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Income Tax Officer Dead Body: लापरवाही की हद, पुलिस ने फोरेंसिक जांच तक नहीं कराई, उठ रहे सवाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 25 Sep 2022 10:23 AM IST
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income tax officer dead body
- फोटो : अमर उजाला
आयकर अधिकारी की मौत के मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही रही। पुलिस ने फोरेंसिक जांच तक नहीं कराई। भले मामला आपराधिक नहीं है लेकिन जिस तरह से शव को डेढ़ साल तक घर पर रखा गया, ऐसे में फोरेंसिक जांच से कई तथ्य स्पष्ट हो सकते थे।
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income tax officer dead body
- फोटो : अमर उजाला
कई बिंदु पर होगी जांच
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि जिस अस्पताल के डॉक्टरों ने विमलेश का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया था, उसमें मौत की वजह बीमारी (सांस रुकने की वजह से) ही थी। बावजूद कई बिंदु ऐसे हैं, जिनपर जांच जरूरी है। इसलिए टीम गठित की गई है। शव को किस तरह से रखा गया, किसी ने भी इस बारे में कोई जानकारी दी गई। इसके पीछे क्या-क्या वजह रहीं। यह भी पता किया जाएगा। कहीं कोई गलत मंशा तो नहीं थीं।
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि जिस अस्पताल के डॉक्टरों ने विमलेश का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया था, उसमें मौत की वजह बीमारी (सांस रुकने की वजह से) ही थी। बावजूद कई बिंदु ऐसे हैं, जिनपर जांच जरूरी है। इसलिए टीम गठित की गई है। शव को किस तरह से रखा गया, किसी ने भी इस बारे में कोई जानकारी दी गई। इसके पीछे क्या-क्या वजह रहीं। यह भी पता किया जाएगा। कहीं कोई गलत मंशा तो नहीं थीं।
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income tax officer dead body
- फोटो : अमर उजाला
पोस्टमार्टम भी कराना चाहिए था
कई बार ऐसा होता है कि परिजन पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते हैं लेकिन पुलिस हस्तक्षेप कर शव का पोस्टमार्टम कराती है। यह मामला बहुत ही अजीबोगरीब था। भले ही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी हो चुका था, लेकिन पोस्टमार्टम कराना चाहिए था।
कई बार ऐसा होता है कि परिजन पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते हैं लेकिन पुलिस हस्तक्षेप कर शव का पोस्टमार्टम कराती है। यह मामला बहुत ही अजीबोगरीब था। भले ही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी हो चुका था, लेकिन पोस्टमार्टम कराना चाहिए था।
मामले में फोरेंसिक टीम को नहीं बुलाया गया था। अगर जांच के निर्देश दिए जाएंगे तो फोरेंसिक जांच की जाएगी।- डॉ. पीके श्रीवास्तव, फोरेंसिक एक्सपर्ट
मृतक की मां और भाई
- फोटो : अमर उजाला
उठ रहे सवाल
- विमलेश की मौत 22 अप्रैल 2021 को मानी जाएगी या 23 सितंबर 2022 को।
- न तो डीएनए जांच कराई गई और न ही मौत का कारण जानने के लिए पोस्टमार्टम कराया गया।
- विमलेश की मौत 22 अप्रैल 2021 को मानी जाएगी या 23 सितंबर 2022 को।
- न तो डीएनए जांच कराई गई और न ही मौत का कारण जानने के लिए पोस्टमार्टम कराया गया।
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मृतक का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
इन बिंदुओं पर होगी जांच
- आखिर डेढ़ साल तक शव को कैसे सुरक्षित रखा
- शव से दुर्गंध न आए उसके लिए क्या इंतजाम किए गए
- ऐसा करने के पीछे परिवार का आखिर क्या उद्देश्य था
- आयकर विभाग के साथ परिवार ने किस तरह से पत्राचार किया
- इस दौरान क्या परिवार ने विमलेश के वेतन का आहरण किया या नहीं
- परिवार की ओर से संबंधित विभाग को क्या सूचना दी गई थी
- क्या विमलेश की बीमार होने का डॉक्टरी प्रमाण पत्र परिवार ने विभाग को दिया।
- आखिर डेढ़ साल तक शव को कैसे सुरक्षित रखा
- शव से दुर्गंध न आए उसके लिए क्या इंतजाम किए गए
- ऐसा करने के पीछे परिवार का आखिर क्या उद्देश्य था
- आयकर विभाग के साथ परिवार ने किस तरह से पत्राचार किया
- इस दौरान क्या परिवार ने विमलेश के वेतन का आहरण किया या नहीं
- परिवार की ओर से संबंधित विभाग को क्या सूचना दी गई थी
- क्या विमलेश की बीमार होने का डॉक्टरी प्रमाण पत्र परिवार ने विभाग को दिया।