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यूजीसी रोलबैक: एक्सप्रेसवे पर पथराव, पुलिस से हुई बड़ी चूक; आगरा बवाल की ये 10 तस्वीरें हिला देंगी दिमाग
Mon, 21 Sep 2026 10:50 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 21 Sep 2026 10:50 AM IST
सार
यूजीसी के नए नियमों के विरोध में निकले ट्रैक्टर मार्च को रोकने के लिए पुलिस ने तीन स्तर की सुरक्षा लगाई थी, लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर एक्सप्रेसवे तक पहुंच गए। नाई की सराय में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच फिर टकराव हुआ, जहां पथराव और लाठीचार्ज के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए।
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आगरा में बवाल
- फोटो : अमर उजाला
यूजीसी के नए नियमों के विरोध में रविवार को खंदौली के गांव मुड़ी से निकले ट्रैक्टर मार्च के दौरान जमकर बवाल हुआ। करीब एक हजार प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेडिंग तोड़कर यमुना एक्सप्रेसवे को करीब 45 मिनट तक ठप रखा। पुलिस से झड़प और पथराव भी हुआ। वहीं नीम का सराय में पुलिस पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश करने से वहां कुछ देर के लिए दहशत का माहौल रहा।
आगरा में बवाल
- फोटो : अमर उजाला
नाई की सराय में भी भिड़े
दोपहर डेढ़ बजे एक्सप्रेसवे से नीचे उतरने के बाद करीब एक दर्जन ट्रैक्टरों पर सवार प्रदर्शनकारी फिर से शहर की ओर बढ़ने लगे। नाई की सराय पर पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने लाठियां चलाकर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। इस दाैरान कुछ लोगों ने पथराव भी किया। इससे अफरातफरी मच गई। पथराव में सड़क से गुजर रहे एक कंटेनर के शीशे टूट गए। लाठीचार्ज में खंदौली के आविदगढ़ निवासी सचिन के पैर में चोट आई। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने आधा घंटे में स्थिति पर नियंत्रण पाया। दोपहर में 3 बजे पुलिस आयुक्त दीपक कुमार भी फोर्स के साथ पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।
दोपहर डेढ़ बजे एक्सप्रेसवे से नीचे उतरने के बाद करीब एक दर्जन ट्रैक्टरों पर सवार प्रदर्शनकारी फिर से शहर की ओर बढ़ने लगे। नाई की सराय पर पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने लाठियां चलाकर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। इस दाैरान कुछ लोगों ने पथराव भी किया। इससे अफरातफरी मच गई। पथराव में सड़क से गुजर रहे एक कंटेनर के शीशे टूट गए। लाठीचार्ज में खंदौली के आविदगढ़ निवासी सचिन के पैर में चोट आई। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने आधा घंटे में स्थिति पर नियंत्रण पाया। दोपहर में 3 बजे पुलिस आयुक्त दीपक कुमार भी फोर्स के साथ पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।
आगरा में बवाल
- फोटो : अमर उजाला
ज्ञापन देने पर बंटे दो गुट
प्रदर्शन के अंतिम चरण में ज्ञापन सौंपने को लेकर भी प्रदर्शनकारियों में मतभेद सामने आया। यूजीसी मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह, मनोज सिकरवार, लाखन सिंह त्यागी, संपूर्ण सुधार संगठन के अध्यक्ष जितेंद्र त्यागी और अविनाश बेंस समेत वरिष्ठ नेताओं ने एसडीएम एत्मादपुर सुमित कुमार सिंह को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इस पर कई युवा नाराज हो गए और डीएम को मौके पर बुलाकर ज्ञापन लेने की मांग करने लगे। इसे लेकर देर तक गहमागहमी रही। बाद में वरिष्ठ नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने युवाओं को समझाकर शांत कराया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
प्रदर्शन के अंतिम चरण में ज्ञापन सौंपने को लेकर भी प्रदर्शनकारियों में मतभेद सामने आया। यूजीसी मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह, मनोज सिकरवार, लाखन सिंह त्यागी, संपूर्ण सुधार संगठन के अध्यक्ष जितेंद्र त्यागी और अविनाश बेंस समेत वरिष्ठ नेताओं ने एसडीएम एत्मादपुर सुमित कुमार सिंह को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इस पर कई युवा नाराज हो गए और डीएम को मौके पर बुलाकर ज्ञापन लेने की मांग करने लगे। इसे लेकर देर तक गहमागहमी रही। बाद में वरिष्ठ नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने युवाओं को समझाकर शांत कराया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
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आगरा में बवाल
- फोटो : अमर उजाला
नियमों के विरोध में कायदों की बलि
यूजीसी के नए नियमों के विरोध में रविवार को हुए ट्रैक्टर मार्च को रोकने के लिए शनिवार रात हुई वार्ता के बाद पुलिस अधिकारियों ने तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था की। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों की रणनीति के आगे पुलिस की तैयारियां धरी रह गईं। प्रदर्शनकारियों ने जमकर हंगामा करने के साथ वाहनों में तोड़फोड़ भी की। पुलिस ने आगरा-जलेसर मार्ग पर नादऊ में यमुना एक्सप्रेसवे के पुल के नीचे बैरिकेडिंग, जेसीबी-हाइड्रा और पीएसी वाहनों की तीन लेयर लगाकर रास्ता रोका था। बैरिकेडिंग तोड़कर प्रदर्शनकारी सर्विस रोड और खेतों के रास्ते एक्सप्रेसवे पर पहुंच गए। दो सप्ताह से एत्मादपुर और बरहन क्षेत्र में प्रदर्शन किया जा रहा है। पूर्व में एत्मादपुर तहसील में बवाल हुआ था। दो दिन पहले भी प्रदर्शनकारियों ने संवाई होते हुए एत्मादपुर तहसील तक पहुंचने के लिए प्रदर्शन किया। रविवार को भी ट्रैक्टर मार्च का कार्यक्रम तय था। लोग मुड़ी चौराहे से कलेक्ट्रेट तक जाना चाहते थे।
यूजीसी के नए नियमों के विरोध में रविवार को हुए ट्रैक्टर मार्च को रोकने के लिए शनिवार रात हुई वार्ता के बाद पुलिस अधिकारियों ने तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था की। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों की रणनीति के आगे पुलिस की तैयारियां धरी रह गईं। प्रदर्शनकारियों ने जमकर हंगामा करने के साथ वाहनों में तोड़फोड़ भी की। पुलिस ने आगरा-जलेसर मार्ग पर नादऊ में यमुना एक्सप्रेसवे के पुल के नीचे बैरिकेडिंग, जेसीबी-हाइड्रा और पीएसी वाहनों की तीन लेयर लगाकर रास्ता रोका था। बैरिकेडिंग तोड़कर प्रदर्शनकारी सर्विस रोड और खेतों के रास्ते एक्सप्रेसवे पर पहुंच गए। दो सप्ताह से एत्मादपुर और बरहन क्षेत्र में प्रदर्शन किया जा रहा है। पूर्व में एत्मादपुर तहसील में बवाल हुआ था। दो दिन पहले भी प्रदर्शनकारियों ने संवाई होते हुए एत्मादपुर तहसील तक पहुंचने के लिए प्रदर्शन किया। रविवार को भी ट्रैक्टर मार्च का कार्यक्रम तय था। लोग मुड़ी चौराहे से कलेक्ट्रेट तक जाना चाहते थे।
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आगरा में बवाल
- फोटो : अमर उजाला
इसके लिए अधिकारियों ने संगठन के पदाधिकारियों से वार्ता की। इसका कोई फायदा नहीं हुआ। लोग पाबंद भी किए गए। प्रदर्शनकारियों को मुड़ी चौराहे पर एकत्र होकर ट्रैक्टरों के साथ आगरा रवाना होना था। शनिवार रात से ही प्रदर्शनकारी चौराहे पर पहुंचने लगे। देर रात तक बैठक और पुलिस के साथ वार्ता होती रही। पुलिस ने शनिवार को करीब 80 लोगों को नोटिस भी तामील कराए थे। रविवार सुबह करीब आठ बजे से चौराहे पर लोगों का पहुंचना शुरू हो गया। 11 बजे तक एक हजार से ज्यादा लोग जुट गए। इनमें क्षत्रिय समाज के 22 गांवों के अलावा आसपास के जिलों से आए लोग भी शामिल थे। ट्रैक्टर मार्च में युवाओं की संख्या अधिक थी। प्रदर्शनकारी हाथों में यूजीसी के विरोध वाले पोस्टर लेकर नारे लगाते हुए आगरा की ओर बढ़े।