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बिकरू कांड की याद ताजा: राइफल लेकर छत पर चढ़ा सिपाही, कहा-खून से रंग दूंगा वर्दी; पुलिसवालों ने छिपकर बचाई जान
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 15 Jun 2024 10:04 AM IST
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constable firing on police
- फोटो : अमर उजाला
झांसी में रिटायर्ड दरोगा के सिपाही पुत्र एवं उसके भाई के दुस्साहस ने करीब चार साल पहले कानपुर देहात में घटे बिकरू कांड की याद दिला दी। जिस तरह गैंगस्टर विकास दुबे ने बेखौफ होकर घर की छत से पुलिस टीम पर गोलियां बरसाई थीं, ठीक उसी अंदाज में सिपाही और उसके भाई ने भी छत पर चढ़कर पुलिस टीम पर गोलियां चलाईं। घटना स्थल पर मौजूद पुलिसकर्मियों का कहना है योगेंद्र के सिर पर खून सवार था। राइफल लेकर योगेंद्र सीधे छत पर जा चढ़ा।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
ललकारते हुए सभी पुलिसकर्मियों से जाने को कह रहा था। वहां मिलने वाले पुलिसकर्मियों की वर्दी खून से रंग डालने की धमकी देते हुए फायरिंग शुरू कर दी। गनीमत रही कि आसपास अंधेरा और खाली प्लाट होने से पुलिसकर्मी उसमें छुपकर किसी तरह अपनी जान बचा सके। अगर अंधेरा न होता तब किसी न किसी पुलिसकर्मी का निशाने पर आना तय था। पुलिस ने छत से चार खाली खोखे भी बरामद किए हैं।
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constable firing on police
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि पिछोर में हंगामा होने की सूचना पर बृहस्पतिवार की देर रात करीब 12.10 बजे पीआरवी (संख्या 0361) लेकर दरोगा सुरेश सिंह, महिला कांस्टेबल कल्पना, किरण यादव एवं रामगोपाल सिंह के साथ वहां पहुंचे थे। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि कुछ देर पहले तक उनके घर से पटाखे चलने जैसी आवाज आ रही थी। इसके बाद दोनों भाईयों में झगड़ा होने लगा।
पुलिस के आने पर मोहल्ले के लोग घरों से बाहर निकल आए। पुलिसकर्मियों ने जब दोनों से थाने चलने की बात कही तभी बात बिगड़ गई। दोनों भाई एक होकर पुलिसकर्मियों से उलझ गए। राइफल लेकर भागने के बाद योगेंद्र के साथ मुठभेड़ में स्वॉट प्रभारी जितेंद्र सिंह तक्कर, कोतवाल आनंद सिंह, नवाबाद थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।
पुलिस के आने पर मोहल्ले के लोग घरों से बाहर निकल आए। पुलिसकर्मियों ने जब दोनों से थाने चलने की बात कही तभी बात बिगड़ गई। दोनों भाई एक होकर पुलिसकर्मियों से उलझ गए। राइफल लेकर भागने के बाद योगेंद्र के साथ मुठभेड़ में स्वॉट प्रभारी जितेंद्र सिंह तक्कर, कोतवाल आनंद सिंह, नवाबाद थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।
constable firing on police
- फोटो : अमर उजाला
रिटायर्ड दरोगा पिता से भी मारपीट करता था बेटा
रिटायर्ड दरोगा यशवंत सिंह यादव मूल रूप में जालौन के थाना सिरसा कलार के पिनिया गांव के रहने वाले हैं। उनके तीन पुत्र हैं। बड़ा पुत्र सुरेंद्र हेड मोहर्रिर है, जबकि मझला भाई महेंद्र यादव मुरैना में बतौर चिकित्सक हैं। योगेंद्र तीनों में सबसे छोटा है। जीविकोपार्जन के लिए योगेंद्र क्रेन सर्विस संचालित करता है। उनके पिता यशवंत करीब छह साल पहले झांसी से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। झांसी में वह नवाबाद, प्रेमनगर, कोतवाली समेत अन्य कई थानों के तैनात रह चुके हैं। सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने पिछोर में घर बनवाया।
रिटायर्ड दरोगा यशवंत सिंह यादव मूल रूप में जालौन के थाना सिरसा कलार के पिनिया गांव के रहने वाले हैं। उनके तीन पुत्र हैं। बड़ा पुत्र सुरेंद्र हेड मोहर्रिर है, जबकि मझला भाई महेंद्र यादव मुरैना में बतौर चिकित्सक हैं। योगेंद्र तीनों में सबसे छोटा है। जीविकोपार्जन के लिए योगेंद्र क्रेन सर्विस संचालित करता है। उनके पिता यशवंत करीब छह साल पहले झांसी से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। झांसी में वह नवाबाद, प्रेमनगर, कोतवाली समेत अन्य कई थानों के तैनात रह चुके हैं। सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने पिछोर में घर बनवाया।
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इसी मकान को लेकर दोनों भाईयों में विवाद चल रहा है। परिजनों का कहना है कि योगेंद्र बिगड़ैल होने से उग्र स्वभाव का है। इस वजह से परिवार में भी उसकी किसी से नहीं बनती। योगेंद्र का अक्सर पिता यशवंत से भी विवाद होता था। पिता के साथ मारपीट करके उनको घर से निकाल देता था। वहीं, सुरेंद्र की पत्नी मिथिलेश ने पूरे घटनाक्रम में अपने पति के शामिल होने से इन्कार किया। मिथिलेश का कहना है कुछ दिनों पहले वह लोग बाहर गए थे।