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सजेती दुष्कर्म कांड: सवालों के घेरे में पुलिस, सुबह से शाम तक बैठाया, तब दर्ज की रिपोर्ट
Thu, 11 Mar 2021 09:16 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, घाटमपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, घाटमपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 11 Mar 2021 09:16 AM IST
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घाटमपुर सामूहिक दुष्कर्म का मामला
- फोटो : अमर उजाला
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घाटमपुर के सजेती कांड में पुलिस सवालों के घेरे में है। पहले दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज करने में सुबह से शाम कर दिया। फिर रात में मेडिकल कराया और दोबारा पूरे परिवार को सीएचसी बुलवाया। यहीं पर पीड़िता को रातभर रखा। परिजन भी साथ में रहे।
घाटमपुर सामूहिक दुष्कर्म का मामला
- फोटो : अमर उजाला
अब सवाल है कि जब प्राथमिक मेडिकल हो गया था और बाकी जांच बुधवार सुबह होनीं थीं तो उनको सीएचसी में रात भर क्यों रोका गया। उच्चाधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। मृतका के चचेरे भाई ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब आठ बजे पीड़िता बदहवास हालत में घर पहुंची और आपबीती बताई।
घाटमपुर सामूहिक दुष्कर्म का मामला
- फोटो : अमर उजाला
करीब 11 बजे उसको लेकर परिजन सजेती थाने पहुंचे। थानेदार रावेंद्र मिश्रा केस दर्ज करने में टालमटोल करने लगे। कोर्ट में गवाही होने की बात कहकर चले गए। दोपहर बाद तीन बजे लौटे और यह कहकर चले गए कि एक हादसा हो गया है वहां जा रहे हैं। इसके बाद शाम को लौटे और छह बजे एफआईआर दर्ज की। तब तक आलाधिकारियों के संज्ञान में मामला पहुंच गया था।
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घाटमपुर सामूहिक दुष्कर्म का मामला
- फोटो : अमर उजाला
इस तरह लगवाते रहे चक्कर, सीएचसी में रोका
केस दर्ज करने के बाद पीड़िता को पुलिस लेकर घाटमपुर सीएचसी पहुंची। शुरुआती मेडिकल के बाद पौने आठ बजे डॉक्टरों ने मेडिकल के लिए कांशीराम अस्पताल चकेरी रेफर कर दिया। यहां पर डॉक्टरों ने जांच की। यहां से पीड़िता व उसके परिजन रात करीब 11 बजे सजेती थाने पहुंचे। परिजनों के मुताबिक कुछ देर बाद घाटमपुर पुलिस यह कहकर उनको ले गई कि सीओ घाटमपुर ने बुलाया है। फिर घाटमपुर सीएचसी में सभी को रुकवाया गया। पीड़िता को भी वहीं भर्ती कराया। पुलिस ने ऐसा क्यों किया, इसका जवाब नहीं है।
केस दर्ज करने के बाद पीड़िता को पुलिस लेकर घाटमपुर सीएचसी पहुंची। शुरुआती मेडिकल के बाद पौने आठ बजे डॉक्टरों ने मेडिकल के लिए कांशीराम अस्पताल चकेरी रेफर कर दिया। यहां पर डॉक्टरों ने जांच की। यहां से पीड़िता व उसके परिजन रात करीब 11 बजे सजेती थाने पहुंचे। परिजनों के मुताबिक कुछ देर बाद घाटमपुर पुलिस यह कहकर उनको ले गई कि सीओ घाटमपुर ने बुलाया है। फिर घाटमपुर सीएचसी में सभी को रुकवाया गया। पीड़िता को भी वहीं भर्ती कराया। पुलिस ने ऐसा क्यों किया, इसका जवाब नहीं है।
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घाटमपुर सामूहिक दुष्कर्म का मामला
- फोटो : अमर उजाला
सीओ और दो थानेदार की भूमिका संदिग्ध
परिजनों ने सीधेतौर पर घाटमपुर सीओ गिरीश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सीओ ने ही उनको बुलाया था। सीएचसी में सीओ और घाटमपुर थानेदार धनेश कुमार भी मौजूद थे। केस दर्ज करने में सजेती एसओ पहले ही लापरवाही बरत चुके थे।
परिजनों ने सीधेतौर पर घाटमपुर सीओ गिरीश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सीओ ने ही उनको बुलाया था। सीएचसी में सीओ और घाटमपुर थानेदार धनेश कुमार भी मौजूद थे। केस दर्ज करने में सजेती एसओ पहले ही लापरवाही बरत चुके थे।