उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के नगरिया मोड़ पर अधजली मिली एसएस कॉलेज की छात्रा और परिजन के बयान के बाद यह साफ हो रहा है कि दरिंदे गैंगरेप के बाद छात्रा को जलाकर मारने की तैयारी से आए थे। अपने मंसूबे में फेल होने पर उन्होंने छात्रा पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। पेट्रोल उन्होंने अलग शीशी में भरकर रखा था। सोमवार दोपहर को साजिश के तहत पहले छात्रा को डैम पर आने के लिए कहा गया। जहां बाइक की डिक्की में शीशी में पेट्रोल लिए युवक खड़े मिले। छात्रा इनमें से अपने साथ पढ़ने वाले एक युवक को पहचानती थी। यही वजह थी कि जब वह आई तो युवक उसे रास्ते में खड़ा मिला और छात्रा उससे बातचीत करने लगी। छात्रा ने परिजन को बताया कि तभी किसी ने पीछे से उसे कुछ सुंघा दिया गया, जिसके बाद उसे होश नहीं रहा। खेत पर जब उसे होश आया तो वह पहले समझ ही नहीं पाई कि उसके साथ क्या हुआ है।
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घटनास्थल
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इसके बाद युवकों ने उसे धमकाया और जबरदस्ती की। छात्रा ने उनसे जमकर संघर्ष किया। ऐसे में बात बनती न देख उन्होंने उसके शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। छात्रा के शरीर से लपटें उठने लगी तो युवक भाग गए। माना जा रहा कि आरोपी समझ रहे थे कि थोड़ी देर में छटपटाकर छात्रा मर जाएगी और जली हुई लाश की शिनाख्त जल्द नहीं होगी। उनकी करतूत किसी को पता नहीं चलेगी। मगर छात्रा ने अपनी बहादुरी से उनके मंसूबों को विफल कर दिया।
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जांच करती पुलिस
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हिन्दी भाषा की क्लास में मुलाकात
छात्रा. उसकी सहेली और सहेली की बड़ी बहन का देवर एसएस कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष में ही पढ़ते थे। तीनों के विषय कुछ अलग थे। छात्रा और सहेली के दो विषय हिन्दी भाषा और होम साइंस एक थे। सहेली का देवर हिंदी भाषा का छात्र था। तीनी की मुलाकात कभी-कभी हिन्दी भाषा की कक्षा में होती थी। यहीं पढ़ते समय छात्रा का सहेली से संबंध बढ़ा था।
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इसी जगह पर लगाई थी
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सिविल अस्पताल में भर्ती छात्रा की हालत स्थिर
लखनऊ के सिविल अस्पताल में भर्ती छात्रा की हालत बुधवार को भी स्थिर बनी रही। छात्रा का ऑक्सीजन सपोर्ट हटा दिया गया। सिविल अस्पताल के प्लास्टिक सर्जन डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि कुछ ढंग से बोल नहीं पा रही है।
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Shahjahanpur case
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बुधवार को उसकी मां के जरिये बातचीत कराने की कोशिश कि और कुछ बोलने बाद शांत हो गई। उन्होंने बताया कि छात्रा की हालत स्थिर बनी हुई है। उसके लिए पांच दिन अहम है। संक्रमण से लिए बाहर से आ रहे रिश्तेदारों से मिलने से भी रोका जा रहा है। वहीं, डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ लगातार उसकी सेहत पर नजर बनाए रखने संग दवाएं जारी रखे हुए हैं।