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यूपी में बाढ़ का कहर: कानपुर के आसपास के जिलों में उफनाई नदियां, औरैया के 22 गांवों में भरा पानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 07 Aug 2021 01:10 AM IST
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यूपी में बाढ़ का कहर
- फोटो : amar ujala
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पहाड़ों पर हो रही बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण कानपुर के आसपास और बुंदेलखंड के जिलों में बाढ़ ने विकराल रूप धारण कर लिया है। बाढ़ के कारण बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। राहत और बचाव के काम नाकाफी साबित हो रहे हैं। जालौन के रामपुरा में सिंध नदी उफनाने के बाद शुक्रवार को सेना ने बचाव कार्य शुरू किया। सेना ने कई गांवों में फंसे लोगों को निकाला। जिले में सिंध, पहुज व यमुना नदियों के उफान मारने से घर, मकान व मवेशी सभी कुछ डूब चुके हैं। ग्रामीण जान बचाकर पलायन को मजबूर हैं। औरैया में यमुना नदी में बाढ़ से सदर और अजीतमल तहसील के 22 गांव जलमग्न हो गए। बाढ़ का पानी घरों की छतों तक पहुंच रहा है। यहां प्रदेश के जल शक्ति मंत्री डा. महेंद्र सिंह ने औरैया, इटावा समेत बाढ़ प्रभावित कई जिलों का हवाई दौरा कर जायजा लिया।
गांवों में भरा पानी
- फोटो : amar ujala
चित्रकूट में यमुना एवं पयस्वनी नदी का जलस्तर बढ़ने से तिरहर क्षेत्र के 15 से अधिक गांवों का आवागमन बंद हो गया है। गांव में फंसे लोगों को नाव से बाहर निकाला जा रहा है। इटावा में यमुना और चंबल में आई बाढ़ से 45 गांव प्रभावित हैं।
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गांव से पलायन कर रहे लोग
- फोटो : amar ujala
शुक्रवार को चंबल के जलस्तर में एक मीटर और यमुना के जलस्तर में आंशिक कमी होने से थोड़ी राहत मिली है। फतेहपुर में शुक्रवार को यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर 100.20 मीटर पर पहुंच गया।
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नदियां उफनाई
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बाढ़ के चलते ललौली और किशनपुर क्षेत्र की सड़के पानी में डूब गईं हैं। कई गांवों का संपर्क टूट गया है। लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं। फर्रुखाबाद में भी गंगा चेतावनी बिंदु के ऊपर ही बहती रही।
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गांवों में घुसा पानी
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उन्नाव में गंगा का जलस्तर बढ़ने से कई गांव के खेतों में पानी भर गया है। कटान भी तेज हो गई है। यहां शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 111.800 मीटर पर पहुंच गया। यह चेतावनी बिंदु 112 मीटर से मात्र 20 सेंटीमीटर दूर है।