{"_id":"60be6fa6a8053b567d60aaca","slug":"shahjahanpur-suicide-case-akhilesh-gupta-had-already-prepared-for-mass-suicide-drug-found-in-home","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"सामूहिक सुसाइड केस: अखिलेश ने पहले ही तैयार कर लिया था खौफनाक प्लान, ले आया था मौत का ये सामान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सामूहिक सुसाइड केस: अखिलेश ने पहले ही तैयार कर लिया था खौफनाक प्लान, ले आया था मौत का ये सामान
Tue, 08 Jun 2021 12:42 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर
अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 08 Jun 2021 12:42 AM IST
विज्ञापन
shahjahanpur suicide case
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहजहांपुर जिले में आर्थिक तंगी और सूदखोर से परेशान दवा कारोबारी ने सोमवार सुबह घर में अपने दो बच्चों को फंदे पर लटकाने के बाद खुद भी पत्नी के साथ फंदे से लटक कर जान दे दी। तीन सुसाइड नोट मिले हैं, तीनों में ही आत्महत्या के पीछे आर्थिक तंगी की बात लिखी है। पिता ने मरहैया मोहल्ले के रहने वाले अविनाश वाजपेयी के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने की एफआईआर दर्ज कराई है। मूलरूप से बरेली के फरीदपुर कस्बे के ऊंचा मोहल्ले के रहने वाले अखिलेश गुप्ता (42) को सूदखोर ने कितना प्रताड़ित किया था, वो पूरा दर्द उसके सुसाइड नोट में साफ दिखाई देता है। अखिलेश ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि उसे सूदखोर ने बहुत परेशान किया है। मानसिक तौर पर उसे तोड़कर रख दिया है। वह अब यह दबाव बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है। उसके मरने के बाद अगर उसके बच्चे जिंदा रहते हैं तो सूदखोर उन्हें नोंच खाएंगे। इसीलिए वह सबको साथ लेकर जा रहा है।
अखिलेश गुप्ता, फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
सामूहिक आत्महत्या से पहले अखिलेश गुप्ता ने पूरी तैयारी कर ली थी। वह कहीं से जूट की रस्सी लेकर आया था। रस्सी के टुकड़े कर चार फंदे तैयार किए। आशंका यह भी है कि चाय में पहले नशीली गोली मिलाई गई। जब बच्चे बेसुध हो गए तब उन्हें लटकाया।
shahjahanpur suicide case
- फोटो : अमर उजाला
अखिलेश गुप्ता के नवनिर्मित मकान के अंदर का नजारा सोमवार को किसी का भी दिल दहला सकता था। दूसरी मंजिल की लॉबी में पड़े जाल से अखिलेश और पत्नी का शव लटक रहा था। कमरे की चौखट पर फूल सी छह साल की बच्ची अर्चिता का शव रस्सी से लटक रहा था। कमरे के रौशनदान से 12 साल के बेटे शिवांग की मृत देह लटकी हुई थी। किचन में पतीले में कुछ चाय बची हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विलाप करते हुए परिजन
- फोटो : अमर उजाला
किचन के वॉशबेसिन में प्लेट पर चाय के चार कप रखे हुए थे। कप आधे खाली थे। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि चाय में नशीली दवा मिलाई गई होगी। पुलिस टीम को भी दवाओं के कुछ रैपर मौके पर मिले हैं। पुलिस ने सब कब्जे में ले लिए हैं। ऐसे में घटनाक्रम का अंदाजा लगाया जा सकता है।
विज्ञापन
घटनास्थल पर मौजूद लोग
- फोटो : अमर उजाला
अखिलेश ने नशीली चाय पिलाकर पहले बच्चों को बेहोश किया। इसके बाद रस्सी के फंदे बनाए। फिर उन्हें फंदे से लटका दिया। पत्नी को भी अखिलेश ने लटकाया या उसने खुद आत्महत्या की, इस पर संशय है। चाय रेशू ने भी पी थी। ऐसे में संभव है कि अखिलेश ने रेशू के बेहोश होने पर उसे लटका दिया हो और इसके बाद खुद आत्महत्या की।