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दरोगा बेटे के रहते पल-पल मरने को मजबूर है अभागी मां, आप कर सकते हैं इनकी मदद
Sun, 22 Dec 2019 11:34 AM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, देवरिया।
डिजिटल न्यूज डेस्क, देवरिया।
Published by: विजय जैन
Updated Sun, 22 Dec 2019 11:34 AM IST
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इलाज के अभाव में मौत से जूझ रही है दरोगा की मां।
- फोटो : अमर उजाला
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जिस मां ने बेटों का पालन-पोषण कर नौकरी के काबिल बनाया, वही आज इलाज के अभाव में मौत से जूझ रही है। उसके शरीर पर गहरा घाव हो गया है। कहने के लिए उसका बड़ा बेटा दरोगा है और सबसे छोटा परिचालक। जिस मंझले बेटे की दो साल पहले मौत हो चुकी है, उसी की बेटी दादी की सेवा कर रही है। हालांकि आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण बेटी ठीक से इलाज नहीं करा पा रही है।
राजपति देवी (85) इलाज के अभाव में बेड पर पड़ी हैं
- फोटो : अमर उजाला
नरौली संग्राम निवासी राजपति देवी (85) इलाज के अभाव में बेड पर पड़ी हैं। कहने को उनके तीन बेटे हैं, लेकिन मां का इलाज कराने और देखभाल करने कोई नहीं आ रहा है। दो वर्ष पूर्व मझले बेटे की बीमारी से मौत हो गई। उनकी पत्नी बैजंती देवी और बेटी दिव्या सिंह आर्थिक रूप से परेशान हैं, बावजूद इसके वे राजपति देवी की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ रहीं। राजपति का बड़ा बेटा दरोगा है। उसकी तैनाती गोरखपुर में है, जबकि छोटा बेटा बस परिचालक है।
दादी की बिगड़ती हालत और आर्थिक तंगी से परेशान दिव्या ने डायल 112 पर फोन कर शिकायत दर्ज कराई। उसका आरोप है कि सूचना पर पुलिस घर तो पहुंची लेकिन गैरजिम्मेदाराना तरीके से बातकर लौट गई। बकौल दिव्या, पुलिस ने कहा, जैसे सब लोग छोड़ चुके हैं तुम भी छोड़ दो। कौन कह रहा है सेवा करो। हम लोगों को परेशान मत करो।
दादी की बिगड़ती हालत और आर्थिक तंगी से परेशान दिव्या ने डायल 112 पर फोन कर शिकायत दर्ज कराई। उसका आरोप है कि सूचना पर पुलिस घर तो पहुंची लेकिन गैरजिम्मेदाराना तरीके से बातकर लौट गई। बकौल दिव्या, पुलिस ने कहा, जैसे सब लोग छोड़ चुके हैं तुम भी छोड़ दो। कौन कह रहा है सेवा करो। हम लोगों को परेशान मत करो।
पुलिस घर तो पहुंची पर यह कहकर लौट गई कि जैसे सबने मां को छोड़ दिया तुम भी छोड़ दो।
- फोटो : अमर उजाला
इस बारे में जब पुलिस अधीक्षक डॉ. श्रीपति मिश्र से पूछा गया तो उन्होंने पल्ला झाड़ने के अंदाज में इसे एक परिवार का मामला बताया और कहा कि ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। जब उन्हें बताया गया कि डायल 112 पर शिकायत की गई थी और पुलिस मौके पर जाकर गैरजिम्मेदाराना बयान देकर आई है तो उन्होंने कहा कि मुझे इसकी जानकारी नहीं।
अगर ऐसा है तो पता कराया जाएगा। इस बारे में सीओ सलेमपुर वरुण मिश्रा से जब पूछा गया तो उनका कहना था कि डायल 112 पर सवेरा पोर्टल लांच हुआ है। यहां सीनियर सिटीजन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। पुलिस समय-समय पर उनकी देखभाल करेगी। जहां तक राजपति देवी की बात है तो उनकी मदद की जाएगी। जरूरत पड़ी तो हम उन्हें भर्ती कराएंगे और शासन से भी मदद दिलाएंगे।
अगर ऐसा है तो पता कराया जाएगा। इस बारे में सीओ सलेमपुर वरुण मिश्रा से जब पूछा गया तो उनका कहना था कि डायल 112 पर सवेरा पोर्टल लांच हुआ है। यहां सीनियर सिटीजन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। पुलिस समय-समय पर उनकी देखभाल करेगी। जहां तक राजपति देवी की बात है तो उनकी मदद की जाएगी। जरूरत पड़ी तो हम उन्हें भर्ती कराएंगे और शासन से भी मदद दिलाएंगे।
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जरूरत पड़ी तो हम उन्हें भर्ती कराएंगे: सीओ सलेमपुर
- फोटो : अमर उजाला
तीन माह की जेल, पांच हजार जुर्माना
माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की देखरेख एवं कल्याण अधिनियम 2007 कानून बच्चों और परिजनों पर यह अधिकार डालता है कि वे अपने माता-पिता को सम्मानजनक तरीके से सामान्य जीवन बसर करने दें। जो माता-पिता अपनी आय से अपना पालन-पोषण नहीं कर सकते वे मेंटेनेंस के लिए अपने वयस्क बच्चों से कह सकते हैं। इस मेंटेनेंस में उचित आहार, आश्रय, कपड़ा और चिकित्सकीय उपचार आता है। यहां तक कि बुजुर्ग माता-पिता के पालन-पोषण का जिम्मा विवाहित बेटी का भी होता है। ऐसा न करने पर तीन माह की जेल, पांच हजार रुपये जुर्माना या दोनों हो सकता है।
माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की देखरेख एवं कल्याण अधिनियम 2007 कानून बच्चों और परिजनों पर यह अधिकार डालता है कि वे अपने माता-पिता को सम्मानजनक तरीके से सामान्य जीवन बसर करने दें। जो माता-पिता अपनी आय से अपना पालन-पोषण नहीं कर सकते वे मेंटेनेंस के लिए अपने वयस्क बच्चों से कह सकते हैं। इस मेंटेनेंस में उचित आहार, आश्रय, कपड़ा और चिकित्सकीय उपचार आता है। यहां तक कि बुजुर्ग माता-पिता के पालन-पोषण का जिम्मा विवाहित बेटी का भी होता है। ऐसा न करने पर तीन माह की जेल, पांच हजार रुपये जुर्माना या दोनों हो सकता है।