कलक्ट्रेट से सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी और छतारी थाना क्षेत्र के गांव समसपुर के वर्तमान प्रधान आठ दिन से लापता प्रहलाद सिंह (66) का रविवार सुबह शव यूपी के बुलंदशहर स्थित सलेमपुर थाना क्षेत्र के गांव चित्सौन की नई आबादी स्थित एक प्लॉट में पड़ा हुआ मिला। शव की हालत देखकर परिजनों ने अपहरण कर हत्या का आरोप लगाया है। मृतक की दाहिनी आंख गायब थी और पैर का अंगूठा कटा हुआ था, जिसे जंगली जानवरों द्वारा खाया जाना प्रतीत हो रहा है। परिजनों ने पुलिस पर जांच में लापरवाही का आरोप लगाया है।
हत्या या हादसा: आठ दिन से लापता प्रधान का मिला शव, गायब थी एक आंख, कटा था पैर का अंगूठा; उठ रहे ये पांच सवाल
प्रधान प्रहलाद सिंह सात फरवरी को घर से निकले। कहा था समसपुर जा रहे हैं। उसके बाद रविवार को गांव चित्सौन में सड़क किनारे एक प्लॉट में क्षत-विक्षत शव मिला। मृतक के पुत्र और परिजनों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ तीखा रोष व्यक्त किया है। उनका आरोप है कि गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस ने उन्हें तलाशने की कोई ठोस कोशिश नहीं की।
सात फरवरी को निकले थे घर से
मूल रूप से छतारी थाना क्षेत्र के गांव समसपुर निवासी प्रहलाद सिंह कलक्ट्रेट से सेवानिवृत्त होने के बाद बुलंदशहर की आवास विकास कॉलोनी में परिवार के साथ रहते थे। वह वर्तमान में अपने गांव के प्रधान भी थे। उनके पुत्र हरवीर सिंह, जो अलीगढ़ जिलाधिकारी कार्यालय में स्टेनो हैं ने बताया कि 7 फरवरी की सुबह उनके पिता गांव जाने की बात कहकर घर से निकले थे। उन्हें रोडवेज बस स्टैंड तक पड़ोस में ही रहने वाले एक युवक ने छोड़ा था लेकिन जब वह देर शाम तक न तो गांव पहुंचे और न ही वापस घर लौटे, तो परिजनों के हाथ-पांव फूल गए। परिजनों ने बुलंदशहर नगर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। रविवार सुबह शिकारपुर के चित्सौन गांव के पास एक प्लॉट में ग्रामीणों ने शव पड़ा देखा, जिसकी सूचना पर पहुंचे परिजनों ने उनकी पहचान की। सूचना पर एसपी सिटी शंकर प्रसाद भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और साक्ष्य जुटाए।
जेब से मिला टिकट और 8335 रुपये
पुलिस को तलाशी के दौरान मृतक की जेब से कौशांबी डिपो की रोडवेज बस का एक टिकट मिला है। यह टिकट 7 फरवरी की सुबह 11:03 बजे बुलंदशहर से अहमदगढ़ के लिए कटाया गया था। इसके अलावा उनकी जेब से 8,335 रुपये की नकदी भी बरामद हुई है। हैरत की बात यह है कि समसपुर गांव अहमदगढ़ से 17 किलोमीटर आगे है, जबकि जिस स्थान चित्सौन पर शव मिला, वह अहमदगढ़ से 20 किलोमीटर पहले और बुलंदशहर के काफी करीब है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या प्रहलाद सिंह उस दिन अहमदगढ़ पहुंचे ही नहीं? या उन्हें बस से उतारकर अगवा किया गया? शव के पास एक थैला भी मिला है जिसमें उनके कुछ कपड़े रखे थे। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
- परिजनों के अनुसार, प्रहलाद सिंह आगामी ब्लॉक प्रमुख चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। क्या इस राजनीतिक महत्वाकांक्षा ने किसी को दुश्मन बना दिया?
- प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि प्रहलाद सिंह अक्सर विवादित जमीनों की खरीद-फरोख्त के मामलों में शामिल रहते थे। पुलिस पुरानी रंजिशों का रिकॉर्ड खंगाल रही है।
- उस दिन प्रहलाद सिंह अपना मोबाइल घर पर ही छोड़ गए थे, जबकि वह अमूमन फोन साथ रखते थे। क्या यह महज इत्तेफाक था या इसके पीछे कोई गहरी साजिश?
- हत्या के बाद शव को 8 दिन बाद सार्वजनिक स्थान पर फेंकना अपराधियों की बेखौफ मानसिकता को दर्शाता है। वे 8 दिन कहां थे, इसकी कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
चालक-परिचालक से भी की पूछताछ, नहीं मिल रहा सुराग
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रहलाद सिंह की गुमशुदगी दर्ज करने के बाद सीसीटीवी खंगाले गए तो एक सीसीटीवी में वह अपने पड़ोसी युवक के साथ बाइक पर जाते हुए दिखाई दिए। इसके बाद वह रोडवेज अड्डे पर भी बस में जाते हुए दिखाई दिए। पुलिस ने जेब में बरामद टिकट से संबंधित बस के चालक व परिचालक से भी पूछताछ की। लेकिन, वह भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। उन्होंंने पुलिस को बताया कि उन्हें याद नहीं है कि वह व्यक्ति अहमदगढ़ उतरा था या कहीं और रास्ते में उतर गया था।