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Explainer: केवट या मीनाक्षी नटराजन, मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट पर कौन चुना जाएगा, क्या कहते हैं आंकड़े?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Dinesh Sharma
Updated Mon, 08 Jun 2026 02:54 PM IST
सार
मध्यप्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों के लिए मुकाबला रोचक हो गया है। भाजपा ने तीन और कांग्रेस ने एक उम्मीदवार उतारा है। चर्चा का केंद्र तीसरी सीट है। कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग होना या न होना ही तीसरी सीट का फैसला करेगा। इस एक्सप्लेनर को पढ़कर जान पाएंगे कि आंकड़े क्या कह रहे हैं-
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मप्र में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चार प्रत्याशी मैदान में हैं।
- फोटो : अमर उजाला
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मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनावी मुकाबला रोचक हो गया है। विधानसभा में विधायकों की संख्या के आधार पर भाजपा की दो सीटों पर जीत तय थी, जबकि एक सीट कांग्रेस के खाते में जाती दिख रही थी। हालांकि भाजपा ने तीसरा उम्मीदवार उतारकर चुनाव को दिलचस्प बना दिया है। तीसरी सीट किसे मिलेगी, मीनाक्षी नटराजन या महेश केवट? इस पर सियासी गलियारो में चर्चा शुरू हो गई है। इसे लेकर आंकड़े क्या कहते हैं, वो हम आपको बताते हैं।
मप्र की राज्यसभा सीटों को लेकर गणित
- फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश के अलावा और कहां मतदान होना है?
जिन राज्यों में चुनाव होने हैं उनमें आंध्र प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, कर्नाटक, मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम शामिल हैं। आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक में सबसे अधिक चार-चार सीटों पर चुनाव हो रहा है। वहीं, मध्य प्रदेश और राजस्थान में तीन-तीन सीटों, झारखंड में दो सीटों और मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में एक-एक सीट के लिए चुनाव होना है। इन सभी राज्यसभा सीटों के मौजूदा सांसदों का कार्यकाल 21 जून से 19 जुलाई तक अलग-अलग तारीखों पर खत्म हो रहा है।
किन बड़े चेहरों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है?
राज्यसभा से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, दिग्विजय सिंह और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवोगौड़ा जैसे प्रमुख नेता सेवानिवृत्त होने वाले हैं। मध्य प्रदेश से जिन सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है उनमें कांग्रेस के दिग्विजय सिंह, भाजपा के जॉर्ज कुरियन और सुमेर सिंह सोलंकी शामिल हैं। इसी तरह राजस्थान से राजेंद्र गहलोत, नीरज डांगी और रवनीत सिंह की सीटें खाली होने जा रही हैं।
ये भी पढ़ें- कभी निष्कासन को लेकर रहे चर्चा में, अब भाजपा ने महेश केवट को बनाया राज्यसभा उम्मीदवार
जिन राज्यों में चुनाव होने हैं उनमें आंध्र प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, कर्नाटक, मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम शामिल हैं। आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक में सबसे अधिक चार-चार सीटों पर चुनाव हो रहा है। वहीं, मध्य प्रदेश और राजस्थान में तीन-तीन सीटों, झारखंड में दो सीटों और मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में एक-एक सीट के लिए चुनाव होना है। इन सभी राज्यसभा सीटों के मौजूदा सांसदों का कार्यकाल 21 जून से 19 जुलाई तक अलग-अलग तारीखों पर खत्म हो रहा है।
किन बड़े चेहरों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है?
राज्यसभा से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, दिग्विजय सिंह और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवोगौड़ा जैसे प्रमुख नेता सेवानिवृत्त होने वाले हैं। मध्य प्रदेश से जिन सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है उनमें कांग्रेस के दिग्विजय सिंह, भाजपा के जॉर्ज कुरियन और सुमेर सिंह सोलंकी शामिल हैं। इसी तरह राजस्थान से राजेंद्र गहलोत, नीरज डांगी और रवनीत सिंह की सीटें खाली होने जा रही हैं।
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मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के उम्मीदवार
- फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश में किस पार्टी ने किसे बनाया उम्मीदवार?
मध्यप्रदेश में तीन सीटों पर चुनाव हो रहे हैं। इनके लिए भाजपा ने रजनीश अग्रवाल, तरुण चुघ और महेश केवट को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को उतारा है। यानी, तीन सीट के लिए चार उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। अगर 11 जून तक ये सभी उम्मीदवार मैदान में डटे रहते हैं तो 18 जून को राज्य में मतदान होगा।
ये भी पढ़ें- इनोवा क्रिस्टा कार के मालिक हैं चुघ,पत्नी के पास करोड़ों का सोना; जानें कितनी है संपत्ति
मध्यप्रदेश में तीन सीटों पर चुनाव हो रहे हैं। इनके लिए भाजपा ने रजनीश अग्रवाल, तरुण चुघ और महेश केवट को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को उतारा है। यानी, तीन सीट के लिए चार उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। अगर 11 जून तक ये सभी उम्मीदवार मैदान में डटे रहते हैं तो 18 जून को राज्य में मतदान होगा।
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मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के उम्मीदवार
- फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश का संख्या बल क्या कहता है?
मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं। दतिया विधानसभा के विधायक का निर्वाचन शून्य घोषित हो चुका है, वहीं विजयपुर विधायक को कोर्ट ने राज्यसभा चुनाव के मतदान के लिए अयोग्य बताया है। इस हिसाब से वर्तमान में 228 सदस्य मतदान के पात्र हैं। इस लिहाज से एक उम्मीदवार को जीतने के लिए पहली वरीयता के 58 वोटों की जरूरत पड़ेगी। भाजपा के पास 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 63 विधायक हैं। वहीं, एक विधायक भारत आदिवासी पार्टी के कमलेश डोडियार हैं। अगर दोनों पक्षों से क्रॉस वोटिंग नहीं होती है तो भाजपा अपने दो उम्मीदवारों को आसानी से जिता सकती है। वहीं, कांग्रेस भी अपनी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन को जिता सकती है।
ये भी पढ़ें- गैस एजेंसी के मालिक हैं भाजपा उम्मीदवार रजनीश, कोई अपराधिक रिकॉर्ड नहीं; जानें संपत्ति
मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं। दतिया विधानसभा के विधायक का निर्वाचन शून्य घोषित हो चुका है, वहीं विजयपुर विधायक को कोर्ट ने राज्यसभा चुनाव के मतदान के लिए अयोग्य बताया है। इस हिसाब से वर्तमान में 228 सदस्य मतदान के पात्र हैं। इस लिहाज से एक उम्मीदवार को जीतने के लिए पहली वरीयता के 58 वोटों की जरूरत पड़ेगी। भाजपा के पास 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 63 विधायक हैं। वहीं, एक विधायक भारत आदिवासी पार्टी के कमलेश डोडियार हैं। अगर दोनों पक्षों से क्रॉस वोटिंग नहीं होती है तो भाजपा अपने दो उम्मीदवारों को आसानी से जिता सकती है। वहीं, कांग्रेस भी अपनी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन को जिता सकती है।
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मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के उम्मीदवार
- फोटो : अमर उजाला
कैसे फंसेगा पेंच?
भाजपा को अपने दो उम्मीदवारों को जिताने के लिए 116 प्रथम वरीयता के वोट की जरूरत पडे़गी। इसके बाद भी भाजपा के पास 48 वोट बचेंगे। यानी तीसरी सीट जीतने के लिए उसे अतिरिक्त 10 वोट की जरूरत होगी। बीना से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे के रिश्ते पार्टी से ठीक नहीं हैं। वहीं, डोडियार का वोट अगर भाजपा उम्मीदवार को मिलता है और कांग्रेस के नौ विधायक क्रॉस वोटिंग करते हैं तो मामला पलट जाएगा। वहीं, कांग्रेस के छह विधायकों के भी क्रॉस वोटिंग करने के बाद तीसरी सीट पर फैसला दूसरी वरीयता के वोटों से होगा। इस स्थिति में भी भाजपा के फायदे में रह सकती है। वहीं, दूसरी ओर अगर कांग्रेस भी सत्ता पक्ष के विधायकों में सेंध लगाने में कामयाब होती है लड़ाई और रोचक हो सकती है।
ये भी पढ़ें- राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की बैठकः क्रॉस वोटिंग रोकने पर मंथन, कमलनाथ बोले-यह हम सबकी प्रतिष्ठा का चुनाव
भाजपा को अपने दो उम्मीदवारों को जिताने के लिए 116 प्रथम वरीयता के वोट की जरूरत पडे़गी। इसके बाद भी भाजपा के पास 48 वोट बचेंगे। यानी तीसरी सीट जीतने के लिए उसे अतिरिक्त 10 वोट की जरूरत होगी। बीना से कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे के रिश्ते पार्टी से ठीक नहीं हैं। वहीं, डोडियार का वोट अगर भाजपा उम्मीदवार को मिलता है और कांग्रेस के नौ विधायक क्रॉस वोटिंग करते हैं तो मामला पलट जाएगा। वहीं, कांग्रेस के छह विधायकों के भी क्रॉस वोटिंग करने के बाद तीसरी सीट पर फैसला दूसरी वरीयता के वोटों से होगा। इस स्थिति में भी भाजपा के फायदे में रह सकती है। वहीं, दूसरी ओर अगर कांग्रेस भी सत्ता पक्ष के विधायकों में सेंध लगाने में कामयाब होती है लड़ाई और रोचक हो सकती है।
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