कछार में बसे लोगों के लिए सिंचाई विभाग की बृहस्पतिवार रात आठ बजे की रिपोर्ट राहत लेकर आई। यमुना नदी में पानी घटने लगा है तो गंगा भी स्थिर हो गई है। हालांकि दोनों नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब है। इसके अलावा पहाड़ों पर बारिश जारी है। ऐसे में खतरा अब भी बना हुआ है। सिंचाई विभाग बाढ़ प्रखंड की ओर से शुक्रवार को सायं चार बजे की बुलेटिन के अनुसार फाफामऊ गंगा में में चार घंटे में आठ सेंटीमीटर जलस्तर कम हुआ है। यहां खतरे का निशान 84.738 है, जबकि जलस्तर 84.27 सेंटीमीटर दर्ज किया गया है। छतनाग में गंगा का जलस्तर 83.16 सेंटीमीटर रिकॉर्ड किया गया है। यहां चारा घंटे में छह सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई है। यमुना नदी का जलस्तर नैनी में 83.74 मीटर दर्ज किया गया है। यहां चार घंटे में 19 मीटर की कमी दर्ज की गई है।
Prayagraj Flood Update : घटने लगा गंगा और यमुना का जलस्तर, खतरे के निशान पर पहुंचते ही नदियों की कम हुई रफ्तार
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 29 Aug 2025 06:22 PM IST
सार
Prayagraj Flood News : प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर भले ही आंशिक रूप से कम हो रहा है लेकिन दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शहर के दो दर्जन से अधिक मुहल्ले बाढ़ की चपेट में हैं और 2700 से अधिक लोग बाढ़ राहत शिविरों में रहने के लिए बाध्य हैं। यह स्थिति फूलपुर और करछना तहसील क्षेत्र की भी है।
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