यूपी के हाथरस में सेवानिवृत्त फौजी व उनकी पत्नी की हत्या के मामले में पुलिस का शक जान-पहचान वालों पर है। पुलिस को घर में प्रवेश के लिए किसी तरह की जोर-जबरदस्ती के सबूत नहीं मिले हैं। डॉग स्क्वॉड भी पहले घटनास्थल से 10 कदम की दूरी पर मृतक की दूसरी पत्नी सीमा के घर तक पहुंचा। इसके बाद बगल में स्थित मदरसा मिस्बाह उल उलूम पहुंचकर ठिठक गया।
मदरसे के पास चार मिनट तक डाॅग रुका रहा। टीम ने करीब 15 मिनट तक आसपास के इलाके में छानबीन की। घटनास्थल तक पहुंचने के सभी रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रविवार तड़के की एक फुटेज में कुछ संदिग्ध लोग नजर आए हैं। इनकी पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
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दोहरे हत्याकांड के बाद जांच करती टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मुंह के बल पड़े थे दोनों के शव
घटनास्थल पर पहले पहुंचने वालों लोगों में शामिल इमरान ने बताया कि जब वह नाना शमसुद्दीन के मकान के नीचे की दुकान खोलने पहुंचे तो देखा नीचे का गेट खुला था। उन्हें लगा कि नाना ही गेट खोलकर कहीं निकले होंगे। इसके बाद वह दूसरी दुकान खोलने चले गए। घटना की जानकारी मिलने पर वह ऊपर पहुंचे तो देखा ऊपर का दरवाजा भी खुला था।
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हत्या के बाद विलाप करतीं महिलाएं
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गेट के सामने लॉबी में नाना शमसुद्दीन का शव पड़ा था। उनका मुंह फर्श की तरफ था और बायां हाथ पीछे मुड़ा था। मानो किसी ने दबोच कर तब तक गले पर वार किए जब तक जान नहीं निकल गई। बगल के कमरे के दरवाजे पर सद्दो बेगम का शव भी मुंह के बल जमीन पर पड़ा था। ऐसा लग रहा था जैसे किसी ने उन्हें पीछे से पकड़ कर जमीन पर सिर सटाकर गला रेत दिया हो।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद
पीठ और पेट पर भी थे गहरे घाव
इमरान ने बताया कि लाॅबी से लेकर कमरे तक खून ही खून बिखरा था। दोनों के पीठ और पेट पर भी गहरे घाव थे। इमरान के मुताबिक ये किसी एक इन्सान का काम नहीं हो सकता। इसमें दो-चार लोग रहे होंगे जिन्होंने नाना और नानी को मिलकर दबोचा होगा और फिर बेरहमी से हत्या कर दी।
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डबल मर्डर के बाद भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
परिचित ने खुलवाया होगा दरवाजा
शमसुद्दीन के भांजे कप्तान खां ने बताया कि वह दुकान बंद करके चले जाते हैं। रात में मामा ही सीढ़ियों वाला नीचे का गेट बंद करते थे। उन्होंने आशंका जताई कि किसी जान-पहचान वाले के आने पर ही मामा ने गेट खोला होगा। संभव है कि वह गेट खोलने पर परिचित के साथ ऊपर तक गए होंगे। ऊपर पहुंचने पर पीछे से ही उन्हें दबोच लिया गया होगा।