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सूरत आग हादसे के बाद कानपुर कोचिंग मंडी की इमारतों के बेसमेंट में पढ़ते मिले बच्चे
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 26 May 2019 01:04 PM IST
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कोचिंग मंडी की एक इमारत में बेसमेंट में पढाई करते बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
गुजरात के सूरत की तरह कानपुर के काकादेव इलाके (कोचिंग मंडी के नाम से मशहूर) में भी नियमों को ताक पर रखकर कोचिंग चल रही है। सूरत आग हादसे के बाद शनिवार को अधिकारियों की नींद खुली तो सीओ नजीराबाद अजीत कुमार रजक और सीएफओ (मुख्य शमन अधिकारी) एमपी सिंह कोचिंगों का जायजा लेने पहुंचे।
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सूरत आग हादसे के बाद कोचिंग मंडी में पुलिस ने शुरु की जांच
- फोटो : अमर उजाला
दो बिल्डिंगों के बेसमेंट में सैकड़ों छात्र-छात्राएं कोचिंग पढ़ते मिले। वहां निकास के रास्ते में पुराने कागज व अन्य सामान भी रखे मिले। इससे अप्रिय घटना होने पर छात्र-छात्राओं को अवरोध झेलना पड़ेगा। आग बुझाने के भी पर्याप्त संसाधन नहीं मिले। सीओ और सीएफओ ने अपनी जांच रिपोर्ट एसएसपी को भेज दी है।
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कोचिंगों में जांच करने पहुंची पुलिस की टीम
- फोटो : अमर उजाला
साथ ही कोचिंग संचालकों को खामी दूर किए जाने के लिए नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं। सूरत में तक्षशिला आर्केड नाम की कामर्शियल बिल्डिंग में शुक्रवार को आग लग गई थी। हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई थी। इसमें कई कोचिंग पढ़ने वाले भी शामिल थे।
कोचिंगों के बेसमेंट में भरी हुई कापी किताबें
- फोटो : अमर उजाला
इस हादसे के बाद शहर के अफसर भी हरकत में आ गए। एसएसपी अनंत देव के निर्देश पर सीओ और सीएफओ टीम के साथ दोपहर में कोचिंग मंडी पहुंचे। एफएसओ ने बताया कि उन लोगों ने महेंद्रा, पैरामाउंड, गंगवार, एक्सिस और ओमेगा समेत छह कोचिंगों की बिल्डिंगों का निरीक्षण किया।
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कोचिंग में जांच के दौरान हर जगी मिली अव्यवस्था
- फोटो : अमर उजाला
महेंद्रा समेत दो कोचिंगों की बिल्डिंग के बेसमेंट में छात्र-छात्राएं पढ़ते मिले। वहां स्टेशनरी व अन्य सामान रखा था, जो नियमों के विरुद्ध है। सभी कोचिंगों में निकास द्वार पर किसी न किसी तरह का अवरोध लगा मिला। निकास द्वार पर के आसपास सामान रखा था, जिससे आने-जाने में मुश्किल हो रही थी।