सब्सक्राइब करें

गजब: यहां सभी अपने नाम के पीछे लिखते हैं तोता, भेड़िया, गिलहरी और बंदर, हवेलियों से होती है लोगों की पहचान

मुकेश पंवार, संवाद न्यूज, एजेंसी,बागपत Published by: डिंपल सिरोही Updated Mon, 09 Sep 2024 01:35 PM IST
विज्ञापन
BAGHPAT: people are identified by the name of haveli in Bamnauli baghpat, people known as totoa, bandar
गांव में हवेलियां - फोटो : अमर उजाला

उत्तर प्रदेश के बड़ाैत का बामनौली एक ऐसा गांव है, जहां हवेली के नाम से लोगों की पहचान होती है। गांव में आने वाले लोग हवेलियों के नाम से लोगों का पता पूछते हैं। इसके अलावा गांव में भी लोगों को हवेली के नाम से जाना जाता है।



इसके अलावा 11 ऐतिहासिक मंदिर से भी गांव की पहचान बनी हुई है। यही नहीं यहां अपने नाम के आगे पशु-पक्षियों के नाम उपनाम के ताैर पर लगाने की रवायत भी पुराने समय से ही जारी है।

Trending Videos
BAGHPAT: people are identified by the name of haveli in Bamnauli baghpat, people known as totoa, bandar
हवेलियां - फोटो : अमर उजाला

बामनौली गांव में 250 साल पहले बड़ी-बड़ी हवेलियां बनाने का कार्य शुरू हुआ और गांव में 50 से ज्यादा हवेलियां बनवाई गईं। इनके कारण गांव को हवेलियों वाला गांव कहा जाता है। गांव की 24 से अधिक हवेलियां पूर्वजों की गाथाओं को चरितार्थ करती हैं।

कुछ लोग गांव से हवेलियों को बेचकर शहरों में रह रहे हैं, जबकि तकरीबन 30 परिवार आज भी पूर्वजों की हवेलियों में रहकर अपने पूर्वजों के इतिहास को सहेजे हुए हैं। हालांकि गांव में आधुनिक मकानों की संख्या अब काफी ज्यादा है, लेकिन ये पुरानी हवेलियां आज भी गांव की शान कहलाती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
BAGHPAT: people are identified by the name of haveli in Bamnauli baghpat, people known as totoa, bandar
हवेलियां - फोटो : अमर उजाला

ईंट बनाने को लगाई थी भट्ठी
ग्रामीणों का कहना है कि उनके पूर्वजों ने हवेलियों का निर्माण करने के लिए ईंट बनाने को गांव में भट्ठियां लगाई गई थीं। हवेलियों में आज भी उन भट्ठियों से बनी ईंट लगी हैं, जो गांव व हवेलियों के 250 साल पुराने इतिहास को बयां करती हैं। हवेली में रहने वाले लोगों का कहना है कि पूर्वजों की हवेली में रहने पर गर्व महसूस होता है। उनके पूर्वजों ने गांव में जब हवेलियों का निर्माण कराया था, तब अधिकतर लोग कच्चे मकानों में रहते थे।

BAGHPAT: people are identified by the name of haveli in Bamnauli baghpat, people known as totoa, bandar
हवेलियां - फोटो : अमर उजाला

इन्होंने कराया था हवेली का निर्माण
गांव में रघुवीर सिंह, चंदन सिंह, गिरवर सिंह, रामप्रसाद सिंह, तोताराम, तुलसी राम, हरज्ञान सिंह, बालमुकंद बनिया, रामनारायण सिंह, भोपाल सिंह, राधेश्याम, ज्योति स्वरूप ने सबसे पहले हवेलियों का निर्माण कराया था। इनके बाद गांव के अन्य लोगों ने हवेलियों का निर्माण शुरू कराया।

विज्ञापन
BAGHPAT: people are identified by the name of haveli in Bamnauli baghpat, people known as totoa, bandar
हवेलियां - फोटो : अमर उजाला

11 ऐतिहासिक मंदिर भी हैं गांव की पहचान
गांव में 11 ऐतिहासिक मंदिर भी गांव की पहचान हैं। ये सभी मंदिर गांव के चारों ओर बनाए गए हैं। गांव के नागेश्वर मंदिर, बाबा सुरजन दास मंदिर, ठाकुर द्वारा मंदिर, शिव मंदिर, हनुमान मंदिर, बाबा काली सिंह मंदिर, दिगंबर जैन मंदिर, श्वेताम्बर स्थानक, शिव मंदिर, गुरु रविदास मंदिर, वाल्मीकि मंदिर दूर-दूर तक प्रसिद्ध हैं। इनमें से कई मंदिरों में दूर-दराज से श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने आते हैं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed