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गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने दिए ये 10 संदेश, आप भी जानें इंटरनेट से कैसे आई 'संस्कारों में कमी'

Wed, 12 Sep 2018 08:02 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Wed, 12 Sep 2018 08:02 AM IST
सार

- संस्कार की कमी से आतंकवादी बनते हैं युवा
- सीएसजेएमयू के दीक्षांत समारोह में गृहमंत्री ने गिनाया इंफोसिस और अलकायदा में काम करने वालों के बीच की समानता
-- बोले, देश की शक्ति को पहचानें युवा, हम विश्वगुरु बनने की दिशा में अग्रसर हैं
-- मोदी सरकार की उपलब्धि गिनाई, महंगाई के सवालों पर बचते रहे

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Home Minister Rajnath Singh speach about successful life
संस्कार की कमी से आतंकवादी बनते हैं युवा : राजनाथ सिंह

छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू), कानपुर के 33वें दीक्षांत समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि संस्कार की कमी के चलते युवा आतंकवादी बनते हैं। उन्होंने अमेरिकन लेखक टॉम फ्रीज मैक की लिखित किताब ‘इंफोसिस बनाम अलकायदा’ को उदाहरण के तौर पर पेश किया। बोले, दोनों संगठनों में काम करने वालों के बीच कई समानताएं हैं लेकिन फिर भी इंफोसिस में काम करने वाले युवा समाज के लिए कल्याणकारी हैं और अलकायदा के आतंकी विनाशकारी। 


 

Home Minister Rajnath Singh speach about successful life
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : कुमार संजय

ऐसा इसलिए क्योंकि इंफोसिस में काम करने वालों को शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार मिले हैं जबकि अलकायदा में काम करने वालों में संस्कार की कमी है। गृहमंत्री ने अपने बीस मिनट के भाषण में युवाओं को अलग-अलग कई उदाहरण दिए। मोदी सरकार की भी उपलब्धियां गिनाई। कहा कि 2014 से पहले अर्थव्यवस्था के मामले में भारत 9वें स्थान पर था। आज 8.2 जीडीपी के साथ हम दुनिया में 6वें स्थान पर पहुंच चुके हैं और पांचवें स्थान के लिए अग्रसर हैं। गृहमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी की अगुवाई में देश महान विश्वगुरु बनने की दिशा में तेजी से बढ़ चुका है। हमारा देश धनवान भी होगा, ज्ञानवान भी होगा और बलवान भी होगा।

Home Minister Rajnath Singh speach about successful life
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह

बगैर सेना के हमने चीन को नियंत्रण किया
गृहमंत्री ने चीन पर भी निशाना साधा। कहा कि यहां कुछ लोग कहते हैं कि वो (चीन) हमसे ज्यादा आगे बढ़ चुका है लेकिन ऐसा नहीं है। भारत की शक्ति का एहसास इस बात से लगाया जा सकता है कि आज एशिया के हर देश में हमारी मौजूदगी हो चुकी है। एक चाइनीज प्रोफेसर की पुस्तक का उदाहरण भी दिया। बताया कि प्रोफेसर ने भी इस बात को स्वीकार किया कि भारत ने बगैर सेना भेजे 200 साल तक हमें नियंत्रित किया क्योंकि भारत की संस्कृति और सभ्यता दूसरों से काफी मजबूत है।

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Home Minister Rajnath Singh speach about successful life
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : amar ujala

वर्ल्ड ट्रेड सेंटर गिराने वाले भी थे ज्ञानी
गृहमंत्री ने 11 सितंबर 2001 को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले को भी याद किया। कहा कि, उस प्लेन को चलाने वाले पायलट भी काफी शिक्षित थे। उनका पैकेज अच्छा था। लेकिन केवल ज्ञान होने से मनुष्य श्रेष्ठ नहीं हो सकता। जैसे उन पायलट को कभी श्रेष्ठ नहीं कहा जा सकता। छात्रों से कहा कि केवल अच्छे कॅरियर और अच्छे पैकेज के चक्कर में न पड़ें। खुद के मूल्यों को श्रेष्ठ बनाइए। मन के भाव को भी अच्छा बनाइए। तभी आप समाज के लिए कल्याणकारी हो सकेंगे।

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केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह

इंटरनेट शिक्षा दे सकता है लेकिन संस्कार नहीं
गृहमंत्री ने कहा कि आज तकनीक के इस दौर में इंटरनेट पर आप दो से तीन माह में हर तरह की शिक्षा हासिल कर सकते हैं लेकिन कभी भी संस्कार नहीं मिलेगा। शिक्षक ही वह शख्स है जो आपको शिक्षा के साथ संस्कार भी देता है। गृहमंत्री ने दीक्षांत समारोह का महत्व भी समझाया। बोले, शिक्षा हासिल करने के बाद डिग्री लेने की इस प्रक्रिया को शिक्षांत समारोह नहीं बोला जाता क्योंकि शिक्षा को अनवरत जीवन में आप हासिल करेंगे लेकिन यह आपके गुरुओं द्वारा दी गई शिक्षा की अंतिम कड़ी होती है। यह गुरु द्वारा दी जाने वाली दीक्षा होती है। इसलिए इसे दीक्षांत समारोह कहा जाता है।

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