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पुलवामा शहीद की बरसीः सरकार के अधूरे वादे, वीर सपूत को दी श्रद्घांजलि, परिवार किया सम्मानित

Fri, 14 Feb 2020 12:52 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Fri, 14 Feb 2020 12:52 PM IST
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Pulwama martyr kaushal kishor Tribute In Agra
वीर सपूत को दी श्रद्घांजलि - फोटो : अमर उजाला
पुलवामा हमले में शहीद आगरा के कहरई गांव के कौशल कुमार रावत को शुक्रवार को उनकी शहादत के लिए नमन किया गया। शहीद के स्मारक स्थल पर पहली पुण्यतिथि पर न शहीद की मूर्ति थी और न ही स्मारक ही बन पाया। प्रशासन के तमाम वादे कागजी ही साबित हुए। शहीद के पिता अपने बेटे का स्मारक जीते जी नहीं देख सके और जनवरी में चल बसे। 
Pulwama martyr kaushal kishor Tribute In Agra
शहीद कौशल किशोर
शहादत दिवस पर कौशल कुमार रावत के परिवारीजनों को सम्मानित किया। शहीद को अधूरे स्मारक पर श्रदांजलि दी गई। इस दौरान सांसद राजकुमार चाहर व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
Pulwama martyr kaushal kishor Tribute In Agra
शहीद का परिवार - फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में नायक कौशल कुमार रावत 14 फरवरी 2014 को पुलवामा हमले में शहीद हुए थे। उनके गांव कहरई में जिला प्रशासन और मंत्रियों के आश्वासन के बाद भी विकास कार्य के नाम पर सीमेंटेड सड़क ही बन सकी है, वो भी आधे गांव में। शहीद के भाई कमल किशोर रावत ने बताया कि जिला प्रशासन शहीद के स्मारक के लिए जमीन मुहैया नहीं करा सका। आखिरकार परिवार ने अपनी पैतृक जमीन में स्मारक बनवाने का निश्चय किया।
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शहीद कौशल किशोर का बेटा
ग्राम पंचायत निधि से स्मारक बनाने का काम शुरू हो चुका है। आधे से ज्यादा स्मारक बनकर तैयार है, लेकिन इसके दो तरफ की दीवारें बनना शेष हैं। अब पंचायत निधि में धनराशि भी नहीं बची है।
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शहीद कौशल किशोर के पिता (फाइल)
शहीद के परिजन सीआईएसएफ की उनकी बटालियन की मदद से राजस्थान से उनकी साढ़े छह फुट ऊंची मूर्ति बनवा रहे हैं। उनके भाई ने बताया कि मूर्ति लगभग दो लाख रुपये की लागत से बनवाई जा रही है। इसमें भी प्रशासन का कोई सहयोग नहीं रहा है। मां सुधा देवी को मलाल है कि कौशल के पिता गीताराम अपने बेटे का स्मारक देखना चाहते थे, लेकिन 11 जनवरी को चल बसे। मां ने कहा कि बेटे का स्मारक बन जाए, गांव में सभी यह चाहते हैं।
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