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मोदी के ‘राष्ट्रवाद’ की सुनामी में ताश के पत्तों की तरह ढह गए राजनीति के दिग्गजों के गढ़
Fri, 24 May 2019 04:12 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 24 May 2019 04:12 PM IST
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पीएम मोदी
- फोटो : अमर उजाला
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मोदी के‘राष्ट्रवाद’ ने सपाई किले को ढहा दिया।‘राष्ट्रवाद’ के आगे सारे मुद्दे धरे रह गए। मोदी के ‘राष्ट्रवाद’ की सुनामी में ताश के पत्तों की तरह राजनीति के दिग्गजों के गढ़ ढह गए। लोगों ने भाजपा को खुलकर वोट किया। सुब्रत पाठक की जीत ने साबित कर दिया कि पीएम मोदी ‘राष्ट्रवाद’के मुद्दे को देश के सामने रखने में और उसके दम पर भाजपा के पक्ष में लहर बनाने में कामयाब रहे।
सुब्रत पाठक, डिंपल यादव (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
एयर स्ट्राइक के मुद्दे पर भी मोदी को भारी जन समर्थन मिला। कन्नौज लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी का करीब 20 सालों से कब्जा था। मुलायम सिंह यादव से लेकर अखिलेश यादव और फिर डिंपल यादव ने जीत दर्ज की।
डिंपल यादव (फाइल फोटो)
डिंपल ने इस सीट पर 2012 में हुए उपचुनाव में निर्विरोध जीतकर इतिहास रचा था। 2014 में भी उन्हें जीत मिली। तब मोदी लहर के आगे जीत का अंतर घटकर 20 हजार से भी नीचे रह गया था।
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डिंपल यादव
- फोटो : अमर उजाला
इस बार बसपा का साथ मिला तो उम्मीद थी कि मुस्लिम, यादव जैसे अपने परंपरागत वोट के साथ ही दलित वोट बैंक सपा के इस किले को और अभेद बनाएगा। 23 मई की दोपहर होते-होते इन दावों की हकीकत जमीन पर आ गई।
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डिंपल यादव, सुब्रत पाठक
भाजपा ने इस सीट पर ऐसी रणनीति बनाई कि गुरुवार को इस अभेद्य किले में भाजपा प्रत्याशी सुब्रत पाठक ने कील ठाेंक दी। 25 अप्रैल को जहां गठबंधन ने रैली कर पारंपरिक वोट साधने की भरपूर कोशिश की तो वहीं रणनीति के तहत भाजपा ने नरेंद्र मोदी की रैली के लिए 27 अप्रैल को उसी तिर्वा के डीएन इंटर कालेज के मैदान को चुना।