तेरे माथे पे ये आंचल बहुत ही खूब है, लेकिन तू इस आंचल से इक परचम बना लेती तो अच्छा था...मशहूर शायर मजाज लखनवी का ये शेर महिलाओं को हौसला और ताकत देता है। हौसला, ये केवल शब्द नहीं, आधी आबादी को बराबरी का दर्जा और उनका हक दिलाने की कुंजी है। इस शब्द को अपनी जिंदगी में कई महिलाओं ने जीया है। इसीलिए वह आज शिखर पर शोहरत की दास्तां लिख रही हैं। हर क्षेत्र में उन्होंने कामयाबी हासिल की है। वे नित नए कीर्तिमान गढ़ रही हैं। किसी ने सरकारी सेवाओं में चयनित होकर अपनी मेधा का लोहा मनवाया है तो कोई फिल्मी दुनिया में कॅरिअर संवार रहा है। पुरुषों के एकाधिकार को तोड़कर आधुनिक ढंग से किसानी भी महिलाएं कर रही हैं। खेल, कारोबार, शिक्षा व तकनीकी के क्षेत्र में भी उनकी बुलंदी दूसरों के लिए अनुकरणीय है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आइए जानते हैं उन महिलाओं की सफलता की कहानी जिन्होंने अपने जोश, जज्बे और कुछ कर गुजरने की चाह के साथ विभिन्न क्षेत्रों में सफलता हासिल की है।
Women's Day 2025: बिना कोचिंग IPS बनीं अंशिका, प्रतिभा ने चुनी चुनौती; पढ़िए नारी शक्ति की सफलता की कहानियां
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 08 Mar 2025 10:46 AM IST
सार
Women's Day 2025 News: महिलाएं आज नित नए कीर्तिमान गढ़ रही हैं। सरकारी सेवाओं से लेकर खेल, कारोबार, शिक्षा व तकनीकी के क्षेत्र में अपनी धाक जमा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आइए जानते हैं उन महिलाओं की सफलता की कहानी जिन्होंने अपने जोश, जज्बे और कुछ कर गुजरने की चाह के साथ विभिन्न क्षेत्रों में सफलता हासिल की है।
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