आपने अपने लैपटॉप, स्मार्टफोन या टैबलेट में वीपीएन और सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर इंस्टॉल जरूर किया होगा। यदि आप चाहते हैं कि वे आपकी डिवाइस का ख्याल रखें, तो आपको उनका भी ख्याल रखना होगा। आप इस तरह अपनी डिवाइस और सिक्योरिटी को दुरुस्त रख सकते हैं।
आपका फोन हैक हो जाए, बैंक अकाउंट खाली हो जाए, उससे पहले ये सेटिंग्स कर लें, सेफ रहेंगे
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एंटीवायरस को अपडेट रखें :
आप अपने डाटाबेस को खोलकर देखिए कि उसमें कोई अपडेट मैसेज है या नहीं। यदि आपको मैसेज नहीं दिखता है, तो मैनुअल तरीके से अपडेट के लिए चेक कीजिए। अपने सभी सिक्योरिटी प्रोडक्टस को अपडेट के लिए चेक करके उन्हें अपडेट कीजिए। आपकी जागरुकता के अलावा यही एक चीज है, जो आपकी डिवाइस को हैकर्स के खतरे से सुरक्षित रख सकती है।
एंटीवायरस को टेस्ट करें :
आपको कैसे पता चलेगा कि आपका एंटीवायरस काम कर रहा है? आप अपनी डिवाइस की प्रोटेक्शन चेक करने के लिए एंटी-मैलवेयर टेस्टिंग स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन की वेबसाइट पर जाकर सिक्योरिटी फीचर्स चेक कीजिए। यहां अलग-अलग टेस्ट को रन कीजिए। जो मैलवेयर प्रोटेक्शन के खिलाफ कई पहलूओं की जांच करते हैं।
वीपीएन को करें वेरिफाई :
वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) आपके सामान्य इंटरनेट कनेक्शन को एनक्रिप्टेड कनेक्शन में बदलकर उसकी सुरक्षा करता है। आप इस चीज की जांच कर सकते हैं कि कहीं आपका वीपीएन लीक तो नहीं हो रहा है। अपने वीपीएन को ऑन कीजिए और अपना असल आईपी देखने के लिए 'व्हाट इज माई आईपी' सर्च कीजिए। अब वीपीएन को कनेक्ट कीजिए, फिर से सर्च कीजिए। आपको एक अलग आईपी एड्रेस दिखेगा।
मोबाइल डिवाइसेज की जांच :
सिक्योरिटी के लिहाज से एपल ने अपनी डिवाइसेज को एंड्रॉयड के मुकाबले बेहतर बनाया है। हालांकि, सामान्य एंड्रॉयड डिवाइसेज इतनी ज्यादा सिक्योर नहीं होती हैं। सामान्य एंड्रॉयड सिक्योरिटी टूल मैलवेयर और एंटीथेप्ट फीचर्स, दोनों को ऑफर करता है।