बागपत के चांदीनगर क्षेत्र में आठ पलकों वाला अलौकिक शिवलिंग मौजूद है। पौराणिक इतिहास के अनुसार यह वही शिवलिंग है जहां भगवान परशुराम ने महादानी कर्ण को अभिशाप दिया था।
श्रावण: यूपी के बागपत में है आठ पलकों वाला अलौकिक शिवलिंग, भगवान परशुराम ने यहां कर्ण को दिया था श्राप
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मंदिर के पुजारी एकादशी गिरी बताते हैं कि मंदिर प्रांगण में पूर्व महंतों की समाधियां बनी हुई हैं और एक धूना 24 घंटे चलता है।
बताया जाता है हिसावदा निवासी एक लड़की को स्वप्न में प्राचीन वृक्ष पर गणेश भगवान की तस्वीर दिखाई दी थी। स्वप्न की सच्चाई देखने को युवती के परिजन महेश मंदिर पहुंचे थे, जिसके बाद से यहां वृक्ष को गणेश भगवान मानकर पूजा जाता है।
मंदिर में मौजूद है आठ पलकों वाली पिंडी
मंदिर में आठ पलक वाली लाल पिंडी मौजूद है। भगवान परशुराम ने प्राचीनकाल में मंदिर में शिवलिंग की स्थापना की थी और मंदिर प्रागंण के नजदीक ही का आश्रम बनाया था।
इसी स्थान पर दिया था कर्ण को श्राप
बताया जाता है कि भगवान परशुराम ने इसी स्थान पर कर्ण को श्राप दिया था। महंत एकादशी गिरी महाराज बताते हैं भगवान परशुराम इसी स्थान पर कर्ण की गोद पर अपना सिर रखकर विश्राम कर रहे थे। को जमीन पर रेंग रहे बिच्छू ने कर्ण के पांव काट लिया था।
महंत बताते हैं कि बिच्छू के काटने पर भी कर्ण जरा भी नहीं हिले, लेकिन उनके पांव से बह रहे खून से भगवान परशुराम की निद्रा भंग हो गई, उन्होंने क्रोधित होकर कर्ण को सूत पुत्र बताकर श्राप दिया था।