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वृंदावन: लो आ गई ठंड...आज से बदला ठाकुर श्रीबांकेबिहारी का खानपान, जानिए क्या होगा खास

संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा-वृंदावन Published by: Abhishek Saxena Updated Thu, 21 Oct 2021 08:29 AM IST
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Thakur Banke Bihari Bhog Change In Winter Season
ठाकुर बांकेबिहारी महाराज - फोटो : अमर उजाला

शरद पूर्णिमा के साथ ही ठाकुर बांकेबिहारी महाराज के खानपान और रहन सहन में भी बदलाव आ गया। कहते हैं कि शरद पूर्णिमा से सर्दी का आगमन भी हो जाता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए ठाकुरजी की सेवा में भी बदलाव हो गया है। गुरुवार को पड़वा से ठाकुर श्रीबांकेबिहारी महाराज के मंदिर में भोग सेवा में मौसम के अनुरूप परिवर्तन हो गया है। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत आचार्य प्रह्लाद बल्लभ गोस्वामी ने बताया कि ठाकुरजी को अब हल्की रेशमी पोशाकों के स्थान पर वेलवेट, सनील, ऊनी कपड़े की पोशाकें धारण कराई गईं हैं। ठाकुरजी को सर्दी न लगे, इसके लिए रजत जड़ित शयन शैया पर पशमीने की चादर, शेमल की रुई वाली रजाई, तकिये बिछाए जाते हैं और चांदी की सिगड़ी में अग्नि सुलगाकर गर्भगृह को गर्म रखा जाता है।

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Thakur Banke Bihari Bhog Change In Winter Season
ठाकुर बांकेबिहारी में दर्शन करने आए भक्त - फोटो : अमर उजाला
प्रात:काल गरमा-गरम मेवायुक्त मोहनभोग (हलुआ), पकौड़ी और केसर युक्त दूध का भोग रखा जाता है। दोपहर के राजभोग में तप्त कढ़ी, रसीली और सूखी दाल, गीली व सूखी सब्जी, नमकीन, मीठा रायता, नमकीन, मीठे, सादा चावल, मुठिया का लड्डू, पंचमेवायुक्त केसरिया विशेष दूधभात, खीर, मिस्सी, सादा फुलकियां, बेसनी पराठा, पापड़, अचार, चटनी, मुरब्बा आदि अर्पित किए जाते हैं।
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बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
चार बार होती है इत्र से मालिश
सर्दियों में चार बार सुबह, दोपहर, शाम और रात को हिना, केसर, कस्तूरी के इत्र से ठाकुरजी की मालिश की जाती है। प्रतिवर्ष भाई दूज से दर्शन और आरती के समय में भी शीतकालीन परिवर्तन हो जाता है। 
Thakur Banke Bihari Bhog Change In Winter Season
श्वेत वस्त्रों से सजाया गया बांकेबिहारी मंदिर - फोटो : अमर उजाला
शीतकाल में सुबह 9 बजे से 1 बजे तक और संध्याकाल में 4:30 से 8:30 बजे तक ठाकुर बांकेबिहारी महाराज के दर्शन सुलभ होते हैं।  श्रीबिहारीजी की सेवा के लिए कश्मीरी केसर, कन्नौजिया इत्र, कर्नाटकी चंदन और काबुली मेवाएं प्रयोग में लाई जाती हैं।  
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बांकेबिहारी मंदिर पर आए भक्त - फोटो : अमर उजाला
शयन भोग सेवा
शयनभोग सेवा में ठाकुरजी को पूड़ी, कचौड़ी, बेड़ई, पकौड़ी, समोसा, दो प्रकार की रसीली एवं दो तरह की सूखी सब्जियां, मीठा दही, चटपटा रायता, पापड़, चटनी, सोंठ, मेवा वाला अदोटा और हलुआ तथा पिस्ता-केसर वाला दूधभात आदि दिव्य पदार्थों का भोग रखे जाते हैं।

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