रूस-यूक्रेन संकट पर बागपत की नजरें भी टिकी हैं। जिले के कई लोग और छात्र यूक्रेन में फंस गए हैं। धमाकों की आवाज के साथ ही दिलों की धड़कन बढ़ जाती है। वह किसी तरह अपने घर लौटना चाहते हैं। यहां उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई है। परिजन सरकार से मांग कर रहे हैं कि उनके बच्चों को किसी तरह यूक्रेन से निकालकर वापस लाया जाए।
यूक्रेन : मां धमाकों से लग रहा डर, घर लौटना चाहती हूं, बेटी की दास्तां सुन भावुक हुए परिजन, कर रहे सलामती की दुआ
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खाद्य सामग्री का भंडारण कर रहे लोग, एटीएम पर लाइन लगी
सुभानपुर गांव के रहने वाले अक्षत त्यागी यूक्रेन के शहर किरवोग्राद में रहकर व्यवसाय करते हैं। अक्षत ने बताया कि रूस के हमला करने के बाद हालात बिगड़ते जा रहे हैं और दहशत का माहौल है। हर कोई खाद्य सामग्री का भंडारण करने में लगा है। एटीएम पर लाइन लगी है।
अक्षत ने बताया कि फोन लाइन ठप हो चुकी है। इंटरनेट अभी सैटेलाइट से होने के कारण चल रहा है। बताया कि जहां से सबसे ज्यादा व्यापार होता है, उस ओडिसा में पोर्ट के नेबल बेस को तबाह कर रूस ने कब्जा कर लिया। इसके अलावा एयरफोर्स के स्टेशनों पर हमला किया जा रहा है। वे किसी भी तरह अपने देश लौटना चाहते हैं।
उड़ान बंद होने के कारण फंसी बड़ागांव की बेटी निहारिका
बड़ागांव निवासी श्रीओम त्यागी की पुत्री निहारिका यूक्रेन में एमबीबीएम कर रही है। यूक्रेन में रूस के हमला करने के बाद से परिजन चिंतित है और वह लगातार निहारिका से संपर्क बनाए हुए है। पिता ने बताया कि उनकी बेटी ऑफलाइन परीक्षा दे रही थी। हमले के कारण परीक्षा रद्द की गई है। परीक्षा समाप्त कर निहारिका को भारत आना था। मगर, अब सभी उड़ानों के बंद होने के कारण भारतीय छात्र वहां फंस गए हैं।
निहारिका ने बताया कि दो दिन में परीक्षा समाप्त होनी थी। इसके बाद सभी को अपने घर वापस लौटना था। पहले ऐसा लगता था कि रूस केवल धमकी ही दे रहा है। मगर, युद्ध के कारण सभी दहशत के बीच रहने को मजबूर है। पिता ने सरकार से यूक्रेन में फंसे सभी छात्रों को एअरलिफ्ट कराकर भारत वापस लाने की मांग की है।