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कन्नौज हादसा: छह लोगों की मौत, साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद निकाले जा सके शव, तस्वीरें
Sun, 14 Feb 2021 09:20 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 14 Feb 2021 09:20 AM IST
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कन्नौज हादसे में मृतकों की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर कन्नौज जिले के तालग्राम थाना इलाके में हुए हादसे में छह लोगों की मौत का मंजर देखने वालों की रूह कांप गई। ट्रक के पिछले हिस्से में क्षतिग्रस्त कार का अगला हिस्सा फंस गया था। करीब साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद कार से शवों को बाहर निकाला जा सका।
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर भीषण हादसा
- फोटो : अमर उजाला
किसी के शरीर में हरकत नहीं हो रही थी। यूपीडा के सुरक्षा अधिकारी मनोहर सिंह ने बताया कि कार के इंजन से लेकर छत और खिड़कियों के परखचे उड़ गए थे। घटनास्थल पर पहुंचने के बाद कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। सफलता नहीं मिली।
फगुआ भट्ठा के पास तिर्वा में खड़ी क्रेन को मंगाया गया। क्रेन की मदद से कार बाहर निकाली गई। इसके बाद कार के हिस्सों को काटकर शवों को बाहर निकाला गया। इसमें करीब साढ़े तीन घंटे लग गए। सुबह चार बजे मेडिकल कालेज तिर्वा में डॉक्टर ने सभी को मृत घोषित कर दिया। एसपी प्रशांत वर्मा ने बताया कि टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मौके पर ही सभी की मौत हो गई।
फगुआ भट्ठा के पास तिर्वा में खड़ी क्रेन को मंगाया गया। क्रेन की मदद से कार बाहर निकाली गई। इसके बाद कार के हिस्सों को काटकर शवों को बाहर निकाला गया। इसमें करीब साढ़े तीन घंटे लग गए। सुबह चार बजे मेडिकल कालेज तिर्वा में डॉक्टर ने सभी को मृत घोषित कर दिया। एसपी प्रशांत वर्मा ने बताया कि टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मौके पर ही सभी की मौत हो गई।
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर भीषण हादसा
- फोटो : अमर उजाला
ट्रक के चालकों और क्लीनर ने भी की मदद
हादसे के बाद आमतौर पर दूसरे वाहन के चालक-परिचालक/हेल्पर भाग जाते हैं। इस हादसे में ऐसा नहीं हुआ। ट्रक के दो चालकों और क्लीनर ने पुलिसकर्मियों का सहयोग किया। भागने के बजाय खुद हादसे की सूचना दी। कार में फंसे लोगों को निकालने में भी मदद की।
तमिलनाडु के धर्मपुरी हरूर निवासी बाबू पुत्र छोटे लाल ने बताया कि वह गुरुवार को ट्रक से केलों की खेप लखनऊ उतार कर आगरा जा रहे थे। ट्रक में दूसरे चालक चंदन बादशाह और क्लीनर कुंवर पुत्र मनी मौजूद थे। हादसे के बाद तीनों भागे नहीं। पुलिस की मदद की। पुलिस हिरासत में चालक ने बताया कि कोहरे के चलते वह धीमी गति से चल रहे थे। इस दौरान पीछे से कार घुस गई। पता तब चला जब तेज धमाका हुआ और ट्रक भारी हो गया।
हादसे के बाद आमतौर पर दूसरे वाहन के चालक-परिचालक/हेल्पर भाग जाते हैं। इस हादसे में ऐसा नहीं हुआ। ट्रक के दो चालकों और क्लीनर ने पुलिसकर्मियों का सहयोग किया। भागने के बजाय खुद हादसे की सूचना दी। कार में फंसे लोगों को निकालने में भी मदद की।
तमिलनाडु के धर्मपुरी हरूर निवासी बाबू पुत्र छोटे लाल ने बताया कि वह गुरुवार को ट्रक से केलों की खेप लखनऊ उतार कर आगरा जा रहे थे। ट्रक में दूसरे चालक चंदन बादशाह और क्लीनर कुंवर पुत्र मनी मौजूद थे। हादसे के बाद तीनों भागे नहीं। पुलिस की मदद की। पुलिस हिरासत में चालक ने बताया कि कोहरे के चलते वह धीमी गति से चल रहे थे। इस दौरान पीछे से कार घुस गई। पता तब चला जब तेज धमाका हुआ और ट्रक भारी हो गया।
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लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर भीषण हादसा
- फोटो : अमर उजाला
कई बार हुए हादसे, वजह तलाश रहे अफसर
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर कोहरे में सफर करने का मतलब जान जोखिम में डालना है। एक्सप्रेसवे पर कई जगह अक्सर हादसे होते हैं। शुक्रवार को बेहटा तिलकापुर के पास इस हादसे से पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। तीन फरवरी को इसी जगह खराब खड़ी बस में ट्रक ने टक्कर मार दी थी।
हादसे में यूपीडा के दो कर्मचारियों समेत चार की मौत हो गई थी। 25 लोग घायल हो गए थे। 18 दिसंबर 2020 को डीसीएम पलटने से मवेशी व्यापारी मनीष निवासी शमशाबाद आगरा की मौत हो गई थी। पांच व्यापारी घायल हुए थे। 29 मार्च 2020 को बिहार के छपरा निवासी बाइक सवार बसंत पुत्र अखिलेश गिरी की मौत हो गई थी। साथी सोनू व मोहित घायल हो गए थे। यूपीडा के सुरक्षा अधिकारी मनोहर सिंह ने बताया कि हादसों की वजह तलाशने का काम शुरू किया गया है। जल्द बेहटा गांव केे सामने दो किलोमीटर दायरे में संकेतक लगाए जाएंगे।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर कोहरे में सफर करने का मतलब जान जोखिम में डालना है। एक्सप्रेसवे पर कई जगह अक्सर हादसे होते हैं। शुक्रवार को बेहटा तिलकापुर के पास इस हादसे से पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। तीन फरवरी को इसी जगह खराब खड़ी बस में ट्रक ने टक्कर मार दी थी।
हादसे में यूपीडा के दो कर्मचारियों समेत चार की मौत हो गई थी। 25 लोग घायल हो गए थे। 18 दिसंबर 2020 को डीसीएम पलटने से मवेशी व्यापारी मनीष निवासी शमशाबाद आगरा की मौत हो गई थी। पांच व्यापारी घायल हुए थे। 29 मार्च 2020 को बिहार के छपरा निवासी बाइक सवार बसंत पुत्र अखिलेश गिरी की मौत हो गई थी। साथी सोनू व मोहित घायल हो गए थे। यूपीडा के सुरक्षा अधिकारी मनोहर सिंह ने बताया कि हादसों की वजह तलाशने का काम शुरू किया गया है। जल्द बेहटा गांव केे सामने दो किलोमीटर दायरे में संकेतक लगाए जाएंगे।
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इसी ट्रक में पीछे से घुसी थी कार
- फोटो : अमर उजाला
कार-ट्रक हादसे के मृतकों का ब्योरा
- हादसे का शिकार हुए मोहित लखनऊ में दोस्त प्रमोद यादव के साथ प्रापर्टी डीलिंग का काम करते थे।
- प्रमोद यादव लखनऊ में प्रापर्टी डीलिंग करते थे। घर में पत्नी खुशबू, एक बेटी और दो बेटा हैं। एक बेटा 10 माह का है।
- हादसे का शिकार ज्ञानेंद्र यादव अपने बहनोई विनोद यादव के भाई के साथ प्रापर्टी डीलिंग करते थे। अभी शादी नहीं हुई थी।
- हादसे का शिकार सोनू यादव मकान बनवाने का ठेका लेते थे। राजमिस्त्री और मजदूरों को लगाकर मकान बनवाते थे।
- सूरज, प्रमोद यादव के भतीजे थे। कक्षा सात के छात्र थे। परिवार के साथ पहली बार बालाजी के दर्शन करने जा रहे थे।
- सतेंद्र यादव लखनऊ में बीफार्मा कर रहे थे। वह शनिवार और रविवार को अवकाश के चलते चचेरे भाई के साथ बालाजी के दर्शन करने जा रहे थे।
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे सपा नेता, दी सांत्वना
एक्सप्रेसवे पर हादसे में लखनऊ के छह लोगों की मौत की जानकारी पर सपा नेता पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। इन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाने के साथ ही हर संभव मदद की। सपा नेता नवाब सिंह यादव, पूर्व सपा जिलाध्यक्ष मुन्ना दरोगा, सपा नेता संजय दुबे कई लोगों के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे।
- हादसे का शिकार हुए मोहित लखनऊ में दोस्त प्रमोद यादव के साथ प्रापर्टी डीलिंग का काम करते थे।
- प्रमोद यादव लखनऊ में प्रापर्टी डीलिंग करते थे। घर में पत्नी खुशबू, एक बेटी और दो बेटा हैं। एक बेटा 10 माह का है।
- हादसे का शिकार ज्ञानेंद्र यादव अपने बहनोई विनोद यादव के भाई के साथ प्रापर्टी डीलिंग करते थे। अभी शादी नहीं हुई थी।
- हादसे का शिकार सोनू यादव मकान बनवाने का ठेका लेते थे। राजमिस्त्री और मजदूरों को लगाकर मकान बनवाते थे।
- सूरज, प्रमोद यादव के भतीजे थे। कक्षा सात के छात्र थे। परिवार के साथ पहली बार बालाजी के दर्शन करने जा रहे थे।
- सतेंद्र यादव लखनऊ में बीफार्मा कर रहे थे। वह शनिवार और रविवार को अवकाश के चलते चचेरे भाई के साथ बालाजी के दर्शन करने जा रहे थे।
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे सपा नेता, दी सांत्वना
एक्सप्रेसवे पर हादसे में लखनऊ के छह लोगों की मौत की जानकारी पर सपा नेता पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। इन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाने के साथ ही हर संभव मदद की। सपा नेता नवाब सिंह यादव, पूर्व सपा जिलाध्यक्ष मुन्ना दरोगा, सपा नेता संजय दुबे कई लोगों के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे।