{"_id":"626cc55301d9684cae2bbb56","slug":"bjp-leader-shweta-singh-gaur-death-case-deepak-said-that-he-could-not-see-shweta-hanging","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"भाजपा नेत्री मौत मामले में नया मोड़: मीडिया के सामने पति दीपक का बड़ा खुलासा, श्वेता को फांसी लगाते देख नहीं सकता था, इसलिए...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा नेत्री मौत मामले में नया मोड़: मीडिया के सामने पति दीपक का बड़ा खुलासा, श्वेता को फांसी लगाते देख नहीं सकता था, इसलिए...
अमर उजाला नेटवर्क, बांदा
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 01 May 2022 06:14 PM IST
विज्ञापन
Shweta Singh Gaur death case
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला पंचायत सदस्य श्वेता सिंह गौर की हत्या में नामजद पति भाजपा नेता डॉ. दीपक सिंह गौर को दूसरे दिन पुलिस ने नाटकीय ढंग से गिरफ्तार कर लिया। अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इसी केस में नामजद रिटायर्ड डीआईजी ससुर, सास और अधिवक्ता जेठ को पुलिस ने फिलहाल गिरफ्तार नहीं किया है। अदालत में पेशी के बाद जेल जाते समय दीपक सिंह गौर ने मीडिया से कुछ बातचीत की। सवालों के जवाब दिए। उसने कहा कि उस पर हत्या का मुकदमा दबाव में लिखा गया है। मेरे माता-पिता, भाई और सारे लोग निर्दोष हैं। बड़ी बिटिया का दाखिला कराने हम दोनों लखनऊ गए। 15 दिन वहीं अपने भाई के घर रहे। पिता और माता जी गांव में रहते हैं। घटना के समय बिटिया को लेने स्कूल गया था। तभी वहां फोन पर फांसी की सूचना मिली। दीपक ने कहा कि जिस वीडियो में हत्या की बात कही है उस वक्त नशे में था।
Trending Videos
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
यह 20 अप्रैल का वीडियो है। दीपक ने यह भी कहा कि श्वेता को वह फांसी लगाते देख नहीं सकता था। इसीलिए वहां से चला गया। हालांकि कुछ ही देर बाद अपनी बात से पलटते हुए कहा कि वह बेटी को लेने स्कूल गया था। तभी वहां फोन पर फांसी लगाने की सूचना मिली। न्यायालय निर्णय करेगा। मेरी बच्चियों को बरगला कर कुछ भी कहला दिया गया है। उनको समझ नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
श्वेता सिंह गौर की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विवेचना में हो सकती है धाराओं में तब्दीली
जिला अधिवक्ता संघ के सचिव और फौजदारी के वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश कुमार सिंह की राय में श्वेता गौर मामले में दर्ज रिपोर्ट में लगाई गई हत्या की धारा विवेचना और अदालत में टिक नहीं पाएगी। शायद पुलिस ही अपनी विवेचना में इसे धारा 306 आईपीसी (आत्महत्या के लिए प्रेरित करना) में तब्दील कर दे। क्योंकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी हैंगिंग पुलिस बता रही है और भी कई स्थलीय परिस्थितियां साक्ष्य बन सकती हैं।
जिला अधिवक्ता संघ के सचिव और फौजदारी के वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश कुमार सिंह की राय में श्वेता गौर मामले में दर्ज रिपोर्ट में लगाई गई हत्या की धारा विवेचना और अदालत में टिक नहीं पाएगी। शायद पुलिस ही अपनी विवेचना में इसे धारा 306 आईपीसी (आत्महत्या के लिए प्रेरित करना) में तब्दील कर दे। क्योंकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी हैंगिंग पुलिस बता रही है और भी कई स्थलीय परिस्थितियां साक्ष्य बन सकती हैं।
श्वेता सिंह गौर की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि यदि धारा 306 लगाई गई तो इसमें सात वर्ष की कैद का प्रावधान है। श्वेता की बेटियों द्वारा पिता व अन्य परिजनों पर लगाए गए आरोपों के बारे में अधिवक्ता ने कहा कि इसे दबाव में कहा जाना भी माना जा सकता है। विवेचना के दौरान पुलिस 161 सीआरपीसी के तहत बेटियों के बयान अदालत में कराएगी। वही मान्य होंगे।
विज्ञापन
भाजपा नेता श्वेता सिंह की मौत का मामला, बेटी ने हाथ जोड़कर मांगा न्याय
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस अधिकारी के घर पर मिली ठौर, बसपा नेता बने माध्यम
गिरफ्तार किए जाने के बाद डॉ. दीपक सिंह गौर ने मीडिया से कहा कि मैं निर्दोष हूं। मेरी जीवन संगिनी चली गई। मैं बहुत दुखी हूं। घटना वाले दिन पत्नी से कोई विवाद नहीं हुआ। यह पूछे जाने पर कि घटना के बाद दो दिन कहां रहे? इस पर कहा कि वह बाहर था, लेकिन स्थान का जिक्र नहीं किया।
गिरफ्तार किए जाने के बाद डॉ. दीपक सिंह गौर ने मीडिया से कहा कि मैं निर्दोष हूं। मेरी जीवन संगिनी चली गई। मैं बहुत दुखी हूं। घटना वाले दिन पत्नी से कोई विवाद नहीं हुआ। यह पूछे जाने पर कि घटना के बाद दो दिन कहां रहे? इस पर कहा कि वह बाहर था, लेकिन स्थान का जिक्र नहीं किया।

कमेंट
कमेंट X