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सुहानी मर्डर केसः एक झोपड़ी में महिलाओं और बच्चों के इतने कपड़े कहां से आए!
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 11 Feb 2018 08:47 AM IST
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सुहानी की फाइल फोटो, रोती बिलखती मां
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुरः ढाई साल की बच्ची सुहानी की गला रेतकर हत्या में पुलिस खुलासे के लगभग करीब है। पुलिस ने शक के आधार पर बस्ती के पांच लोगों को उठाकर पूछताछ की,जिसमें से एक 13 साल के किशोर की गला काटकर हत्या के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस को छानबीन में उसकी झोपड़ी से कई बच्चों और महिलाओं के कपड़े भी मिले हैं।
सुहानी की फाइल फोटो
परिजनों के रंजिश से इंकार के बाद पुलिस ने शक के आधार पर कच्ची बस्ती के पांच लोगों को उठाया। इनमें से दो मूलरूप से बांदा, तीसरा फतेहपुर, चौथा महोबा और पांचवां अनवरगंज के कुरियाना का निकला। पूछताछ में पता चला कि कुरियाना निवासी शख्स (52) 2010-2011 में बर्रा के गुंजन विहार के लाले उर्फ रोहित (13) का गला काटकर हत्या के मामले में जेल जा चुका है।
झोपड़ी से मिले बच्चों व महिलाओं के कपड़े
पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
कुरियाना, अनवरगंज निवासी शख्स के हत्या में जेल जाने की बात सामने आने के बाद पुलिस की जांच उस पर टिक गई। पुलिस ने उसकी झोपड़ी की तलाशी ली तो बच्चों और महिलाओं के कपड़े मिले, जबकि बस्ती के लोगों का कहना है वह सालों से अकेला रह रहा है। ये कपड़े किसके हैं, पुलिस छानबीन कर रही है। यह शख्स क्या काम-धंधा करता है, बस्ती वाले कुछ नहीं बता पाए।
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बच्चों को बांटता था टॉफी
डेमो पिक
पूछताछ में यह बात भी निकलकर सामने आई है कि कुरियाना निवासी शख्स बच्चों को टॉफी बांटता रहता था। इससे बस्ती के बच्चे उसके आस-पास टहलते रहते थे। पुलिस इस बिंदु पर भी छानबीन कर रही है कि कहीं वह टॉफी आदि देने के बहाने बच्चों का शोषण तो नहीं करता था।
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गले नहीं उतर रही शव बहकर पहुंचने की कहानी
सुहानी की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस बच्ची का शव बहकर ट्रीटमेंट प्लांट के चैंबर तक पहुंचने की बात कह रही है। पुलिस का कहना है कि बस्ती में एक चैंबर खुला है। हो सकता है कि हत्यारे ने हत्या के बाद चैंबर में शव फेंक दिया हो, जिससे शव बहकर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंच गया हो। जबकि हकीकत यह है कि शव 200 एमएलडी प्लांट के चैंबर में मिला, जिसमें पानी चार स्क्रीनिंग प्वाइंट से होकर गुजरता है। इसमें तीन मैनुअल और एक पुलीदार है। पुलीदार छोटी सी छोटी पॉलीथीन को भी निकालकर बाहर कर देता है। ऐसे में शव चैंबर तक कैसे पहुंचा, यह गले उतर नहीं रहा है।