उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के कमान संभालते ही भाजपा घोषणा पत्र में शामिल एंटी रोमियो स्कवॉड के लिए झटपट आदेश जारी कर दिया गया। एक दिन के अंदर डीजीपी के आदेश के बाद तमाम शहरों में एंटी रोमियों स्कवॉड सड़कों पर नजर भी आने लगी हैं।
पढ़िए योगी के एंटी रोमियो स्कवॉड के निगेटिव प्वाइंट, उठे ये बड़े सवाल
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लड़कियों के स्कूल और कॉलेज के पास से गुजरने वाले लड़कों से पूछताछ की जा रही है। उनके परिवार से फोन करके पूछताछ की जा रही है। ऐसे में आम लोगों को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अभियान के दौरान परेशानी झेलने वाले लोग बोलने लगे हैं भाजपा की सरकार बनने पर राज्य में वर्दी की हनक फिर से कायम की जा रही है। इससे सुरक्षा की जगह उल्टा भय कायम होगा। पुलिस भी भली भांति यह समझती है कि इससे कहीं न कहीं उनकी छवी नकारात्मक ही बन जाएगी।
एंटी रोमियो अभियान के खिलाफ विरोधी स्वर तेज
एंटी रोमियो स्कवॉड को अभी दो दिन भी पूरे नहीं हुए कि लोग अभी से परेशान होने लगे हैं। अभियान पर अभी से सवाल उठ खड़े हुए हैं। तमाम सवालों के साथ विरोधी स्वर तेज हो गए हैं।
अभियान के खिलाफ उठे ये सवाल
-पुलिस प्रशासन से यह सवाल किया जा रहा है कि आम लोगों को बिना तंग किए आप मनचलों की पहचान कैसे कर पाएंगे..?
-इस बात की क्या गारंटी है कि जो बेकसूर होगा उसको इस अभियान से कोई परेशानी नहीं होगी।
-इस अभियान का गलत इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
-कांग्रेस नेता रेणुका चौधरी ने सवाल उठाया कि इस अभियान की आड़ में कहीं किसी समुदाय विशेष के लोगों को निशाना न बना दिया जाए।
-इस अभियान को लेकर सरकार की मंशा पर भी उठा सवाल
-बिना मंथन किए और बिना रूपरेखा तैयार किए सरकार ने इतना बड़ा फैसला कैसे लिया इस पर उठा सवाल
-पुलिस पार्कों में जाकर युवक-युवतियों को बेवजह परेशान कर रही है।