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गोरखपुर में सूर्य'ग्रहण: कितने बजे होगा शुरू, कब तक रहेगा असर, क्या करें और क्या न करें?
Thu, 26 Dec 2019 10:53 AM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: विजय जैन
Updated Thu, 26 Dec 2019 10:53 AM IST
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सूर्यग्रहण
- फोटो : demo
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इस साल का अंतिम कंकण सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर को पौष अमावस के दिन लगेगा। इस दिन सूर्य लाल अंगूठी जैसा दिखाई देगा। गोरखपुर में इसकी दस्तक कब होगी? कब इसका मध्य समय होगा और कब इसका मोक्ष समय? ग्रहण काल के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए? सूर्यग्रहण का किस राशि पर क्या असर होगा। ये सभी जानकारियां आगे की स्लाइड में आपको मिलेंगी।
सूर्यग्रहण: सुबह आठ बजे तक बंद रहेंगे मंदिर के पट
- फोटो : अमर उजाला
ग्रहण का सूतक काल 25 दिसंबर की रात 8:17 बजे से शुरू होगा। मान्यता के अनुसार सूतक लगने के बाद सभी शुभ कार्य वर्जित रहते हैं। मंदिरों के कपाट भी बंद रहेंगे। पंडित शरद चंद्र मिश्र ने बताया कि ग्रहण प्रात: 8 बजे से दोपहर लगभग डेढ़ बजे तक पूरे भारत में दिखाई देगा। ग्रहण की कंकण आकृति केरल तथा तमिलनाडु व कर्नाटक के दक्षिण भागों में ही दिखाई देगी।
सूर्यग्रहण
- फोटो : अमर उजाला
देश के बाकी भागों में यह खंडग्रास रूप में ही दिखेगा। ग्रहण की अवधि पांच घंटा 36 मिनट एवं कंकण ग्रहण की कुल अवधि तीन मिनट 34 सेकंड होगी।
गोरखपुर में ग्रहण
स्पर्श का समय आठ बजकर 23 मिनट 20 सेकंड। मध्य नौ बजकर 41 मिनट 34 सेकंड। मोक्ष 11 बजकर 12 मिनट 50 सेकंड।
गोरखपुर में ग्रहण
स्पर्श का समय आठ बजकर 23 मिनट 20 सेकंड। मध्य नौ बजकर 41 मिनट 34 सेकंड। मोक्ष 11 बजकर 12 मिनट 50 सेकंड।
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सूर्यग्रहण
- फोटो : सूर्यग्रहण
राशियों पर असर
मेष राशि : चिंता और संतान को कष्ट।
वृषभ राशि : शत्रुभय, साधारण लाभ।
मिथुन राशि : स्त्री/पति कष्ट।
कर्क राशि : रोग, गुप्त चिंता।
सिंह राशि : खर्च अधिक, कार्य में विलंब।
कन्या राशि : कार्य सिद्धि, सफलता।
तुला राशि : आर्थिक विकास, धन लाभ।
वृश्चिक राशि : कार्य में अवरोध, धन हानि।
धनु राशि : दुर्घटना, चोट- चपेट का भय, चिंता।
मकर राशि : धनु का अपव्यय और प्रत्येक कार्य में बाधा।
कुंभ राशि : लाभ, उन्नति के सुअवसर।
मीन राशि : रोग, कष्ट, भय की प्राप्ति।
मेष राशि : चिंता और संतान को कष्ट।
वृषभ राशि : शत्रुभय, साधारण लाभ।
मिथुन राशि : स्त्री/पति कष्ट।
कर्क राशि : रोग, गुप्त चिंता।
सिंह राशि : खर्च अधिक, कार्य में विलंब।
कन्या राशि : कार्य सिद्धि, सफलता।
तुला राशि : आर्थिक विकास, धन लाभ।
वृश्चिक राशि : कार्य में अवरोध, धन हानि।
धनु राशि : दुर्घटना, चोट- चपेट का भय, चिंता।
मकर राशि : धनु का अपव्यय और प्रत्येक कार्य में बाधा।
कुंभ राशि : लाभ, उन्नति के सुअवसर।
मीन राशि : रोग, कष्ट, भय की प्राप्ति।
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सूर्य ग्रहण
- फोटो : SELF
ग्रहण में क्या करें और क्या न करें
भारतीय विद्वत समिति के महामंत्री डॉ. जोखन पांडेय ने बताया कि सूर्य ग्रहण में भगवान सूर्य की पूजा, आदित्य हृदय स्तोत्र, सूर्याष्टक स्तोत्र आदि सूर्य स्तोत्रों का पाठ करना चाहिए। पका हुआ अन्न, कटी हुई सब्जी ग्रहण काल में दूषित हो जाते हैं। परन्तु तेल, घी, दूध, दही, लस्सी, मक्खन, पनीर, चटनी, मुरब्बा आदि में तिल या कुशातृण रख देने से ये ग्रहण काल में दूषित नही होते हैं। सूखे खाद्य पदार्थों में तिल या कुशा डालने की आवश्यकता नही है। ग्रहण के समय तथा ग्रहण की समाप्ति पर गर्म पानी से स्नान करना निषिद्ध है। ग्रहण काल में सोना, खाना- पीना, तैलमर्दन, मैथुन निषिद्ध है। नाखून भी नही काटना चाहिए।
भारतीय विद्वत समिति के महामंत्री डॉ. जोखन पांडेय ने बताया कि सूर्य ग्रहण में भगवान सूर्य की पूजा, आदित्य हृदय स्तोत्र, सूर्याष्टक स्तोत्र आदि सूर्य स्तोत्रों का पाठ करना चाहिए। पका हुआ अन्न, कटी हुई सब्जी ग्रहण काल में दूषित हो जाते हैं। परन्तु तेल, घी, दूध, दही, लस्सी, मक्खन, पनीर, चटनी, मुरब्बा आदि में तिल या कुशातृण रख देने से ये ग्रहण काल में दूषित नही होते हैं। सूखे खाद्य पदार्थों में तिल या कुशा डालने की आवश्यकता नही है। ग्रहण के समय तथा ग्रहण की समाप्ति पर गर्म पानी से स्नान करना निषिद्ध है। ग्रहण काल में सोना, खाना- पीना, तैलमर्दन, मैथुन निषिद्ध है। नाखून भी नही काटना चाहिए।