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महिला को जिंदा जलाने का मामलाः अनिल के घर में चार लोग घुसे थे, दो मिनट बाद संगीता जलती हुई बाहर निकली...
Wed, 14 Oct 2020 12:01 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 14 Oct 2020 12:01 PM IST
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मृतका संगीता की फाइल फोटो, मौके पर पहुंचे एसपी सिटी
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा के थाना ताजगंज क्षेत्र निवासी संगीता पंचायत से रोते हुए घर आई थी। उसके पीछे पंचायत से ही चार लोग आए थे। ये लोग संगीता के घर के अंदर गए। दो मिनट बाद ही चीख सुनाई दी और फिर संगीता लपटों से घिरी बाहर निकली। सब लोग उसे बचाने की कोशिश में लगे, इसी बीच चारों लोग भाग गए। यह नहीं पता चला कि संगीता को उन लोगों ने ही जलाया था या उसने खुद ही आग लगाई थी... यह कहना है अनिल का। पत्नी को बचाने की कोशिश में उसके हाथ भी झुलस गए थे।
मृतका संगीता का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
उसने पुलिस को बताया है कि उनके (उसके और संगीता के) साथ कॉलोनी के 10-15 लोग गए थे। सभी ने यही कहा कि मामला बच्चों के झगड़े का है, इसमें एससी-एसटी एक्ट की रिपोर्ट दर्ज कराना गलत है, इस मुकदमे को वापस लिया जाए। भरत खरे ने शर्त रखी कि इसके लिए उसे और संगीता को माफी मांगनी होगी।
सेवानिवृत्त फौजी अनिल कुमार और उनकी पत्नी संगीता का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
दोनों ने हाथ जोड़कर माफी मांग ली। इस पर भरत ने कहा कि माफी हाथ जोड़कर नहीं, पैर पकड़कर मांगी जाती है। दोनों ने भरत और उसकी पत्नी सुनीता के पैर भी छू लिए। कॉलोनी के लोगों ने भरत खरे से कहा, आप कॉलोनी के अध्यक्ष हैं, अब मामला खत्म कीजिए।
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घटनास्थल पर जांच करते एसपी सिटी
- फोटो : अमर उजाला
पंचायत में शामिल रहीं वंदना ने बताया कि भरत ने एक और शर्त रख थी कि जो लोग इनकी हिमायत में आए हैं, वे भी माफी मांगें। कॉलोनी के लोगों ने कहा कि हम सभी माफी मांगते हैं, अब बात खत्म करो। अब भरत की ओर से आए रिश्तेदार कहने लगे कि फैसला तब होगा जब ये लोग (अनिल पक्ष) दस लाख रुपये देंगे। इस पर कॉलोनी के लोगों ने कहा कि ये (अनिल) इतने पैसे कहां से लाएगा। भरत ने कहा कि अच्छा दस नहीं तो पांच लाख दे दो, इससे कम नहीं। धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए तो दोनों को एससी-एसटी एक्ट में जेल भिजवा देगा। इसके बाद उसने कहा कि वह अभी पुलिस को फोन करता है। इसी के बाद संगीता पंचायत से चली गई थी।
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आरोपी दंपती
- फोटो : अमर उजाला
कंपनी में अधिकारी है मुख्य आरोपी
मुख्य आरोपी भरत खरे एक कंपनी में अधिकारी है। पीड़ित अनिल टोरंट में काम करता है। दोनों के घर के बीच 100 मीटर का फासला है। संगीता का मायका दिल्ली के उत्तम नगर में है।
मुख्य आरोपी भरत खरे एक कंपनी में अधिकारी है। पीड़ित अनिल टोरंट में काम करता है। दोनों के घर के बीच 100 मीटर का फासला है। संगीता का मायका दिल्ली के उत्तम नगर में है।