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Kanpur Violence आतंक और सिमी का गढ़ रहा है कानपुर, फंडिंग संबंधी मिले दस्तावेजों से नया खुलासा
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 06 Jun 2022 11:51 AM IST
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Kanpur Violence
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर में नई सड़क पर हुए बवाल की शुरुआती जांच में मुख्य आरोपी हयात जफर हाशमी के पीएफआई (पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) से तार जुड़े होने के सुबूत मिले हैं। इस वजह से मामले में एटीएस सक्रिय हो गई है। एटीएस एडीजी नवीन अरोड़ा ने शहर पहुंचकर पुलिस अफसरों से पूरे घटनाक्रम और हयात के पास से बरामद दस्तावेजों के बारे में जानकारी ली। कुछ दस्तावेज कब्जे में भी लिए। दरअसल, पुलिस कमिश्नर ने शनिवार को प्रेसवार्ता कर बताया था कि मामले में पीएफआई से कनेक्शन से इंकार नहीं किया जा सकता। कुछ अहम दस्तावेज मिले हैं। अमर उजाला ने पड़ताल की तो सामने आया कि हयात के पास बरामद दस्तावेज पीएफआई से संबंधित चार संस्थाओं के हैं। ये एसडीपीआई, एआईआईसी, सीएफआई व आरआईएफ से संबंधित हैं, जिनका संबंध फंडिंग से है। इन दस्तावेजों के मिलने से आशंका बढ़ गई है कि हयात के पीएफआई कनेक्शन है।
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- फोटो : अमर उजाला
एटीएस ने जुटाए नंबर, सोशल साइट्स की ली डिटेल
पुलिस से एटीएस के अफसरों ने कुछ मोबाइल नंबर लिए हैं। इसके अलावा कुछ विशेष सोशल मीडिया एकाउंट के बारे में जानकारी ली। इनकी कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है। वहीं जो दस्तावेज हयात के पास से बरामद हुए थे, उसमें कई लोगों की फोटो, नाम व मोबाइल नंबर हैं। इसकी भी पड़ताल शुरू हो गई है।
पुलिस से एटीएस के अफसरों ने कुछ मोबाइल नंबर लिए हैं। इसके अलावा कुछ विशेष सोशल मीडिया एकाउंट के बारे में जानकारी ली। इनकी कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है। वहीं जो दस्तावेज हयात के पास से बरामद हुए थे, उसमें कई लोगों की फोटो, नाम व मोबाइल नंबर हैं। इसकी भी पड़ताल शुरू हो गई है।
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- फोटो : अमर उजाला
आतंक व सिमी का गढ़ रहा है कानपुर
शहर से ही आईएसआईएस के आतंकी पकड़े जा चुके हैं। इंडियन मुजाहिद्दीन का भी आतंकी पकड़ा गया था। काफी समय पहले सिमी का ये शहर गढ़ रहा है। कुल मिलाकर आतंकी व देशी विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता यहां के कुछ अपराधियों की रही है। एटीएस के सक्रिय होने के पीछे ये वजह भी हैं।
शहर से ही आईएसआईएस के आतंकी पकड़े जा चुके हैं। इंडियन मुजाहिद्दीन का भी आतंकी पकड़ा गया था। काफी समय पहले सिमी का ये शहर गढ़ रहा है। कुल मिलाकर आतंकी व देशी विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता यहां के कुछ अपराधियों की रही है। एटीएस के सक्रिय होने के पीछे ये वजह भी हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
मौलवियों की निंदा ने भी आग में घी का काम किया
नई सड़क पर हुए उपद्रव में मौलवियों की निंदा ने भी घी का काम किया। इसके साथ ही एमएमए जौहर फैंस एसोसिएशन ने भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा के बयान के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास करने की अपील की। इसी वजह से जरा सी बात पर भीड़ भड़क गई और उग्र रूप ले लिया। इस दौरान जगह-जगह कुछ लोगों ने पोस्टर भी चिपका दिए थे। इससे भी घटना के विरोध में लोगों का समर्थन बढ़ता गया।
नई सड़क पर हुए उपद्रव में मौलवियों की निंदा ने भी घी का काम किया। इसके साथ ही एमएमए जौहर फैंस एसोसिएशन ने भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा के बयान के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास करने की अपील की। इसी वजह से जरा सी बात पर भीड़ भड़क गई और उग्र रूप ले लिया। इस दौरान जगह-जगह कुछ लोगों ने पोस्टर भी चिपका दिए थे। इससे भी घटना के विरोध में लोगों का समर्थन बढ़ता गया।
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एसोसिएशन ने मौलवियों के साथ बैठकें कीं। इनमें भी निंदा प्रस्ताव पास किया गया, जिससे लोगों में गुस्सा भरता रहा। उपद्रव को लेकर जुमे के पहले से माहौल बनता रहा। एमएमए जौहर फैंस एसोसिएशन के बैनर तले चमनगंज, बेकनगंज, बजरिया, मछरिया, फेथफुलगंज, कुली बाजार, जाजमऊ और रावतपुर में बैठकें हुईं। इनमें बंदी को सफल बनाने की लोगों से अपील की गई।