उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए सोमवार को सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक मतदान हुआ। वहीं बिजनौर जनपद में आठ विधानसभाों में वोटिंग हुई। बताया गया कि दिनभर जिले के लोगों ने बड़े उत्साह के साथ मतदान किया। आइए जानते हैं कि किस सीट पर क्या समीकरण बन रहे हैं।
UP Elections 2022 Phase 2: बिजनौर की सभी विधानसभा सीटों पर कांटे का मुकाबला, पढ़िए कहां क्या बन रहे समीकरण
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगीना विधानसभा सीट : गठबंधन और भाजपा के बीच टक्कर
चुनाव प्रचार के दौरान ही नगीना विधानसभा सीट पर मुख्य मुकाबला सपा-रालोद गठबंधन और भाजपा प्रत्याशी के बीच माना जा रहा था। लेकिन आशंका व्यक्त की जा रही थी कि बसपा प्रत्याशी इंजीनियर बृजपाल सिंह और कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में उतरीं कांग्रेस नेता ओमवती की पुत्रवधू हैनरीता चुनावी समीकरणों को बिगाड़ सकती हैं, लेकिन मतदान के दिन भी मुख्य मुकाबला सपा विधायक व पार्टी प्रत्याशी मनोज पारस और भाजपा प्रत्याशी डॉ. यशवंत सिंह के बीच ही नजर आया। मतदान कर लौटे लोगों की मानें तो बसपा प्रत्याशी के परंपरागत वोट में सेंध लगाने में सपा व भाजपा प्रत्याशी कुछ हद तक कामयाब हो गए। जबकि बसपा प्रत्याशी सपा के परंपरागत वोट में कुछ खास सेंध नहीं लगा पाए। वहीं, दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी का परंपरागत वोट बंटता हुआ दिखाई नहीं दिया।
वहीं दूसरी तरफ भाजपा का भी परंपरागत वोट एकमुश्त भाजपा के साथ चट्टान की तरह खड़ा दिखाई दिया। भाजपा प्रत्याशी ने रालोद के परंपरागत वोट में भी काफी हद तक सेंध लगाई, लेकिन सपा के परंपरागत वोट का खास बंटवारा न होना भाजपा की चिंता जरूर बढ़ा रहा है। आंबेडकर समाज पार्टी के समर्थक समाजवादी पार्टी और बसपा के परंपरागत वोट में काफी मात्रा में सेंध लगाने का दावा कर रहे हैं। नगीना सीट पर मौजूदा विधायक मनोज पारस जीत की हैट्रिक लगाएंगे या भाजपा अपने 23 साल के सूखे को समाप्त कर देगी, यह अब 10 मार्च को ही पता चल पाएगा।
नहटौर विधानसभा : एकजुट मुस्लिम, दलितों में बंटवारा
नहटौर विधानसभा सीट पर भाजपा के उम्मीदवार ओमकुमार और रालोद के उम्मीदवार मुंशीराम पाल में सीधी टक्कर हुई है। यहां मुस्लिम एकजुट होकर रालोद के साथ जाता दिखा। वहीं, दलितों का बंटवारा भाजपा को उम्मीद बंधा रहा है। जाट बाहुल्य इस सीट पर गठबंधन की हवा बनी हुई थी। अधिकांश जाट मतदाता रालोद के साथ गया है। पिछड़ी जाति के सैनी मतदाता और पाल मतदाता में भी गठबंधन के प्रत्याशी ने सेंधमारी कर ली है। हालांकि हार जीत किसकी होगी यह नतीजों के बाद भी पता चल सकेगा। गठबंधन को जीत के बेहद करीब देखा जा रहा है।
बिजनौर विधानसभा : भाजपा और सपा-रालोद गठबंधन में टक्कर
बिजनौर सीट पर सपा-रालोद गठबंधन के उम्मीदवार डॉ. नीरज चौधरी और भाजपा की प्रत्याशी विधायक सुचि चौधरी के बीच कांटे की टक्कर है। इस सीट पर मुस्लिमों का बिखराव नहीं हो सका। जिस वजह से गठबंधन मजबूत होता दिख रहा है। हालांकि बसपा को मुस्लिम नहीं मिलते देख दोपहर बाद दलितों के रुख में बदलाव हुआ। दलित वोट भाजपा की ओर खिसका है। इस सीट पर दलितों का बंटवारा भाजपा को जीत की उम्मीद बंधा रहा है। उधर, गठबंधन मुस्लिम और जाटों के गठजोड़ के सहारे जीत को पक्का मान रहा है। हालांकि मतदान के दिन दोपहर बाद जाट मतदाताओं ने भी भाजपा को वोट किया।
चांदपुर विधानसभा : दलित वोट तय करेंगे किसकी होगी जीत
भाजपा विधायक कमलेश सैनी की पिछले चुनाव में सबसे बड़ी जीत हुई थी, अबकी बार गठबंधन ने सीधी टक्कर दी है। गठबंधन को काफी मजबूत माना जा रहा है। हालांकि बसपा के उम्मीदवार डॉ. शकील हासमी ने मुस्लिम वोटों में सेंधमारी की है। चांदपुर में दलित वोटों पर दारोमदार टिका हुआ है। भाजपा और सपा-रालोद गठबंधन दोनों ही दलित वोटों का सेंधमारी का दावा कर कर रहे हैं। माना यह जा रहा है कि दलितों का रुख जिसकी ओर रहा, उसी के सिर पर जीता का ताज सजेगा।