंगा से जुड़ती हैं। इसी सोच के साथ इस अभियान का नाम 'जल गंगा संवर्धन अभियान' रखा गया।
कम बारिश की आशंका, जल बचाने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष अल-नीनो के प्रभाव के कारण सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में जल संरक्षण पहले से अधिक जरूरी हो गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अभियान का समापन केवल औपचारिकता है, लेकिन जल बचाने का संकल्प निरंतर जारी रहना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध रह सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीएम यादव ने जरूरतमंदों को सहायता प्रदान की
- फोटो : अमर उजाला
सिंचाई का दायरा तेजी से बढ़ा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचित क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2023 में जहां सिंचित रकबा 44 लाख हेक्टेयर था, वह अब बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि केवल राजगढ़ जिले में पिछले तीन वर्षों के दौरान सिंचाई का क्षेत्र 50 हजार हेक्टेयर से बढ़कर ढाई लाख हेक्टेयर हो गया है। इससे खेती मजबूत हुई है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
सिंहस्थ-2028 की तैयारियां तेज
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ-2028 की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। अनुमान है कि इस आयोजन में करीब 40 करोड़ श्रद्धालु पहुंचेंगे। इसे देखते हुए सड़क, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर तेजी से काम किया जा रहा है। भोपाल, राजगढ़, उज्जैन और मंदसौर को जोड़ने वाली सड़क परियोजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
भैंसवामाता लोक समेत कई घोषणाएं की
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सारंगपुर, पचोर और राजगढ़ की सभी नगरपालिकाओं में सड़क विकास कार्यों की घोषणा की। साथ ही भैंसवामाता लोक के निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी देने और प्रथम चरण के लिए 20 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की घोषणा भी की। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल वितरित की, महिलाओं को स्कूटी की चाबियां सौंपी तथा राजगढ़ जिले के पर्यटन पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। इसके अलावा 405 स्व-सहायता समूहों को 20 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता सहित विभिन्न हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ भी वितरित किया गया।
प्रहलाद सिंह पटेल बोले- हर बूंद का संरक्षण जरूरी
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत हुए कार्यों का सरकार प्रमाणिक मूल्यांकन कर रही है। उन्होंने कहा कि कम वर्षा की संभावना को देखते हुए प्रत्येक नागरिक को पानी की एक-एक बूंद बचाने का संकल्प लेना चाहिए। जनभागीदारी से ही प्रदेश जल संरक्षण के लक्ष्य को और मजबूत बना सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचित क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2023 में जहां सिंचित रकबा 44 लाख हेक्टेयर था, वह अब बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि केवल राजगढ़ जिले में पिछले तीन वर्षों के दौरान सिंचाई का क्षेत्र 50 हजार हेक्टेयर से बढ़कर ढाई लाख हेक्टेयर हो गया है। इससे खेती मजबूत हुई है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
सिंहस्थ-2028 की तैयारियां तेज
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ-2028 की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। अनुमान है कि इस आयोजन में करीब 40 करोड़ श्रद्धालु पहुंचेंगे। इसे देखते हुए सड़क, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर तेजी से काम किया जा रहा है। भोपाल, राजगढ़, उज्जैन और मंदसौर को जोड़ने वाली सड़क परियोजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
भैंसवामाता लोक समेत कई घोषणाएं की
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सारंगपुर, पचोर और राजगढ़ की सभी नगरपालिकाओं में सड़क विकास कार्यों की घोषणा की। साथ ही भैंसवामाता लोक के निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी देने और प्रथम चरण के लिए 20 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की घोषणा भी की। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल वितरित की, महिलाओं को स्कूटी की चाबियां सौंपी तथा राजगढ़ जिले के पर्यटन पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। इसके अलावा 405 स्व-सहायता समूहों को 20 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता सहित विभिन्न हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ भी वितरित किया गया।
प्रहलाद सिंह पटेल बोले- हर बूंद का संरक्षण जरूरी
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत हुए कार्यों का सरकार प्रमाणिक मूल्यांकन कर रही है। उन्होंने कहा कि कम वर्षा की संभावना को देखते हुए प्रत्येक नागरिक को पानी की एक-एक बूंद बचाने का संकल्प लेना चाहिए। जनभागीदारी से ही प्रदेश जल संरक्षण के लक्ष्य को और मजबूत बना सकेगा।
