घरों में कैद लोग, बंद बाजार, रोजगार से महरूम होकर अपने घरों के लिए पैदल ही लौटते प्रवासी और अजीब सी दहशत...। यह नजारा था पिछले साल लगे लॉकडाउन के बाद का। हालात कुछ इस कदर खराब हो गए थे कि रोज कमाने-खाने वालों के लिए राशन के लाले पड़ गए थे। यहां तक कि सड़कों पर विचरने वाले जानवरों तक को खाना नहीं मिल पा रहा था। गरीबों को खाना खिलाने के लिए लोगों ने जगह-जगह खाना बांटा था। उस दौर को याद कर आज भी सिहरन दौड़ जाती है। लोग उस मंजर को भूलना चाहते हैं, लेकिन फिर भी भूल नहीं पाते।
लॉकडाउन का एक साल: अजीब सी थी दहशत... खाने तक के पड़ गए थे लाले, दर्द भरी है पूरी कहानी, देखें तस्वीरें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
Published by: कपिल kapil
Updated Wed, 24 Mar 2021 05:27 PM IST
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