Kanpur: आयकर विभाग का बड़ा एक्शन; 125 करोड़ का 'दि विजडम ट्री स्कूल' बेनामी घोषित, कुर्की की तैयारी
Kanpur News: ग्रेटर नोएडा के दि विजडम ट्री स्कूल को आयकर विभाग ने 125 करोड़ की बेनामी संपत्ति घोषित कर दिया है। फर्जी कंपनियों के जरिए काले धन के निवेश की पुष्टि होने के बाद अब कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
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आयकर कानपुर के बेनामी प्रकोष्ठ विभाग ने ग्रेटर नोएडा स्थित दि विजडम ट्री स्कूल पर बड़ी कार्रवाई की है। 125 करोड़ रुपये कीमत के इस स्कूल की बिल्डिंग को बेनामी संपत्ति करार दिया गया है। प्रदेश में अब तक की बेनामी सपंत्तियों के मामले में सबसे बड़ी कार्रवाई की गई है। शुक्रवार को विभाग के अफसरों ने कार्रवाई की थी। नोएडा की तीन बोगस कंपनियों के जरिये अरबों रुपये की कमाई इसमें खपाई गई थी। विभाग को आए गुमनाम पत्र में जांच-पड़ताल के बाद यह खुलासा हुआ है।
स्कूल की बिल्डिंग चार मंजिला और होटल स्टाइल में बनाई गई है। 15 हजार स्क्वायर मीटर में इस स्कूल की बिल्डिंग को बनाया गया है। बताया गया कि ये स्कूल सतनाम नाम के बिल्डर ने बनवाया है। इसके नोएडा में कई प्रोजेक्ट भी चल रहे हैं। विभाग के पास छह महीने पहले एक गुमनाम पत्र आया था। इसमें इस बिल्डिंग के बनाने में काले धन का इस्तेमाल होने की बात कही गई थी। इसके बाद विभाग के अफसरों ने जांच-पड़ताल की तो काली कमाई की परतें खुलती चली गईं। बताया गया कि बिल्डर ने अपने परिवारीजन और बिजनेस सहयोगियों के साथ मिलकर दि विजडम ट्री स्कूल फाउंडेशन नाम की कंपनी बनाई।
संपत्ति का मार्केट मूल्य 125 करोड़ है
इस कंपनी में बिल्डर खुद भी निदेशक था। जांच में पता चला कि पहले तीन बोगस कंपनियां बनाई गईं। फिर अलग-अलग लोगों से नकदी लेकर इन कंपनियों के जरिये अरबों रुपये की रकम लोन आदि में दिखाई गई। नकद लेकर कंपनी में रुपये लगाने वाले कई लोगों के बयानों में इस गड़बड़ी का साक्ष्य मिला और बिल्डिंग बनाने में कालेधन का खुलासा हुआ। सूत्रों ने बताया कि 27 मार्च को नोटिस जारी करके स्कूल की बिल्डिंग को बेनामी करार कर दिया गया है और नोटिस चस्पा भी कर दिया गया है। जल्द ही कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। संपत्ति का मार्केट मूल्य 125 करोड़ है। इसका मूल्यांकन भी कराया गया है।
कई महत्वपूर्ण दस्तावेज किए जब्त
सूत्रों ने बताया कि विभाग को एक गुमनाम पत्र के जरिए इस मामले की जानकारी मिली थी। जांच में सामने आया कि स्कूल में अरबों रुपये की रकम बोगस कंपनियों के माध्यम से लगाई गई थी। यह रकम बेनामी लेनदेन के तहत निवेश की गई थी। आयकर विभाग के बेनामी प्रकोष्ठ ने इस मामले में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए हैं। इस कार्रवाई से बेनामी संपत्ति रखने वालों में हड़कंप मच गया है। आयकर विभाग अब इन बोगस कंपनियों के नेटवर्क की भी जांच कर रहा है।