आगरा में कोरोना वायरस की दूसरी लहर में जिंदगी सांसों के लिए जूझ रही है। संक्रमण के मामले बढ़ने के साथ अस्पतालों में कई मरीजों को जगह नहीं मिल पा रही है। एक से दूसरे और दूसरे से तीसरे अस्पताल का चक्कर लगाना पड़ रहा है। कहीं बेड उपलब्ध नहीं है, तो कहीं आक्सीजन की कमी बताई जा रही है। शनिवार को शहर के 10 निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन खत्म हो गई। इससे संकट और गहरा गया।
{"_id":"608514082bc49b4a4a743c33","slug":"many-patients-did-not-getting-treatment-due-to-lack-of-oxygen-at-hospitals-in-agra","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"सांसों के लिए जूझती जिंदगी: कहीं बेड नहीं तो कहीं ऑक्सीजन, इलाज के लिए भटक रहे मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सांसों के लिए जूझती जिंदगी: कहीं बेड नहीं तो कहीं ऑक्सीजन, इलाज के लिए भटक रहे मरीज
Sun, 25 Apr 2021 01:15 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 25 Apr 2021 01:15 PM IST
विज्ञापन
इलाज के लिए भटक रहे मरीज
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेड न होने के कारण धनौली की मुन्नी बेगम को एसएन में नहीं किया जा सका भर्ती
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को सुबह 11 बजे एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी पहुंची धनौली की मुन्नी बेगम को भर्ती नहीं किया जा सका। उन्हें सांसें लेने में तकलीफ थी। उन्हें बताया गया कि बेड नहीं है। सुबह 11:30 बजे शास्त्रीपुरम की नेहा पहुंची, उन्हें भी सांसें लेने में परेशानी और बुखार था, भर्ती नहीं किया गया। जिला अस्पताल में मरीजों को काफी इंतजार के बाद भर्ती किया जा सका।
एंबुलेंस में कर्नल योगेश भारद्वाज
- फोटो : अमर उजाला
गढ़ी भदौरिया के रहने वाले कर्नल योगेश भारद्वाज दोपहर एक बजे एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचे, उन्हें आधे घंटे बाद भर्ती किया जा सका। ग्वालियर रोड निवासी 70 वर्षीय विजय सिंह करीब एक घंटे से भर्ती होने का इंतजार कर रहे थे, उन्हें सांस लेने में तकलीफ थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
अस्पताल के बाहर बुजुर्ग मरीज और तीमारदार
- फोटो : अमर उजाला
मरीज को भर्ती करने से मना किया
जीवन रेखा हॉस्पिटल, नामनेर के बाहर 70 वर्ष के बुजुर्ग करीब एक घंटे रहे। बुखार और सांस लेने में परेशानी की समस्या पर भर्ती होने के लिए पहुंचे थे। अस्पताल प्रशासन ने बेड न होने की बात कहकर भर्ती करने से मना कर दिया।
जीवन रेखा हॉस्पिटल, नामनेर के बाहर 70 वर्ष के बुजुर्ग करीब एक घंटे रहे। बुखार और सांस लेने में परेशानी की समस्या पर भर्ती होने के लिए पहुंचे थे। अस्पताल प्रशासन ने बेड न होने की बात कहकर भर्ती करने से मना कर दिया।
विज्ञापन
अस्पताल के गेट पर चस्पा ऑक्सीजन खत्म होने का नोटिस
- फोटो : अमर उजाला
ऑक्सीजन न होने की सूचना चस्पा की
ट्रांस यमुना कालोनी स्थित गोयल हास्पिटल में ऑक्सीजेन खत्म होने के कगार पर है। तकरीबन 2 बजे तक ही आपूर्ति देने की संभावना है। इस कोविड हॉस्पिटल में लगभग 50 मरीज भर्ती हैं। उधर, नामनरे के एसआर हॉस्पिटल में शनिवार दोपहर करीब 02:15 बजे ही ऑक्सीजन खत्म हो गई थी। इसकी सूचना चस्पा कर दी गई है।
ट्रांस यमुना कालोनी स्थित गोयल हास्पिटल में ऑक्सीजेन खत्म होने के कगार पर है। तकरीबन 2 बजे तक ही आपूर्ति देने की संभावना है। इस कोविड हॉस्पिटल में लगभग 50 मरीज भर्ती हैं। उधर, नामनरे के एसआर हॉस्पिटल में शनिवार दोपहर करीब 02:15 बजे ही ऑक्सीजन खत्म हो गई थी। इसकी सूचना चस्पा कर दी गई है।