उरई में प्रेम विवाह के विरोध में गुरुवार रात महिला सिपाही रिंकी के पति एलएलबी छात्र मनीष की प्रेम कहानी के दुखद अंत की वजह ग्रामीणों के ताने बने। दोनों गौसपुर गांव में पड़ोसी थे बचपन से साथ स्कूल गए। रिंकी को सिपाही बनाने के लिए मनीष ने भी मेहनत की। दोनों ने बड़े अरमानों से नई दुनिया बसाई थी।
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गौसपुर गांव में सिपाही के हत्यारोपी पिता के घर लगा ताला
- फोटो : अमर उजाला
दो साल पहले प्रेम विवाह किया। लेकिन गांव में रिंकी के पिता और भाइयों को ग्रामीण उनके प्रेम विवाह पर ताना देते रहे। धीरे-धीरे उनमें गुस्सा बढ़ता चला गया। जिसने एक जघन्य अपराध को जन्म दिया। कल्यानपुर थाने के गौसपुर गांव की रहने वाली रिंकी सिंह राजपूत उरई के अभियोजन कार्यालय में तैनात है।
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सिपाही के पति की हत्या
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उसके पति मनीष (24) की रिंकी के पिता प्रेम सिंह, भाई अंकित व मामा देशराज निवासी गौसपुर कल्यानपुर ने गुरुवार रात उरई के शिवपुर में घर में घुसकर हत्या कर दी थी। बेटी के पति को चाकू से गोदकर मारने के बाद तीनों को उरई पुलिस ने जेल भेज दिया। शव आने के बाद परिजनों ने शुक्रवार को ही गंगा घाट किनारे अंतिम संस्कार किया।
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महिला सिपाही के पति की धारदार हथियार से हत्या
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रात में उरई पुलिस हत्यारोपियों के घर पहुंची तो उसे ताला लगा मिला। ग्रामीणों ने बताया कि घटना के बाद से पूरा परिवार लापता है। कहां गए हैं इसकी भी जानकारी किसी को नहीं है। हत्यारोपियों के परिवार में किसी के न मिलने पर पुलिस रात में ही लौट गई।
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गौसपुर गांव में बदहवास हालत में सिपाही रिंकी
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उधर, मनीष के पिता विश्वनाथ सिंह लोधी ने बताया कि बेटा मनीष बीसीए करने के बाद एलएलबी की पढ़ाई कर रहा था। उसका दूसरा साल था। दोनों परिवार पड़ोसी हैं। मनीष और रिंकी एक साथ बचपन से पढ़ने आते जाते थे। गोपालगंज में कोचिंग साथ करते थे। उनके बीच प्रेम प्रसंग था। रिंकी के परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं है।