पिछले दस सालों से सपा का मजबूत गढ़ बनी हुई नगीना सीट पर इस बार जीत के समीकरण मुस्लिम और दलित मतों पर निर्भर हैं। इस बार मुस्लिमों के बिखराव का दावा किया जा रहा है। यदि ऐसा हुआ तो यह सपा के लिए मुश्किल बन सकता है। वहीं, दलितों में सेंधमारी नतीजों को बदलकर रख सकती है। हालांकि सपा मुस्लिमों के साथ अन्य जातियां, भाजपा परंपरागत वोट बैंक के साथ दलित, बसपा दलितों के साथ मुस्लिमों के वोटों में अपनी-अपनी जीत की संभावना तलाश रही है। सभी उम्मीदवार अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।
UP Chunav 2022 : मुस्लिमों के बिखराव से उलझे समीकरण, कांटे का है इस सीट पर मुकाबला, समझिए पूरा गणित
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दलितों पर सपा और भाजपा दोनों का दावा
नगर के दलित बाहुल्य मोहल्ला लाल सराय के अधिकतर वोटों पर सपा व भाजपा समर्थक अपना हक जता रहे हैं। दोनों पार्टियों के समर्थकों का दावा है इस मोहल्ले का अधिकतर वोट उनकी पार्टी के प्रत्याशी के पक्ष में गया है। जबकि बसपा समर्थक दलित वोटों को अपना परंपरागत वोट होने का दावा करते हुए कह रहे हैं कि पूरे क्षेत्र में एकमुश्त दलित वोट बसपा के साथ गया है। सपा समर्थक नगीना के बूथ नंबर 317 व 318 का हवाला देते हुए दावा कर रहे हैं कि इन मुस्लिम बाहुल्य पोलिंग बूथों पर करीब 75 प्रतिशत मतदान हुआ है जो इस बात का सबूत है कि सपा के परंपरागत वोटरों ने पूरे विधानसभा क्षेत्र में साइकिल के पक्ष में खूब मतदान किया है।
नगीना में पतंग ने भी खूब भरी उड़ान
भाजपा के समर्थकों का कहना है की भाजपा के परंपरागत वोटों वाले बूथ नंबर 247 पर 84.34, बूथ नंबर 297 पर 79.46 प्रतिशत मतदान हुआ है। उनका दावा है कि भाजपा के परंपरागत वोटरों ने सभी बूथों पर भरपूर मतदान किया है जो कि भाजपा की जीत का आधार है। वहीं, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन पार्टी के समर्थक भी अपनी पतंग के खूब उड़ने का दावा करते हुए यहां तक कह रहे हैं कि नगीना विधानसभा में इस बार के परिणाम चौंकाने वाले होंगे। इस बार उनकी पार्टी का नगीना से विधायक चुना जाएगा।
हमें 90 हजार से ज्यादा वोट मिलेंगे : डॉ. यशवंत
नगीना विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी डॉ. यशवंत सिंह का दावा है कि वह इस बार नगीना विधानसभा सीट से विधायक बनने जा रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें सभी समाज का मिलाकर करीब 92 हजार से अधिक वोट मिलने जा रहा है। दावा किया कि दलित समाज ने भी इस बार भाजपा के पक्ष में मतदान किया है।
इस बार तोड़ेंगे अपना ही रिकॉर्ड : मनोज पारस
समाजवादी पार्टी के नगीना प्रत्याशी मनोज पारस का कहना है कि सपा, लोकदल व महान दल के परंपरागत वोटरों ने पूरी एकजुटता के साथ सपा गठबंधन के पक्ष में मतदान किया है। उनका दावा है कि वह 2017 में हुई अपनी जीत के अंतर के रिकॉर्ड को इस बार खुद ही तोड़ देंगे। उन्हें इस बार एक लाख से अधिक वोट मिल रहे हैं, क्योंकि भाजपा के परंपरागत वोटरों ने भी इस बार उनके पक्ष में खूब मतदान किया है।